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आजम खां का रिश्तेदार बताकर दिखाई दबंगई
बरेली
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:15 AM IST
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बरेली। खुद को कैबिनेट मंत्री आजम खां का रिश्तेदार बताकर रामपुर के युवक ने इज्जतनगर थाने से झगड़े के आरोपी को पुलिस से छीनकर अपनी कार में बैठाने की कोशिश की। विरोध करने पर युवक दरोगा से भिड़ गया और उनकी कालर पकड़ ली। युवक और उसके साथी ने सरेआम पुलिस कर्मियों और अफसरों के बारे में अपशब्द कहे। ये देख पुलिस वालों ने युवक और उसके साथी को थाने में ही पकड़कर धुन दिया। हंगामे की वजह से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसओ ने दोनों युवकों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर चालान कर दिया।
इज्जतनगर इलाके की सैनिक कॉलोनी की गली नंबर नौ में दीवार का निर्माण चल रहा। रामपुर के दोमहला रोड निवासी ठेकेदार वसीम जाफर का लेबर मेठ मोंटी उर्फ मयंक काम करा रहा है। बताया जाता है कि दीवार निर्माण को लेकर मोंटी और सामने स्थित रजत विहार के बाबूराम, बृजपाल, मोनू में कहासुनी हो गई। रविवार को पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले आई और शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया। तभी दोपहर में वसीम अपनी कार से अपने साथी दानिश के साथ थाने पहुंचा और फिल्मी स्टाइल में कार रोककर थाने में उतरा। उसने किसी की न सुनीं और मोंटी को बंद करने पर पुलिस को गालियां देने लगा। तभी पुलिस ने अधिकारियों से बात करने को कहा, तो वसीम और भड़क गया और सीधे ऊपर अफसर से बात करने की धमकी दी। इसी हुज्जत बाजी के बीच पुलिस मोंटी आदि को अदालत में पेश करने ले जाने के लिए थाना परिसर में खड़े टेंपो में बैठाने लगी। तभी वसीम और उसके साथी ने मोंटी को पुलिस से छीनकर अपनी कार में बैठाने की कोशिश की। ये देख थाने में मौजूद दरोगा ने उसका विरोध किया तो युवकों ने उसकी कालर पकड़कर हाथापाई शुरू कर दी।
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... तो क्या ये सरकारी कार्य में बाधा डालने की श्रेणी में नहीं था
रामपुर के वसीम और दानिश ने थाना परिसर में पुलिस से आरोपी मोंटी को छीनकर अपनी कार में बैठाने की कोशिश की और विरोध करने पर पुलिस की पिटाई की। ये नजारा न सिर्फ पब्लिक ने देखा, बल्कि थाने के कई सिपाहियों ने इसकी वीडियो क्लिपिंग भी बनाई। इतना कुछ होने के बाद भी एसओ ने युवकों के खिलाफ सिर्फ इसलिए मुकदमा नहीं लिखा, क्योंकि वह रामपुर के रहने वाले हैं और अपने को मंत्री का रिश्तेदार बता रहे थे।
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रामपुर का नाम सुनकर छेड़छाड़ के आरोप को अनसुना कर गई पुलिस
झगड़े के बाद इज्जतनगर पुलिस रजत विहार के तीन लोगों के साथ मोंटी को भी पकड़कर थाने ले गई। इन लोगों ने मोंटी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, लेकिन रामपुर का नाम सुनते ही पुलिस इस बात को अनसुना कर गई और उसका शांतिभंग के आरोप में चालान दिया। पुलिस की यही ढिलाई की वजह रही कि आरोपी पक्ष उस पर हावी हो गया और थाने में बवाल कर दिया।
सपा का झंडा लगी तीन नंबर वाली कार हुई सीज
वसीम जिस गाड़ी से आया था, उस पर सपा का झंडा लगा था और नंबर प्लेट पर सिर्फ तीन नंबर ही लिखे थे। पुलिस ने इस कार को सीज कर दिया।
पहले मंत्री का बेटा बताया और फिर गिड़गिड़ा कर मांगी माफी तक
रामपुर के वसीम ने पहले थाने में अपने को मंत्री का बेटा बताया, फिर रिश्तेदार बताकर बवाल किया। जब पुलिस ने उसे पीटकर हवालात में डाल दिया तो गिड़गिड़ा कर माफी तक मांगने लगा।
रामपुर में टायर शोरूम के मैनेजर हैं वसीम के पिता
वसीम ने बताया कि मंत्री का बेटा उसके साथ पढ़ा है। यही नहीं उसके पिता गुलाम जाफर मंत्री के टायर शोरूम में मैनेजर हैं। इसी वजह से उसने अपनी बात रखनी चाही। उसका कहना है कि लेबर मेठ मोंटी कई दिन से शिकायत कर रहा था कि मोहल्ले के लोग कार्य में बाधा डाल रहे हैं। इसकी शिकायत उसने कई जगह की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई और उल्टा मोंटी को ही पकड़ लिया गया।
एसओ ने कहा, पुलिस लिखकर दे तो लिखेंगे मुकदमा
एसओ सतेंद्र यादव का कहना है कि वसीम आरोपी मोंटी को टेंपो की बजाए अपनी कार में बैठाने की जिद पर अड़ा था। इसी बात को लेकर उसकी पुलिस से कहासुनी हो गई। जिसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। एसओ ने बताया कि वह तो थाने से बाहर थे, अगर पुलिस कर्मी अपने साथ हुई बदतमीजी के बारे में लिखकर शिकायत करते हैं, तो वसीम के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। एसओ ने कहा कि वसीम ने तो मंत्री का रिश्तेदार बताया, अगर मंत्री का भाई भी थाने में आकर हंगामा करता तो उसे भी गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया जाता।
