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Bareilly News: बाजार को सुस्ती का डोज, डायवर्जन की खुराक सौ करोड़ रोज

Sat, 15 Jul 2023 01:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jul 2023 01:38 AM IST
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Dose of lethargy to the market
बरेली। भारी वाहनों का डायवर्जन और जगह-जगह लगे बैरियर ट्रासंपोर्ट कारोबारियों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। रोजाना जिले में सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। कारोबारियों के मुताबिक 10 दिनों से यह स्थिति बनी है। 90 फीसदी भारी वाहनों के पहिए थम गए हैं। शहर में आवागमन बंद होने से हर तरह का कारोबार प्रभावित हो रहा है। कारोबारियों को किस्त भरने व वेतन देने की चिंता सता रही है।
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न्यू बरेली ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपी सिंह के मुताबिक बरेली में परचून, रेता-बजरी, गन्ना, चावल-दाल, मैदा, प्लाईवुड, कागज, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, कोरियर आदि से जुड़े ट्रांसपोर्टर हैं। दो हजार ऐसे ट्रांसपोर्टर हैं, जिनके पास चार या इससे अधिक ट्रक हैं। माल लेकर शहर से बाहर निकलने में डायवर्जन बाधक बन रहा है। वहीं, दूसरे जिले की सीमा में प्रवेश करने पर जगह-जगह बैरियर लगे हैं। लिहाजा, माल लदे हुए ट्रक जहां-तहां खड़े हैं।
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ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक उत्तराखंड से रेता-बजरी का कारोबार सर्वाधिक होता है। लालकुआं से कागज, प्लाईवुड, फर्नीचर, मशीनरी, हल्द्वानी से आलू बुखारा, नाशपाती, हिमाचल से सेब आता है। दिल्ली से कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक के सामान आते हैं। वहीं, बरेली से चावल-दाल समेत अन्य खाद्यान्न बाहर भेजे जाते हैं। पहाड़ी इलाकों से माल लेकर लौट रहे ट्रकों को पुलिस ने सीमा पर ही रोक रखा है।
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द बरेली ट्रक ओनर्स ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शोभित सक्सेना के मुताबिक पुलिस-प्रशासन ने सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। रामपुर, मुरादाबाद तक पहुंचकर ट्रक वहां से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। ऐसा ही रहा तो जल्द मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर किस्त, रोड टैक्स, इंश्योरेंस भरने में छूट की मांग करेंगे।

ट्रांसपोर्टर्स के मुताबिक जो ट्रक रास्ते में फंसे हुए हैं, उनके ड्राइवर और कंडक्टर के सामने रहने, खाने की चुनौती है। ऐसे में उन्हें खाद्यान्न लेकर खाना बनाने या किसी ढाबे पर खाने के लिए कहा है। इसका खर्च भी ट्रांसपोर्टर्स उठाएंगे। ट्रक पर माल लदे होने से सुरक्षा की भी चिंता सता रही है। लिहाजा, दोनों को एक-एक कर नींद पूरी करने को कहा है। फोन बंद न हो, इसके प्रति सतर्क किया है।

इधर, बाढ़ के चलते दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व कपड़ों की आपूर्ति थम गई है। बरेली इलेक्टि्रकल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव चांदना ने बताया कि दिल्ली से बरेली माल लेकर पहुंचने में बैरियर समेत बाढ़ भी अब अड़चन बन गई है। कई ट्रक रास्ते में ही खड़े हैं। अगर दो से तीन दिन में व्यवस्था सुचारु नहीं हुई तो बाजार में कपड़ों व इलेक्ट्रॉनिक सामानों की कमी होने की आशंका है।

उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता के मुताबिक अगर ट्रकों के पहिए थमे रहे तो अगले दो से तीन दिन में कई जरूरी माल की आपूर्ति शहर में कम होगी। इससे दैनिक उपयोग की चीजों की मांग बढ़ने से कीमतों में भी उछाल होने की आशंका है। वहीं, फल और सब्जियों के ट्रक रोकने से उनके सड़ने की आशंका रहेगी। ऐसे में पहले से ही बढ़े दामों में और इजाफा हो सकता है।
कहां कितना कारोबार हो रहा प्रभावितमाल रुपये करोड़ में
परचून 10
कपड़ा 10
रेता बजरी 10
इलेक्ट्रॉनिक 20
कागज 10
फल, सब्जी 05
खाद्यान्न 10
फर्नीचर 25
नोट : प्रतिदिन का कारोबार का आंकड़ा व्यापार मंडल के अनुसार।
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