खबर का असर: बरेली में ऑनलाइन घूस लेने वाले डीपीओ ऑफिस के जिला समन्वयक की सेवा समाप्त, डीएम ने की कार्रवाई
डीएम ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के जिला समन्वयक पर बड़ी कार्रवाई की है। भ्रष्टाचार के मामले में उसकी सेवा समाप्त कर दी गई हैं। जांच में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पद पर भर्ती के लिए उसने ऑनलाइन रिश्वत ली थी।
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बरेली में डीएम ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में तैनात जिला समन्वयक धर्मपाल सिंह की सेवा समाप्त कर दी है। वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती में हुए भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी था, जो जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) कार्यालय में अपनी सेवाएं दे रहा था।
भ्रष्टाचार के इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने पांच जुलाई के अंक में जिला समन्वयक ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन में ली ऑनलाइन घूस के शीर्षक से खबर छापकर किया था। जिसका संज्ञान लेकर डीएम अविनाश सिंह ने कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती में हुए भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी जिला समन्वयक धर्मपाल सिंह की जांच में एसएसपी ने कराई थी।
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जिसमें धर्मपाल के विरुद्ध 19 हजार रुपये ऑनलाइन लेने की हुई थी। इसके बाद उन्होंने (डीएम) प्रकरण की जांच उपायुक्त स्वतः रोजगार से कराई। इनकी जांच में भी जिला समन्वयक धर्मपाल दोषी पाया गया है। डीएम ने बताया कि धर्मपाल सिंह पोषण अभियान के तहत आउटसोर्सिंग के माध्यम से जिला समन्वयक के पद पर तैनात था। उस पर बाल विकास परियोजनाओं से प्राप्त सूचनाओं को संकलित कर विभागीय पोर्टल को अपडेट करने की जिम्मेदारी थी।
जांच में दोषी पाया गया जिला समन्वयक
डीएम ने जानकारी दी है कि जांच में धर्मपाल सिंह ने अपने बयान में बताया कि मढ़ीनाथ निवासी विभा रानी पत्नी सचिन ने उधार के रुप में 19 हजार रुपये ऑनलाइन दिए थे। उधार की धनराशि समय से वापस न करने पर विभा रानी ने उसकी शिकायत एसएसपी से कर दी थी। इस प्रकार उसने रुपये लेने, डीपीओ की तरफ से उसकी कार्यप्रणाली संदिग्ध पाए जाने जैसे गंभीर आरोप के तहत जिला समन्वयक धर्मपाल सिंह को दोषी मानकर उसके विरुद्ध कार्रवाई की गई है।