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डेलापीर-स्टेडियम-शाहदाना मार्ग पीछे होंगे 155 खंभे, टेंडर खुले
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लाल फाटक पर लगा जाम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
सड़क चौड़ीकरण पर करोड़ों खर्च कर दिए फिर भी खंभे नहीं हटे
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सिस्टम में कमीशनखोरी होने से लटका रहा शिफ्टिंग कार्य
ईसाई पुलिया से हटेंगे ट्रांसफार्मर, जियो खंभा और डिवाइडर से जाम
बरेली। कभी नगर निगम तो कभी बीडीए शहर में विभिन्न मार्ग चौड़े करने का काम करता रहा लेकिन सड़क किनारे ट्रांसफार्मर और खंभे आदि पीछे नहीं कराए। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पायी और इस समस्या हल करने को स्मार्ट सिटी योजना में भी प्राथमिकता नहीं मिली। लगातार बढ़ती दुघर्टनाओं के बाद अब सिस्टम जागा है और खंभे आदि शिफ्ट करने की कवायद होने लगी है।
पिछले कई वर्षों से विभिन्न मुख्य मार्गों पर यातायात में बाधक बने बिजली खंभे सिस्टम की लापरवाही से शिफ्ट नहीं हो पाए। सड़क किनारे से पीछे खंभे शिफ्ट करने के जिम्मेदार विभाग सोते रहे। अमर उजाला ने लगातार इस समस्या को उठाया। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी पत्राचार किया। लेकिन अब नगर निगम ने डेलापीर-स्टेडियम-शाहदाना मार्ग पर 155 खंभे चिह्नित कर उन्हें पीछे कराने के लिए टेंडर मांग लिए हैं।
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वैसे तो शहर भर मेेें बेतरतीब लगे बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे समस्या बने हुए हैं। लेकिन मुख्य और चौड़े मार्गों पर यह खंभे यातायात में बाधक ही नहीं बल्कि इससे आए दिन दुघर्टनाएं होती रहती हैं। करीब तीन वर्ष पहले स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद बावजूद बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे शिफ्टिंग पर कोई कार्य योजना नहीं बनी। पिछले साल से कुछ सुगबुगाहट शुरू हुई तो स्मार्ट सिटी से जुड़े अफसरों ने कमीशन प्रतिशत तय नहीं होने पर निविदाएं मांगने की फाइलें दौड़ाते रहे। किसी तरह डेलापीर-स्टेडियम-शाहदाना मार्ग से बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे पीछे करने की कार्ययोजना बनी है। इसके लिए टेंडर भी मांगे गए लेकिन मामला फिर से कमीशन पर अटक गया। मेयर उमेश गौतम की नाराजगी के बाद फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जाता है कि कमीशन मामले में मेयर ने तेवर तीखे कर दिए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि डेलापीर से स्टेडियम-शाहदाना मार्ग अगले एक माह में चौड़ा दिखने लगेगा। मेयर ने निर्देश दिए हैं कि शिफ्टिंग कार्य में अतिक्रमण भी साफ करा दिए जाएं
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2.50 करोड़ का काम
डेलापीर-स्टेडियम-शाहदाना मार्ग पर 155 बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे करने पर करीब 2.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। नगर निगम ने यह कार्य कराने के लिए बिजली विभाग से अनुमति ले ली है, निगम इसके बदले में 15 प्रतिशत सुपरवीजन चार्जेज बिजली विभाग को देगा। निगम अफसरों ने बताया कि जनवरी माह तक यह कार्य पूरा हो जाएगा।
सेटेलाइट पुल शुरू होने से पहले जाम
सेटेलाइट पुल शुरू होने से पहले ही जाम शुरू हो गया है। ईसाई पुलिया चौराहा पर लगे ट्रांसफार्मर और जियो का खंभा बाधक बना शुरू हुआ है। यहां पर वर्कशाप जाने के लिए बसें घूमती हैं। अधीक्षण अभियंता एसटी जलील ने एक्सईएन अनिल गुप्ता से कहा कि वे समस्या हल कराएं। इसके बाद एसडीओ शाहदाना धर्मेंद्र कुमार ने ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने की कार्ययोजना और एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृत करा दिया है। लेकिन जियो खंभा और डिवाइर से समस्या बरकरार है।
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सिस्टम में कमीशनखोरी होने से लटका रहा शिफ्टिंग कार्य
ईसाई पुलिया से हटेंगे ट्रांसफार्मर, जियो खंभा और डिवाइडर से जाम बरेली। कभी नगर निगम तो कभी बीडीए शहर में विभिन्न मार्ग चौड़े करने का काम करता रहा लेकिन सड़क किनारे ट्रांसफार्मर और खंभे आदि पीछे नहीं कराए। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पायी और इस समस्या हल करने को स्मार्ट सिटी योजना में भी प्राथमिकता नहीं मिली। लगातार बढ़ती दुघर्टनाओं के बाद अब सिस्टम जागा है और खंभे आदि शिफ्ट करने की कवायद होने लगी है।
पिछले कई वर्षों से विभिन्न मुख्य मार्गों पर यातायात में बाधक बने बिजली खंभे सिस्टम की लापरवाही से शिफ्ट नहीं हो पाए। सड़क किनारे से पीछे खंभे शिफ्ट करने के जिम्मेदार विभाग सोते रहे। अमर उजाला ने लगातार इस समस्या को उठाया। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी पत्राचार किया। लेकिन अब नगर निगम ने डेलापीर-स्टेडियम-शाहदाना मार्ग पर 155 खंभे चिह्नित कर उन्हें पीछे कराने के लिए टेंडर मांग लिए हैं।
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वैसे तो शहर भर मेेें बेतरतीब लगे बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे समस्या बने हुए हैं। लेकिन मुख्य और चौड़े मार्गों पर यह खंभे यातायात में बाधक ही नहीं बल्कि इससे आए दिन दुघर्टनाएं होती रहती हैं। करीब तीन वर्ष पहले स्मार्ट सिटी घोषित होने के बाद बावजूद बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे शिफ्टिंग पर कोई कार्य योजना नहीं बनी। पिछले साल से कुछ सुगबुगाहट शुरू हुई तो स्मार्ट सिटी से जुड़े अफसरों ने कमीशन प्रतिशत तय नहीं होने पर निविदाएं मांगने की फाइलें दौड़ाते रहे। किसी तरह डेलापीर-स्टेडियम-शाहदाना मार्ग से बिजली ट्रांसफार्मर और खंभे पीछे करने की कार्ययोजना बनी है। इसके लिए टेंडर भी मांगे गए लेकिन मामला फिर से कमीशन पर अटक गया। मेयर उमेश गौतम की नाराजगी के बाद फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जाता है कि कमीशन मामले में मेयर ने तेवर तीखे कर दिए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि डेलापीर से स्टेडियम-शाहदाना मार्ग अगले एक माह में चौड़ा दिखने लगेगा। मेयर ने निर्देश दिए हैं कि शिफ्टिंग कार्य में अतिक्रमण भी साफ करा दिए जाएं
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