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हैनीमन की जीवनी पर डाला प्रकाश
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बरेली। होम्योपैथिक डाक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जनक डा. क्रिश्चियन फैड्रिक सैमुअल हैनीमन की 176 वीं पुण्यतिथि पर गोष्ठी का आयोजित कर उनकी जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सेंट राम स्वरूप कान्वेंट नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में आयोजित गोष्ठी में चिकित्सकों ने कहा कि डा. हैनीमन ने स्वयं अपने परीक्षण कर सम: सम्यक संपति का सिद्धांत दिया। जिस पर होम्योपैथी टिकी हुई है। इसी सिद्धांत के कारण होम्योपैथी से उन बीमारियों का भी इलाज संभव है जिन बीमारियों का पता नहीं कि वे किन कारणों से होती हैं। इससे मनोरोग व जैनेटिक बीमारियों का भी स्थाई इलाज संभव है।
गोष्ठी के बाद चिकित्सकों ने पीपल, नीम, अशोक, शहतूत व मोरपंखी के पौधे रोपित किए। गोष्ठी की अध्यक्षता डा. दीपक सक्सेना ने व संचालन महामंत्री डा. योगेश शंखधार ने किया। इस मौके पर विश्वमित्र पाठक, डा. आरबी चौधरी, एसी सक्सेना, डा. प्रवीण, डा. मोहनी राठी आदि मौजूद रहे।
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सेंट राम स्वरूप कान्वेंट नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में आयोजित गोष्ठी में चिकित्सकों ने कहा कि डा. हैनीमन ने स्वयं अपने परीक्षण कर सम: सम्यक संपति का सिद्धांत दिया। जिस पर होम्योपैथी टिकी हुई है। इसी सिद्धांत के कारण होम्योपैथी से उन बीमारियों का भी इलाज संभव है जिन बीमारियों का पता नहीं कि वे किन कारणों से होती हैं। इससे मनोरोग व जैनेटिक बीमारियों का भी स्थाई इलाज संभव है।
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गोष्ठी के बाद चिकित्सकों ने पीपल, नीम, अशोक, शहतूत व मोरपंखी के पौधे रोपित किए। गोष्ठी की अध्यक्षता डा. दीपक सक्सेना ने व संचालन महामंत्री डा. योगेश शंखधार ने किया। इस मौके पर विश्वमित्र पाठक, डा. आरबी चौधरी, एसी सक्सेना, डा. प्रवीण, डा. मोहनी राठी आदि मौजूद रहे।
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