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Bareilly News: दो महीने में भी तय नहीं हो सके ई-रिक्शा के रूट, अस्थाई स्टैंड बनाकर भूले अफसर
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बरेली। शहर में बेतरतीब ई-रिक्शा का संचालन कई स्थानों पर जाम का कारण बन रहा है। ट्रैफिक पुलिस दो महीने में भी ई-रिक्शाें की कलर कोडिंग और रूट तय नहीं कर सकी। विभिन्न 25 स्थानों पर अस्थाई ठहराव स्टैंड बनाने के बाद अधिकारी भूल गए हैं। इन स्टैंड पर ई-रिक्शा के संचालन स्थान पर स्ट्रीट फूड की दुकानें सज गई हैं। जनसेवा ई-रिक्शा यूनियन की ओर से एसपी ट्रैफिक को रूटों की सूची भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
शहर में ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम से छुटकारे के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इस बैठक में ई-रिक्शा संचालन के लिए शहर में छह रूट तय किए गए थे। 25 स्थानों पर अस्थाई ठहराव स्थल के बोर्ड भी लगा दिए गए। इसके बावजूद कालीबाड़ी और श्यामगंज चौकी व बरेली कॉलेज के पास समेत विभिन्न स्थानों पर बनाए गए स्टैंडों का उपयोग नहीं हो रहा। स्टैंड की बजाय ई-रिक्शा दूसरे स्थानों पर बेतरतीब खड़े होते हैं। श्यामगंज चौराहे पर दोनों ओर व मौलाना आजाद कॉलेज के पास अव्यवस्थित खड़े होने वाले ई-रिक्शा जाम का कारण बनते हैं।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से मनमाने ढंग से तय किए गए रूटों का भी ई-रिक्शा यूनियन ने विरोध किया था। शहर में धरना-प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद तय किया गया था कि दोनों पक्ष मिलकर रूट तय करेंगे, लेकिन पूरा मामला ही ठंडे बस्ते में चला गया।
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डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री ने भी लिया संज्ञान
- शहर में ई-रिक्शा के रूट तय किए जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस और जनसेवा ई-रिक्शा यूनियन के बीच करीब 20 दिन तकरार चली थी। ट्रैफिक पुलिस की मनमानी की शिकायत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी की गई थी। डिप्टी सीएम ने संज्ञान लेते हुए ट्रैफिक पुलिस को शिकायत के निस्तारण के आदेश भी दिए थे। ई-रिक्शा यूनियन ने एसपी ट्रैफिक को प्रस्तावित रूटों की सूची भी सौंप दी थी। इस सूची पर सीओ ट्रैफिक के निर्देशन में परिवहन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ सर्वे होना था, लेकिन रूट तय करने के लिए अभी सर्वे तक शुरू नहीं किया गया है।
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शहर में ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम से छुटकारे के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई थी। इस बैठक में ई-रिक्शा संचालन के लिए शहर में छह रूट तय किए गए थे। 25 स्थानों पर अस्थाई ठहराव स्थल के बोर्ड भी लगा दिए गए। इसके बावजूद कालीबाड़ी और श्यामगंज चौकी व बरेली कॉलेज के पास समेत विभिन्न स्थानों पर बनाए गए स्टैंडों का उपयोग नहीं हो रहा। स्टैंड की बजाय ई-रिक्शा दूसरे स्थानों पर बेतरतीब खड़े होते हैं। श्यामगंज चौराहे पर दोनों ओर व मौलाना आजाद कॉलेज के पास अव्यवस्थित खड़े होने वाले ई-रिक्शा जाम का कारण बनते हैं।
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ट्रैफिक पुलिस की ओर से मनमाने ढंग से तय किए गए रूटों का भी ई-रिक्शा यूनियन ने विरोध किया था। शहर में धरना-प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद तय किया गया था कि दोनों पक्ष मिलकर रूट तय करेंगे, लेकिन पूरा मामला ही ठंडे बस्ते में चला गया।
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डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री ने भी लिया संज्ञान
- शहर में ई-रिक्शा के रूट तय किए जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस और जनसेवा ई-रिक्शा यूनियन के बीच करीब 20 दिन तकरार चली थी। ट्रैफिक पुलिस की मनमानी की शिकायत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी की गई थी। डिप्टी सीएम ने संज्ञान लेते हुए ट्रैफिक पुलिस को शिकायत के निस्तारण के आदेश भी दिए थे। ई-रिक्शा यूनियन ने एसपी ट्रैफिक को प्रस्तावित रूटों की सूची भी सौंप दी थी। इस सूची पर सीओ ट्रैफिक के निर्देशन में परिवहन और नगर निगम के अधिकारियों के साथ सर्वे होना था, लेकिन रूट तय करने के लिए अभी सर्वे तक शुरू नहीं किया गया है।