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Bareilly News: पारिवारिक चुनौतियों को दर्शाता है नाटक ‘भंवर’
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बरेली। एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार को नाटक ‘भंवर’ का मंचन किया गया। जो पारिवारिक चुनौतियों को दर्शाते हुए जीवन का संदेश देता है।
डाॅ. प्रभाकर गुप्ता का नाट्य रूपांतरित इस नाटक के संवाद अश्वनी कुमार ने लिखे और निर्देशन विनायक कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस नाटक में कर्ज और उससे होने वाली परेशानी को दिखाया गया। इसकी कहानी छोटे शहर से नौकरी करने बड़े शहर आई तान्या के इर्द गिर्द घूमती है। जो कर्ज से परेशान हो फांसी लगा जान देने की तैयारी कर रही होती है। उसी समय दरवाजे की घंटी बजती है। वह दरवाजा खोलती है और सामने एक डिलीवरी बॉय को देखती है। तान्या अनमने मन से उससे पार्सल लेती है। लड़का प्यास लगने के कारण तान्या से पानी मांगता है। तान्या पानी लेने जाती है तभी लड़के की नजर कमरे में लगे पंखे से लटक रहे फंदे पर पड़ती है। लड़का तान्या से फांसी की वजह जानना चाहता है। तान्या उसे इसका कारण बताती है।
इस पर डिलीवरी बॉय तान्या को अपनी कहानी सुनाता है। वो बताता है कि वह भी परेशान होकर आत्महत्या करने जा रहा था, तो उसके पिता ने उसे किस तरह बचाया। अंत में डिलीवरी बॉय तान्या को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति देता है और कहता है कि जब भी आप परेशान हों, तो इस इसका पाठ करें। नाटक हर समस्या से लड़ने का संदेश देकर समाप्त हो जाता है। इसमें मुख्य किरदार हरीम फातिमा और शहजिन खान ने निभाया। डिलीवरी बॉय की भूमिका में गौरव कार्की दर्शकों के सामने आए।
इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, सुभाष मेहरा, गुरु मेहरोत्रा, डा. एमएस बुटोला, डा. मनोज टांगड़ी, डा. प्रभाकर गुप्ता आदि उपस्थित रहे। संवाद
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डाॅ. प्रभाकर गुप्ता का नाट्य रूपांतरित इस नाटक के संवाद अश्वनी कुमार ने लिखे और निर्देशन विनायक कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस नाटक में कर्ज और उससे होने वाली परेशानी को दिखाया गया। इसकी कहानी छोटे शहर से नौकरी करने बड़े शहर आई तान्या के इर्द गिर्द घूमती है। जो कर्ज से परेशान हो फांसी लगा जान देने की तैयारी कर रही होती है। उसी समय दरवाजे की घंटी बजती है। वह दरवाजा खोलती है और सामने एक डिलीवरी बॉय को देखती है। तान्या अनमने मन से उससे पार्सल लेती है। लड़का प्यास लगने के कारण तान्या से पानी मांगता है। तान्या पानी लेने जाती है तभी लड़के की नजर कमरे में लगे पंखे से लटक रहे फंदे पर पड़ती है। लड़का तान्या से फांसी की वजह जानना चाहता है। तान्या उसे इसका कारण बताती है।
इस पर डिलीवरी बॉय तान्या को अपनी कहानी सुनाता है। वो बताता है कि वह भी परेशान होकर आत्महत्या करने जा रहा था, तो उसके पिता ने उसे किस तरह बचाया। अंत में डिलीवरी बॉय तान्या को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति देता है और कहता है कि जब भी आप परेशान हों, तो इस इसका पाठ करें। नाटक हर समस्या से लड़ने का संदेश देकर समाप्त हो जाता है। इसमें मुख्य किरदार हरीम फातिमा और शहजिन खान ने निभाया। डिलीवरी बॉय की भूमिका में गौरव कार्की दर्शकों के सामने आए।
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इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक व चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऋचा मूर्ति, सुभाष मेहरा, गुरु मेहरोत्रा, डा. एमएस बुटोला, डा. मनोज टांगड़ी, डा. प्रभाकर गुप्ता आदि उपस्थित रहे। संवाद
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