Bareilly News: समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं लोगों की शिकायतें, अवैध निर्माण पर दिए कार्रवाई के निर्देश
बरेली में शनिवार को बहेड़ी तहसील में जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने समाधान दिवस में शिकायतें सुनीं। चकबंदी और अवैध निर्माण की शिकायतें प्रमुख रहीं। गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा भी उठा।
विस्तार
बरेली की बहेड़ी तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान चकबंदी विभाग से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक रहीं। जिलाधिकारी ने अवैध निर्माण और भूमि विवादों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा उठाया। नगर के अरुण कुमार ने गाटा संख्या 17 शेखूपुर सड़क टांडा में अवैध दुकानों के निर्माण की शिकायत की। उन्होंने बताया कि यह जमीन नगर पालिका की है और कई शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिए कहा।
एसडीएम इशिता किशोर ने बताया कि पीपी एक्ट में मुकदमा दर्ज हो चुका है और जल्द कार्रवाई होगी। नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ने गाटा संख्या 200/3 पर अवैध निर्माण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टीका के तालाब पर अवैध कब्जा कर निर्माण किया गया है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश दिए।
केसर चीनी मिल मामले में ये कहा
जिलाधिकारी ने अमर उजाला से बात करते हुए कहा कि केसर चीनी मिल की भूमि की नीलामी पूर्व में एकदम सही तरीके से हुई थी। अब उसमें और ग्राहक उससे ऊपर के आते हैं तो ऊंची कीमत वाले को तवज्जो दी जाएगी। प्रशासन चाहता है ज्यादा से ज्यादा कीमत में यह जमीन नीलाम हो ताकि किसानों को इसका फायदा मिल सके।
कृषि संबंधी शिकायतें
नजरगंज के किसान यासीन ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व कृषि विभाग से ढाई लाख रुपये में गेहूं काटने की मशीन खरीदी थी। मशीन में दिक्कत आ रही है और कृषि विभाग उनकी बात नहीं सुन रहा है। जिलाधिकारी ने जिला कृषि रक्षा अधिकारी ऋतुजा तिवारी को बुलाकर समस्या का निराकरण करने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी ने आइजीआरएस पोर्टल पर लंबित शिकायतों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांच फीसदी ऐसी शिकायतें थीं जिनमें शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं थे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता के संतुष्ट होने के बाद ही शिकायत का निराकरण होगा। समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक देहात, शिक्षा विभाग, गन्ना विभाग, मत्स्य विभाग और बहेड़ी, रिछा, देवरनिया के अधिशासी अधिकारी भी मौजूद रहे।