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बीएड- गरीब सवर्णों के लिए लेट हो सकता है शैक्षिक सत्र
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बरेली। बीएड में गरीब सवर्णों के आरक्षण को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। शासन ने इसे लागू करने की अनुमति दे दी है, लेकिन एडमिशन के लिए तिथि आगे नहीं बढ़ाई है। कहा जा रहा है कि अगर इनकी एडमिशन प्रक्रिया समय से नहीं निपटी तो इसका सत्र भी समय से पूरा नहीं हो पाएगा।
बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का आदेश देरी से मिलने के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका है। इसकी प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी हो चुकी है। चूंकि शासन के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय को इसे अनिवार्य रूप से लागू करना है, लेकिन प्रवेश की तिथि निकलने के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन असमंजस की स्थिति में है। ऐसे में एडमिशन तिथि आगे बढ़ाने के लिए शासन की अनुमति जरूरी है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन तीन दिन पहले शासन को पत्र लिख चुका है, मगर अब तक कोई आदेश नहीं मिला है। इसके चलते गरीब सवर्णों के लिए बढ़ने वाली 20 हजार से अधिक सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। इसके अलावा अन्य तमाम पेंच भी हैं, जिसके चलते विश्वविद्यालय शासन की गाइडलाइंस का इंतजार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर इनकी प्रवेश प्रक्रिया जल्दी पूरी नहीं की गई तो शैक्षिक सत्र भी समय से पूरा होना मुश्किल होगा।
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बीएड में गरीब सवर्णों को आरक्षण देने का आदेश देरी से मिलने के चलते इसे लागू नहीं किया जा सका है। इसकी प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी हो चुकी है। चूंकि शासन के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय को इसे अनिवार्य रूप से लागू करना है, लेकिन प्रवेश की तिथि निकलने के चलते विश्वविद्यालय प्रशासन असमंजस की स्थिति में है। ऐसे में एडमिशन तिथि आगे बढ़ाने के लिए शासन की अनुमति जरूरी है। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन तीन दिन पहले शासन को पत्र लिख चुका है, मगर अब तक कोई आदेश नहीं मिला है। इसके चलते गरीब सवर्णों के लिए बढ़ने वाली 20 हजार से अधिक सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। इसके अलावा अन्य तमाम पेंच भी हैं, जिसके चलते विश्वविद्यालय शासन की गाइडलाइंस का इंतजार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर इनकी प्रवेश प्रक्रिया जल्दी पूरी नहीं की गई तो शैक्षिक सत्र भी समय से पूरा होना मुश्किल होगा।
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