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Bareilly News: बनते ही दम तोड़ गई पेयजल योजना
Mon, 01 May 2023 01:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 01 May 2023 01:42 AM IST
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30बीडीएन23-शहर में बना ओवरहेड टैंक।संवाद
बदायूं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से वर्ष 2016 में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तैयार की गई योजना धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ गई। हर बार की तरह इस बार भी गर्मी में लोगों को फिर से पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। योजना के तहत सभी नलकूप ऑपरेटरों के भरोसे न होकर ऑनलाइन संचालित होने थे। इसके लिए नोएडा की एक कंपनी से करार भी हुआ था, लेकिन योजना कागजों में ही सिमट कर रह गई।
गर्मी का सीजन शुरू होते ही सबसे ज्यादा जरूरत पानी की ही होती है। शहर में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप गर्मी में अक्सर धोखा दे जाते हैं तो पालिका द्वारा लगवाए गए वाटर कूलर तो गायब ही हो चुके हैं। ऐसे में गर्मी के सीजन में पेयजल समस्या बढ़ गई है। एक वजह ये भी है कि बिजली कटौती ज्यादा होने के कारण नलकूप समय पर नहीं चल पाते तो कभी-कभी नलकूपों पर तैनात ऑपरेटर लापरवाही करते हैं। नलकूप न चलने की वजह से ओवरहेड टैंक नहीं भर पाते और कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति का संकट आ जाता है।
इस संकट को दूर करने के लिए साल 2016 में नगर पालिका प्रशासन ने ई-पेयजल योजना तैयार की थी। योजना के मुताबिक नगर पालिका परिषद के सभी नलकूप ऑनलाइन होने थे, ताकि नलकूप ऑपरेटर के भरोसे न रहें। इस सिस्टम को एक साथ ऑपरेट करने के लिए नगर पालिका परिसर में ही कंट्रोल रूम बनना था, जहां से एक ही ऑपरेटर सभी नलकूपों को संचालित कर सके। बाकी ऑपरेटरों को शहरवासियों की अन्य समस्याओं के समाधान को लगाया जाता।
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योजना पर शुरुआत में तेजी से कार्य हुआ। नोएडा की कार्यदायी संस्था से इस सिस्टम को चालू करने के लिए करार हुआ, लेकिन बाद में यह करार किसी कारणवश तोड़ दिया गया। तब से यह योजना भी खटाई में पड़ी हुई है। इस पर पुनर्विचार करने की भी जरूरत नहीं समझी गई।
फैक्ट फाइल
- शहर में कुल ओवरहेड टैंक 9
- कुल नलकूप 25
- कनेक्शन धारक 23881
- शहर में लगे हैंडपंप 590
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- यह पुराना प्रस्ताव है। मगर, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर में पानी की किल्लत काफी हद तक दूर हो सकती है। कर्मचारियों से प्रस्ताव को मंगवाकर इस पर कार्य कराया जाएगा। - डॉ. दीप कुमार, ईओ नगर पालिका
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गर्मी का सीजन शुरू होते ही सबसे ज्यादा जरूरत पानी की ही होती है। शहर में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप गर्मी में अक्सर धोखा दे जाते हैं तो पालिका द्वारा लगवाए गए वाटर कूलर तो गायब ही हो चुके हैं। ऐसे में गर्मी के सीजन में पेयजल समस्या बढ़ गई है। एक वजह ये भी है कि बिजली कटौती ज्यादा होने के कारण नलकूप समय पर नहीं चल पाते तो कभी-कभी नलकूपों पर तैनात ऑपरेटर लापरवाही करते हैं। नलकूप न चलने की वजह से ओवरहेड टैंक नहीं भर पाते और कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति का संकट आ जाता है।
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इस संकट को दूर करने के लिए साल 2016 में नगर पालिका प्रशासन ने ई-पेयजल योजना तैयार की थी। योजना के मुताबिक नगर पालिका परिषद के सभी नलकूप ऑनलाइन होने थे, ताकि नलकूप ऑपरेटर के भरोसे न रहें। इस सिस्टम को एक साथ ऑपरेट करने के लिए नगर पालिका परिसर में ही कंट्रोल रूम बनना था, जहां से एक ही ऑपरेटर सभी नलकूपों को संचालित कर सके। बाकी ऑपरेटरों को शहरवासियों की अन्य समस्याओं के समाधान को लगाया जाता।
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योजना पर शुरुआत में तेजी से कार्य हुआ। नोएडा की कार्यदायी संस्था से इस सिस्टम को चालू करने के लिए करार हुआ, लेकिन बाद में यह करार किसी कारणवश तोड़ दिया गया। तब से यह योजना भी खटाई में पड़ी हुई है। इस पर पुनर्विचार करने की भी जरूरत नहीं समझी गई।
फैक्ट फाइल
- शहर में कुल ओवरहेड टैंक 9
- कुल नलकूप 25
- कनेक्शन धारक 23881
- शहर में लगे हैंडपंप 590
- यह पुराना प्रस्ताव है। मगर, इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर में पानी की किल्लत काफी हद तक दूर हो सकती है। कर्मचारियों से प्रस्ताव को मंगवाकर इस पर कार्य कराया जाएगा। - डॉ. दीप कुमार, ईओ नगर पालिका