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Bareilly News: सीओ पर एसी लगवाने का आरोप लगाने वाला दीवान निलंबित
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बरेली। सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी पर एसी व होम थिएटर लगवाने का आरोप लगाने वाले मुख्य आरक्षी को एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। सीओ लाइन पर शिकंजा कसना लगभग तय माना जा रहा है। एसएसपी ने कहा है कि भ्रष्टाचार किसी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मई से चल रहे इस मामले में तीन दिन पहले धर्मेंद्र की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को मामले की जांच सौंप दी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि शिकायत पर जब उच्च स्तरीय अधिकारी जांच कर रहे थे तो इसे सोशल मीडिया पर डालकर अनावश्यक तूल दिया गया। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई। धर्मेंद्र ने खरीदारी कराने के दौरान इसकी शिकायत न तो आरआई से और न किसी अन्य अधिकारी से की। जब उसे पद से हटा दिया गया तो उसने शिकायतें कीं। संभव है कि उसे पद से न हटाया जाता तो यह शिकायत कभी नहीं की जाती। इसलिए मामले को कदाचार की श्रेणी में माना गया।
पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया था। जब वह एसी के अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। आरोप था कि इससे पहले सीओ फ्रीज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। वह 46 हजार रुपये के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।
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मई से चल रहे इस मामले में तीन दिन पहले धर्मेंद्र की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को मामले की जांच सौंप दी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि शिकायत पर जब उच्च स्तरीय अधिकारी जांच कर रहे थे तो इसे सोशल मीडिया पर डालकर अनावश्यक तूल दिया गया। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई। धर्मेंद्र ने खरीदारी कराने के दौरान इसकी शिकायत न तो आरआई से और न किसी अन्य अधिकारी से की। जब उसे पद से हटा दिया गया तो उसने शिकायतें कीं। संभव है कि उसे पद से न हटाया जाता तो यह शिकायत कभी नहीं की जाती। इसलिए मामले को कदाचार की श्रेणी में माना गया।
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पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया था। जब वह एसी के अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। आरोप था कि इससे पहले सीओ फ्रीज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। वह 46 हजार रुपये के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।
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