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स्कूल फीस में राहत मिलेगी या नहीं.. फैसला आज
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बरेली। निजी स्कूल नए शिक्षा सत्र में भी मनमाना शुल्क वसूल कर अभिभावकों को परेशान करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रख रहे। स्कूलों की इस मनमानी पर प्रशासन की ओर से आज शिकं जा कसे जाने की संभावना है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रस्तावित जिला शुल्क निर्धारण कमेटी की बैठक से अभिभावकों को खासी उम्मीदें है।
पिछले साल शासन की ओर से शुल्क अध्यादेश लागू होने के बाद भी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग रहा है। दिसंबर 2018 के बाद से शुल्क निर्धारण समिति की बैठक ही नहीं हुई। अब गुरुवार को बैठक में 24 निजी स्कूलों की दोबारा हुई जांच की रिपोर्ट, दाखिले, यूनिफार्म, कोर्स नहीं बदलने, दुकान की बाध्यता नहीं करने समेत नौ बिंदुओं पर चर्चा होगी। अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अंकुर सक्सेना टीम के सदस्य हैं। उन्होंने बैठक में स्कूलों की मनमानी पर इस बार अंकुश लगाने का फैसला होने और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई है। बताया कि सात सदस्यीय कमेटी में शामिल तीन सदस्यों के चुनाव के बाद बिंदुवार चर्चा शुरू होगी। उन्होंने इस बैठक में निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही, डीआईओएस पर डीएम के आदेश के बावजूद नियमित बैठक नहीं करने पर नाराजगी जताई है।
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पिछले साल शासन की ओर से शुल्क अध्यादेश लागू होने के बाद भी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लग रहा है। दिसंबर 2018 के बाद से शुल्क निर्धारण समिति की बैठक ही नहीं हुई। अब गुरुवार को बैठक में 24 निजी स्कूलों की दोबारा हुई जांच की रिपोर्ट, दाखिले, यूनिफार्म, कोर्स नहीं बदलने, दुकान की बाध्यता नहीं करने समेत नौ बिंदुओं पर चर्चा होगी। अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अंकुर सक्सेना टीम के सदस्य हैं। उन्होंने बैठक में स्कूलों की मनमानी पर इस बार अंकुश लगाने का फैसला होने और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई है। बताया कि सात सदस्यीय कमेटी में शामिल तीन सदस्यों के चुनाव के बाद बिंदुवार चर्चा शुरू होगी। उन्होंने इस बैठक में निर्णय न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही, डीआईओएस पर डीएम के आदेश के बावजूद नियमित बैठक नहीं करने पर नाराजगी जताई है।
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