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Bareilly News: किसानों और युवाओं की उद्यमिता पर लेटलतीफी भारी
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फूड प्रोसेसिंग कॉमन इंक्यूबेशन सेंटर के संचालन में लेटलतीफी से किसानों, युवाओं को उद्यमी और महिलाओं को सशक्त बनाने की उम्मीद टूट रही है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत सौ फुटा रोड पर तीन करोड़ रुपये से इंक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया। एक करोड़ की लागत से भवन का निर्माण हुआ। 1.86 करोड़ से प्रोसेसिंग मशीन लगाई गई। 25 लाख रुपये से टेस्टिंग लैब बनी। इसमें टमाटर, दुग्ध और बेकरी उत्पाद तैयार करने की लाइन लगी। करीब तीन साल बाद वर्ष 2025 में निर्माण पूरा होने के बाद ट्रायल शुरू हुआ। एक फरवरी 2026 को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया। हालांकि, अब तक संचालन नहीं हो सका।
जानकारी के मुताबिक बेकरी और टमाटर की प्रोसेसिंग लाइन के परीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। उन्हें दूर किया गया तो मिल्क प्रोसेसिंग लाइन में भी दिक्कत होने लगी। खामियां दूर होने के बाद सभी लाइन का संचालन एक साथ कर ट्रायल किया गया।
दावा: अगले माह शुरू हो जाएगा सेंटर
कार्यवाहक प्रधानाचार्य अंशिल सिन्हा का दावा है कि सभी प्रोसेसिंग लाइनों का ट्रायल पूरा हो चुका है। ट्रायल के दौरान जो खामियां मिलीं वे दूर कर ली गईं हैं। गुणवत्ता की भी परख हो चुकी है। संचालन की कवायद जारी है। सब ठीक रहा तो अगले माह संचालन शुरू हो जाएगा।
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कच्चा माल लाकर न्यूनतम शुल्क में बना सकेंगे उत्पाद
इंक्यूबेशन सेंटर का उद्देश्य ऐसे युवा और किसान जिनके पास कच्चा माल है, लेकिन उत्पाद बनाने लिए संसाधनों की कमी है, उन्हें उत्पाद तैयार करने में मदद की जाएगी। दूध से पनीर, मावा, रबड़ी, टमाटर से प्यूरी, जैम, साॅस, बेकरी में ब्रेड, कुकीज, टोस्ट और पास्ता तैयार किए जाएंगे। शुल्क सरकार की ओर से निर्धारित होगा।
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जानकारी के मुताबिक बेकरी और टमाटर की प्रोसेसिंग लाइन के परीक्षण के दौरान कई खामियां मिलीं। उन्हें दूर किया गया तो मिल्क प्रोसेसिंग लाइन में भी दिक्कत होने लगी। खामियां दूर होने के बाद सभी लाइन का संचालन एक साथ कर ट्रायल किया गया।
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दावा: अगले माह शुरू हो जाएगा सेंटर
कार्यवाहक प्रधानाचार्य अंशिल सिन्हा का दावा है कि सभी प्रोसेसिंग लाइनों का ट्रायल पूरा हो चुका है। ट्रायल के दौरान जो खामियां मिलीं वे दूर कर ली गईं हैं। गुणवत्ता की भी परख हो चुकी है। संचालन की कवायद जारी है। सब ठीक रहा तो अगले माह संचालन शुरू हो जाएगा।
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कच्चा माल लाकर न्यूनतम शुल्क में बना सकेंगे उत्पाद
इंक्यूबेशन सेंटर का उद्देश्य ऐसे युवा और किसान जिनके पास कच्चा माल है, लेकिन उत्पाद बनाने लिए संसाधनों की कमी है, उन्हें उत्पाद तैयार करने में मदद की जाएगी। दूध से पनीर, मावा, रबड़ी, टमाटर से प्यूरी, जैम, साॅस, बेकरी में ब्रेड, कुकीज, टोस्ट और पास्ता तैयार किए जाएंगे। शुल्क सरकार की ओर से निर्धारित होगा।