जिला पंचायत में अब होंगे 60 मेंबर
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दो महीने से चल रही पंचायतों के पुनर्गठन की कवायद पंचायतराज विभाग ने बृहस्पतिवार को पूरी कर ली और शाम को इस पर डीएम गौरव दयाल ने अपनी मुहर लगा दी। वह पुनर्गठन कमेटी के अध्यक्ष हैं। यह पुनर्गठन जनगणना 2011 के आधार पर किया गया है। प्रत्येक पचास हजार की ग्रामीण आबादी पर जिला पंचायत का एक वार्ड बनाया गया है। बता दें कि 10 साल बाद हुई इस जनगणना में जिले में छह लाख से ज्यादा जनसंख्या वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके आधार पर ही ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन पहले ही किया जा चुका है।
यह बढ़े पंचायतों के वार्ड
वार्ड बढ़े पहले थे अब
जिला पंचायत 11 49 60
क्षेत्र पंचायत 161 1216 1377
ग्राम पंचायत 2360 12555 14915
तीन अप्रैल तक मांगी आपत्तियां
पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन पर 28 मार्च से तीन अप्रैल तक आपत्तियां मांगी जाएंगी। पंचायत राज विभाग की जानकारी के मुताबिक, जिला पंचायत के वार्डों की सूची जिला पंचायत कार्यालय पर चस्पा की जाएगी और आपत्तियां भी वहीं जमा की जा सकेंगी। जबकि क्षेत्र पंचायत के वार्डों की सूची खंड विकास कार्यालय पर और ग्राम पंचायतों के वार्डों की सूची संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय पर चस्पा होगी लेकिन क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत के वार्डों पर आपत्तियां विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज कार्यालय में जमा की जा सकेंगी।
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नेताओं ने साधीं सियासी गोटियां
जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों के वार्डों के पुनर्गठन में सत्ताधारी नेताओं और विधायकों का दखल रहा। बताते हैं कि जिला पंचायत के वार्डों में मनचाहे गांव को शामिल कराकर सियासी गोटियां साधने के लिए अफसरों पर सत्ताधारी नेताओं ने खास तौर पर दबाव बनाया। यही वजह रही कि वार्डों के पुनर्गठन को फाइनल करने में दो महीने का वक्त लगा। शासन को इसकी समयअवधि भी बढ़ानी पड़ी। सूत्रों का कहना है कि खास तौर पर बिथरीचैनपुर, भोजीपुरा और नवाबगंज में जिला पंचायतों के वार्डों से गांव को घटाने-बढ़वाने में विधायकों और दिग्गज नेताओं ने दिलचस्पी दिखाई। इनमें से एक विधानसभा क्षेत्र में तो दो नेताओं में कुछ गांवों को लेकर मतभेद भी उभरे। इससे उलझे अफसरों ने दोनों को समझाबुझाकर बीच का रास्ता निकाला और वह पुनर्गठन को अंतिम रूप दे पाए।