वसीम के थाने में हंगामा करने का मामला संज्ञान में आया था। उसका शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है, अगर सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे तथ्य मिलेंगे देखा तो कार्रवाई की जाएगी।
समीर सौरभ, एसपी सिटी
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इज्जतनगर इलाके की सैनिक कॉलोनी की गली नंबर नौ में दीवार का निर्माण चल रहा। रामपुर के दोमहला रोड निवासी ठेकेदार वसीम जाफर का लेबर मेठ मोंटी उर्फ मयंक काम करा रहा है। बताया जाता है कि दीवार निर्माण को लेकर मोंटी और सामने स्थित रजत विहार के बाबूराम, बृजपाल, मोनू में कहासुनी हो गई। रविवार को पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले आई और शांतिभंग करने के आरोप में चालान कर दिया। तभी दोपहर में वसीम अपनी कार से अपने साथी दानिश के साथ थाने पहुंचा और फिल्मी स्टाइल में कार रोककर थाने में उतरा। उसने किसी की न सुनीं और मोंटी को बंद करने पर पुलिस को गालियां देने लगा। तभी पुलिस ने अधिकारियों से बात करने को कहा, तो वसीम और भड़क गया और सीधे ऊपर अफसर से बात करने की धमकी दी। इसी हुज्जत बाजी के बीच पुलिस मोंटी आदि को अदालत में पेश करने ले जाने के लिए थाना परिसर में खड़े टेंपो में बैठाने लगी। तभी वसीम और उसके साथी ने मोंटी को पुलिस से छीनकर अपनी कार में बैठाने की कोशिश की। ये देख थाने में मौजूद दरोगा ने उसका विरोध किया तो युवकों ने उसकी कालर पकड़कर हाथापाई शुरू कर दी।
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... तो क्या ये सरकारी कार्य में बाधा डालने की श्रेणी में नहीं था
रामपुर के वसीम और दानिश ने थाना परिसर में पुलिस से आरोपी मोंटी को छीनकर अपनी कार में बैठाने की कोशिश की और विरोध करने पर पुलिस की पिटाई की। ये नजारा न सिर्फ पब्लिक ने देखा, बल्कि थाने के कई सिपाहियों ने इसकी वीडियो क्लिपिंग भी बनाई। इतना कुछ होने के बाद भी एसओ ने युवकों के खिलाफ सिर्फ इसलिए मुकदमा नहीं लिखा, क्योंकि वह रामपुर के रहने वाले हैं और अपने को मंत्री का रिश्तेदार बता रहे थे।
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रामपुर का नाम सुनकर छेड़छाड़ के आरोप को अनसुना कर गई पुलिस
झगड़े के बाद इज्जतनगर पुलिस रजत विहार के तीन लोगों के साथ मोंटी को भी पकड़कर थाने ले गई। इन लोगों ने मोंटी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया, लेकिन रामपुर का नाम सुनते ही पुलिस इस बात को अनसुना कर गई और उसका शांतिभंग के आरोप में चालान दिया। पुलिस की यही ढिलाई की वजह रही कि आरोपी पक्ष उस पर हावी हो गया और थाने में बवाल कर दिया।
सपा का झंडा लगी तीन नंबर वाली कार हुई सीज
वसीम जिस गाड़ी से आया था, उस पर सपा का झंडा लगा था और नंबर प्लेट पर सिर्फ तीन नंबर ही लिखे थे। पुलिस ने इस कार को सीज कर दिया।
पहले मंत्री का बेटा बताया और फिर गिड़गिड़ा कर मांगी माफी तक
रामपुर के वसीम ने पहले थाने में अपने को मंत्री का बेटा बताया, फिर रिश्तेदार बताकर बवाल किया। जब पुलिस ने उसे पीटकर हवालात में डाल दिया तो गिड़गिड़ा कर माफी तक मांगने लगा।
रामपुर में टायर शोरूम के मैनेजर हैं वसीम के पिता
वसीम ने बताया कि मंत्री का बेटा उसके साथ पढ़ा है। यही नहीं उसके पिता गुलाम जाफर मंत्री के टायर शोरूम में मैनेजर हैं। इसी वजह से उसने अपनी बात रखनी चाही। उसका कहना है कि लेबर मेठ मोंटी कई दिन से शिकायत कर रहा था कि मोहल्ले के लोग कार्य में बाधा डाल रहे हैं। इसकी शिकायत उसने कई जगह की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई और उल्टा मोंटी को ही पकड़ लिया गया।
एसओ ने कहा, पुलिस लिखकर दे तो लिखेंगे मुकदमा
एसओ सतेंद्र यादव का कहना है कि वसीम आरोपी मोंटी को टेंपो की बजाए अपनी कार में बैठाने की जिद पर अड़ा था। इसी बात को लेकर उसकी पुलिस से कहासुनी हो गई। जिसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। एसओ ने बताया कि वह तो थाने से बाहर थे, अगर पुलिस कर्मी अपने साथ हुई बदतमीजी के बारे में लिखकर शिकायत करते हैं, तो वसीम के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। एसओ ने कहा कि वसीम ने तो मंत्री का रिश्तेदार बताया, अगर मंत्री का भाई भी थाने में आकर हंगामा करता तो उसे भी गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया जाता।
वसीम के थाने में हंगामा करने का मामला संज्ञान में आया था। उसका शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है, अगर सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे तथ्य मिलेंगे देखा तो कार्रवाई की जाएगी।
समीर सौरभ, एसपी सिटी