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एमएससी के नाम पर ‘धोखा’, छात्र-छात्राओं ने किया प्रदर्शन
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बरेली। एमएससी एप्लाइड केमिस्ट्री की डिग्री छात्र-छात्राओं के लिए सिर्फ कागज बनकर रह गई है। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि शिक्षा विभाग में नौकरी के लिए इस डिग्री को एमएससी की तरह मान्यता नहीं दी जा रही है। इससे गुस्साए छात्र-छात्राओं ने एबीवीपी के साथ मंगलवार को विश्वविद्यालय में प्रशासनिक भवन पर धरना प्रदर्शन किया।
एबीवीपी के साथ विरोध प्रदर्शन को पहुंचे छात्र-छात्राओं ने बताया रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स एमएससी एप्लाइड केमिस्ट्री वर्ष 2010 से संचालित है। इस कोर्स में यहां 30 सीटें हैं और कोर्स की फीस करीब 60 हजार रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएससी एप्लाइड केमिस्ट्री को एमएससी केमिस्ट्री के बराबर ही बताकर विश्वविद्यालय ने उन्हें धोखा दिया। अब जब वे लोग यूपीएससी, टीजीटी, पीजीटी, नवोदय विद्यालय या केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक की नौकरी के लिए पहुंचते हैं तो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में उनकी डिग्री को रिजेक्ट कर दिया जाता है। कहा जाता है कि यह डिग्री सिर्फ इंडस्ट्रियल सेक्टर में चलेगी, एजुकेशन में नहीं, जबकि डिग्री पर उन्हें एप्लाइड केमिस्ट्री/ केमिस्ट्री लिखकर दिया गया है। एबीवीपी के राहुल चौहान और गौरव यादव ने कहा कि एप्लाइड कोर्स को उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा (यूपीएचईएससी) आयोग से बाहर कर दिया गया है, जिससे वे उच्च शिक्षण संस्थानों में नौकरी नहीं पा सकते हैं।
कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने उनकी बात सुनी और कहा कि अगर छात्र-छात्राएं चाहें तो वह उनकी बात लिखकर यूपीएचईएससी को भेज सकते हैं। इसके बाद वहां काफी देर तक बहस होती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
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नंबर गेम की कार्रवाई में गोलमाल, एबीवीपी ने दिया धरना
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पिछले दिनों रुपये लेकर मूल्यांकन में धांधली करने का मामला सामने आया था। एबीवीपी ने कुलपति से शिकायत करके इस मामले का भंडाफोड़ किया। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। गड़बड़ी में जिन तीन कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी, उनका पटल बदलकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस मामले को लेकर भी एबीवीपी ने कुलपति का घेराव किया तो उन्होंने जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके अलावा बीपीएड में चल रहे यूएफएम प्रकरण में भी दस दिन में कार्रवाई न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन के चलते, हटाए गए गमले
विश्वविद्यालय में पूर्व में हुए प्रदर्शन के दौरान अक्सर गमले तोड़े गए हैं। इसके चलते मंगलवार को जब प्रदर्शन की बारी आई तो स्टाफ ने प्रशासनिक भवन के बाहर रखे गमले हटा दिए।
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एबीवीपी के साथ विरोध प्रदर्शन को पहुंचे छात्र-छात्राओं ने बताया रुहेलखंड विश्वविद्यालय में सेल्फ फाइनेंस कोर्स एमएससी एप्लाइड केमिस्ट्री वर्ष 2010 से संचालित है। इस कोर्स में यहां 30 सीटें हैं और कोर्स की फीस करीब 60 हजार रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएससी एप्लाइड केमिस्ट्री को एमएससी केमिस्ट्री के बराबर ही बताकर विश्वविद्यालय ने उन्हें धोखा दिया। अब जब वे लोग यूपीएससी, टीजीटी, पीजीटी, नवोदय विद्यालय या केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक की नौकरी के लिए पहुंचते हैं तो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में उनकी डिग्री को रिजेक्ट कर दिया जाता है। कहा जाता है कि यह डिग्री सिर्फ इंडस्ट्रियल सेक्टर में चलेगी, एजुकेशन में नहीं, जबकि डिग्री पर उन्हें एप्लाइड केमिस्ट्री/ केमिस्ट्री लिखकर दिया गया है। एबीवीपी के राहुल चौहान और गौरव यादव ने कहा कि एप्लाइड कोर्स को उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा (यूपीएचईएससी) आयोग से बाहर कर दिया गया है, जिससे वे उच्च शिक्षण संस्थानों में नौकरी नहीं पा सकते हैं।
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कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने उनकी बात सुनी और कहा कि अगर छात्र-छात्राएं चाहें तो वह उनकी बात लिखकर यूपीएचईएससी को भेज सकते हैं। इसके बाद वहां काफी देर तक बहस होती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
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नंबर गेम की कार्रवाई में गोलमाल, एबीवीपी ने दिया धरना
रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पिछले दिनों रुपये लेकर मूल्यांकन में धांधली करने का मामला सामने आया था। एबीवीपी ने कुलपति से शिकायत करके इस मामले का भंडाफोड़ किया। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई, लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। गड़बड़ी में जिन तीन कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी, उनका पटल बदलकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस मामले को लेकर भी एबीवीपी ने कुलपति का घेराव किया तो उन्होंने जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके अलावा बीपीएड में चल रहे यूएफएम प्रकरण में भी दस दिन में कार्रवाई न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रदर्शन के चलते, हटाए गए गमले
विश्वविद्यालय में पूर्व में हुए प्रदर्शन के दौरान अक्सर गमले तोड़े गए हैं। इसके चलते मंगलवार को जब प्रदर्शन की बारी आई तो स्टाफ ने प्रशासनिक भवन के बाहर रखे गमले हटा दिए।