UP News: बरेली के डॉ. बृजेश्वर सिंह पद्म श्री सम्मान के लिए नामित, अब तक लिख चुके हैं 50 से अधिक नाटक
बरेली के जिलाधिकारी और उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ की ओर से डॉ. बृजेश्वर सिंह को पद्म श्री सम्मान के लिए नामित किया गया है। यह नामांकन थिएटर के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज को बेहतर दिशा में ले जाने के प्रयासों के मद्देनजर किया गया है।
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बरेली के वरिष्ठ ट्रॉमा सर्जन डॉ. बृजेश्वर सिंह को पद्म श्री सम्मान के लिए नामित किया गया है। यह नामांकन थिएटर के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर समाज को बेहतर दिशा में ले जाने के उनके प्रयासों के मद्देनजर किया गया है। खास बात यह है कि बरेली के जिलाधिकारी ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ की ओर से भी डॉ. बृजेश्वर सिंह को पद्म श्री सम्मान के लिए नामित किया गया है।
डॉ. बृजेश्वर सिंह 15 वर्षों से भी अधिक समय से थिएटर प्रोत्साहन में जुटे हैं। संरक्षक के रूप में रंग विनायक रंगमंडल का नेतृत्व करते हुए उन्होंने अब तक 50 से अधिक नाटक लिखे हैं। उन्होंने बरेली में विंडरमेयर थिएटर नाम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्लैक बॉक्स थिएटर की स्थापना की है। इसके अलावा वे बरेली में अब तक राष्ट्रीय स्तर के 13 थिएटर महोत्सव आयोजित करा चुके हैं।
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उन्होंने 'पैलेडिन' और 'जिंदगी जरा सी है' जैसे कामयाब नाटक भी लिखे हैं। वे अब तक 500 से अधिक कलाकारों को निशुल्क थिएटर प्रशिक्षण दिला चुके हैं। प्रत्येक वर्ष बच्चों के लिए थिएटर वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं। दिशा स्कूल के विशेष रूप से सक्षम छात्रों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए थिएटर को माध्यम बनाने का उनका प्रयोग भी विशेष रूप से सराहा गया है।
विंडरमेयर ग्रांट्स की शुरुआत की
संगीतमयी रामलीला का तीन घंटे लंबा थिएट्रिकल शो डॉ. बृजेश्वर सिंह के सर्वाधिक लोकप्रिय योगदानों में से एक है। गोस्वामी तुलसीदास की रामचरित मानस, पंडित राधेश्याम कथावाचक की रामलीला, सरदार यशवंत सिंह की आर्य संगीत रामायण, छम्मी राम ढोंडियाल द्वारा संकलित उत्तराखंड की रामलीलाओं तथा मनका रामायण के 108 श्लोकों से सुसज्जित विंडरमेयर की रामलीला का मंचन हर साल नवरात्रि में किया जाता है। हाल ही में डॉ. बृजेश्वर सिंह ने विंडरमेयर ग्रांट्स की शुरुआत की है, जिसके तहत युवा कलाकारों को नाटक बनाने के लिए एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है।