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डॉ. नीलिमा कुलपति बनने वाली विवि की पहली प्रोफेसर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Mon, 19 Feb 2018 09:08 PM IST
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Dr Neelima
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 44 साल के इतिहास में पहला मौका है जब यहां का कोई प्रोफेसर कुलपति बना है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली डॉ. नीलिमा गुप्ता पहली प्रोफेसर बन गई हैं। राज्यपाल ने रविवार को उन्हें छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर का कुलपति नियुक्त किया। हालांकि उनसे पहले यहां के दो प्रोफेसर कुलपति जरूर बने, लेकिन यहां से दूसरे विश्वविद्यालय में नियुक्ति के बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की।
प्रो. नीलिमा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एमएससी की गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने पीएचडी भी वहीं से की। 1985 में उनकी नियुक्ति एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एनिमल साइंस विभाग में हुई। नेशनल और इंटरनेशनल रिसर्च जनरल में उनके 200 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। आज उनकी पहचान परजीवियों पर किए गए अच्छी रिसर्च से होती है। मछली में पाए जाने वाले परजीवी इंसानों में कैंसर का कारण बन सकते हैं, उन्होंने ही शोध में साबित किया। अब तक 16 पीएचडी उनके अंडर में हो चुकी हैं। प्रो. गुप्ता को पिछले साल ही प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान सरस्वती सम्मान से नवाजा गया था। वह पिछले साल ही सेवानिवृत्ति हो गई थी, पुरस्कार मिलने के बाद उनको दो साल का सेवा विस्तार का लाभ मिला। 2015 में उनको विज्ञान रत्न और 2016 में उनको ई. के जानकी अम्मल नेशनल अवार्ड से नवाजा गया। पिछले 7-8 वर्षों से वह रामगंगा में बढ़ रहे प्रदूषण पर शोध कर रही हैं।
रिसर्च को बढ़ावा देना रहेगा प्राथमिकता
कुलपति बनने के बाद प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि एक विश्वविद्यालय की पहचान वहां होने वाले रिसर्च वर्क से होती है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नियुक्ति से लेकर अबतक उनका पूरा फोकस रिसर्च पर रहा। उन्होंने बताया कि कानपुर विश्वविद्यालय में भी उनका पूरा फोकस रिसर्च पर रहेगा। रिसर्च के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की अलग पहचान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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कुलपति और शिक्षक संघ ने दी बधाई
कुलपति बनने के बाद प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता को कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के बाकी शिक्षक भी रिसर्च पर फोकस करें। शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें। यही सीढ़ी है इस मुकाम तक पहुंचने की। विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय बहादुर, प्रोफेसर अभय सिंह, डॉ. मनोज, प्रोफेसर बीआर कुकरेती समेत कई शिक्षकों ने उनको बधाई दी। बरेली कॉलेज शिक्षक संघ के डॉ. वीपी सिंह, डॉ. स्वदेश सिंह ने बधाई दी। उनके अलाव बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. योगेश आदि ने बधाई दी।
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प्रो. नीलिमा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एमएससी की गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। उन्होंने पीएचडी भी वहीं से की। 1985 में उनकी नियुक्ति एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एनिमल साइंस विभाग में हुई। नेशनल और इंटरनेशनल रिसर्च जनरल में उनके 200 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। आज उनकी पहचान परजीवियों पर किए गए अच्छी रिसर्च से होती है। मछली में पाए जाने वाले परजीवी इंसानों में कैंसर का कारण बन सकते हैं, उन्होंने ही शोध में साबित किया। अब तक 16 पीएचडी उनके अंडर में हो चुकी हैं। प्रो. गुप्ता को पिछले साल ही प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान सरस्वती सम्मान से नवाजा गया था। वह पिछले साल ही सेवानिवृत्ति हो गई थी, पुरस्कार मिलने के बाद उनको दो साल का सेवा विस्तार का लाभ मिला। 2015 में उनको विज्ञान रत्न और 2016 में उनको ई. के जानकी अम्मल नेशनल अवार्ड से नवाजा गया। पिछले 7-8 वर्षों से वह रामगंगा में बढ़ रहे प्रदूषण पर शोध कर रही हैं।
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रिसर्च को बढ़ावा देना रहेगा प्राथमिकता
कुलपति बनने के बाद प्रो. नीलिमा गुप्ता ने कहा कि एक विश्वविद्यालय की पहचान वहां होने वाले रिसर्च वर्क से होती है। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में नियुक्ति से लेकर अबतक उनका पूरा फोकस रिसर्च पर रहा। उन्होंने बताया कि कानपुर विश्वविद्यालय में भी उनका पूरा फोकस रिसर्च पर रहेगा। रिसर्च के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की अलग पहचान बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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कुलपति और शिक्षक संघ ने दी बधाई
कुलपति बनने के बाद प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता को कुलपति प्रोफेसर अनिल शुक्ल ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के बाकी शिक्षक भी रिसर्च पर फोकस करें। शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दें। यही सीढ़ी है इस मुकाम तक पहुंचने की। विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. विजय बहादुर, प्रोफेसर अभय सिंह, डॉ. मनोज, प्रोफेसर बीआर कुकरेती समेत कई शिक्षकों ने उनको बधाई दी। बरेली कॉलेज शिक्षक संघ के डॉ. वीपी सिंह, डॉ. स्वदेश सिंह ने बधाई दी। उनके अलाव बरेली कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा, चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. योगेश आदि ने बधाई दी।