{"_id":"68c8772ce67fb1c27f088b7c","slug":"due-to-the-carelessness-of-the-protectors-the-existence-of-ponds-is-in-danger-bareilly-news-c-4-1-bly1039-709427-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: रक्षकों की बेपरवाही से तालाबों के अस्तित्व पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: रक्षकों की बेपरवाही से तालाबों के अस्तित्व पर संकट
विज्ञापन
तालाब पर अतिक्रमण। संवाद
एक साल बाद भी स्थिति जस की तस, कागजों में हो रही कार्रवाई
फरीदपुर। कस्बा व आसपास क्षेत्र के तालाबों को एक साल बाद भी अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका है। कार्रवाई के नाम खानापूर्ति से इन तालाबों के अस्तित्व पर अब संकट मंडराने लगा है।
लोगों के अनुसार कस्बे में करीब चार तालाब हैं, जिन पर कब्जा हो रहा है। नगर पालिका इन तालाबों की संरक्षक है। तालाब को संरक्षित रखने के लिए नगर पालिका कोई प्रयास नहीं कर रही है। कस्बे के मोहल्ला परा में कई तालाब है, जो कि राजस्व अभिलेखों में तो तालाब के नाम पर दर्ज है। उनमें से कुछ तालाब धरातल पर है ही नहीं। उन पर कब्जे हो गए हैं। वहीं पर एक 34 बीघा का तालाब राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। उस तालाब की आकृति राजस्व नक्शे में कुल 17 बीघा ही है। इसी बात का फायदा उठाते हुए भू-माफिया तालाब पर कब्जा कर लगातार भूखंड बेच रहे हैं। सरकारी तालाब की जमीन पर लोगों ने पक्के निर्माण करा लिए हैं।
नक्शा संशोधन का काम अटका
कस्बे के जागरूक लोगों ने नक्शा संशोधन करने का मुद्दा उठाया और शिकायतें कीं, तब नगर पालिका ने तालाब का नक्शा संशोधन कराने के लिए बरेली कलक्ट्रेट भेजा। वहीं, कस्बे में नेशनल हाईवे के किनारे स्थित तालाब खजुआ तालाब के नाम से जाना जाता है। खजुआ तालाब भी राजस्व खतौनी में करीब 13 बीघा है। नक्शे में उसकी दो बीघे की आकृति कम है। इसका फायदा उठाते हुए उसपर कब्जा होता जा रहा है। इस तालाब का भी नक्शा नगर पालिका ने संशोधन के लिए भेजा है। अब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पैरवी के अभाव में नक्शा ठीक नहीं हो पाया है। संवाद
विज्ञापन
--
उन्हें अभी तालाबों के संबंध में जानकारी नहीं है। जानकारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- पुनीत कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, फरीदपुर
विज्ञापन
फरीदपुर। कस्बा व आसपास क्षेत्र के तालाबों को एक साल बाद भी अतिक्रमणमुक्त नहीं कराया जा सका है। कार्रवाई के नाम खानापूर्ति से इन तालाबों के अस्तित्व पर अब संकट मंडराने लगा है।
लोगों के अनुसार कस्बे में करीब चार तालाब हैं, जिन पर कब्जा हो रहा है। नगर पालिका इन तालाबों की संरक्षक है। तालाब को संरक्षित रखने के लिए नगर पालिका कोई प्रयास नहीं कर रही है। कस्बे के मोहल्ला परा में कई तालाब है, जो कि राजस्व अभिलेखों में तो तालाब के नाम पर दर्ज है। उनमें से कुछ तालाब धरातल पर है ही नहीं। उन पर कब्जे हो गए हैं। वहीं पर एक 34 बीघा का तालाब राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। उस तालाब की आकृति राजस्व नक्शे में कुल 17 बीघा ही है। इसी बात का फायदा उठाते हुए भू-माफिया तालाब पर कब्जा कर लगातार भूखंड बेच रहे हैं। सरकारी तालाब की जमीन पर लोगों ने पक्के निर्माण करा लिए हैं।
विज्ञापन
नक्शा संशोधन का काम अटका
कस्बे के जागरूक लोगों ने नक्शा संशोधन करने का मुद्दा उठाया और शिकायतें कीं, तब नगर पालिका ने तालाब का नक्शा संशोधन कराने के लिए बरेली कलक्ट्रेट भेजा। वहीं, कस्बे में नेशनल हाईवे के किनारे स्थित तालाब खजुआ तालाब के नाम से जाना जाता है। खजुआ तालाब भी राजस्व खतौनी में करीब 13 बीघा है। नक्शे में उसकी दो बीघे की आकृति कम है। इसका फायदा उठाते हुए उसपर कब्जा होता जा रहा है। इस तालाब का भी नक्शा नगर पालिका ने संशोधन के लिए भेजा है। अब एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पैरवी के अभाव में नक्शा ठीक नहीं हो पाया है। संवाद
विज्ञापन
उन्हें अभी तालाबों के संबंध में जानकारी नहीं है। जानकारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- पुनीत कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, फरीदपुर