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कभी बहनोई तो कभी मौसा बनाकर अब साइबर ठग हड़प रहे रुपये
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बरेली। लॉकडाउन में खाली बैठे लोग अधिकतर समय इंटरनेट पर बिता रहे हैं। इसका साइबर ठग भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान ही एसएसपी कार्यालय साइबर ठगी के में 50 से ज्यादा मामले पहुंचे चुके हैं। ठग लोगों को कभी बहनोई तो कभी मौसा बनाकर शिकार बना रहे हैं। आईएमए अध्यक्ष, पीएसी के एचपीसी, प्रॉपर्टी डीलर समेत कई लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के लिए अलग पोर्टल की सुविधा दी है।
आठवीं वाहिनी पीएसी के एक एचसीपी के खाते से शुक्रवार सुबह कॉल आने के बाद दो बार में 20-20 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। ठग ने रिश्तेदार बनकर उन्हें झांसे में लिया था। वहीं मोबाइल बिक्री के नाम पर आईएमए अध्यक्ष से ठगी की जा चुकी है। जोगी नवादा निवासी अरविंद से कीमती फोन कम दामों में बेचने का झांसा देकर 24,500 रुपये ठग लिए गए, जबकि प्रॉपर्टी डीलर सौरभ के खाते से रिश्तेदार बनकर बीमारी के नाम पर 85 हजार रुपये उड़ा लिए गए। अधिकारियों का मानना है कि इंटरनेट पर लोगों की सक्रियता बढ़ने से साइबर ठग तरह-तरह के लिंक सोशल मीडिया और मेसेज के माध्यम से भेज रहे हैं। कुछ लोग ठगों के झांसे में आ जात हैं। एसपी क्राइम रमेश कुमार भारतीय ने बताया कि जांच में पता लगा है कि दिल्ली और बंगलूरू के कुछ इंजीनियरिंग छात्र भी साइबर ठगी कर रहे हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नंबर फर्जी आईडी पर होने के कारण ट्रेस करना मुश्किल होता है। हरियाणा और जामतारा के ठग पहले से सक्रिय हैं।
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आठवीं वाहिनी पीएसी के एक एचसीपी के खाते से शुक्रवार सुबह कॉल आने के बाद दो बार में 20-20 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। ठग ने रिश्तेदार बनकर उन्हें झांसे में लिया था। वहीं मोबाइल बिक्री के नाम पर आईएमए अध्यक्ष से ठगी की जा चुकी है। जोगी नवादा निवासी अरविंद से कीमती फोन कम दामों में बेचने का झांसा देकर 24,500 रुपये ठग लिए गए, जबकि प्रॉपर्टी डीलर सौरभ के खाते से रिश्तेदार बनकर बीमारी के नाम पर 85 हजार रुपये उड़ा लिए गए। अधिकारियों का मानना है कि इंटरनेट पर लोगों की सक्रियता बढ़ने से साइबर ठग तरह-तरह के लिंक सोशल मीडिया और मेसेज के माध्यम से भेज रहे हैं। कुछ लोग ठगों के झांसे में आ जात हैं। एसपी क्राइम रमेश कुमार भारतीय ने बताया कि जांच में पता लगा है कि दिल्ली और बंगलूरू के कुछ इंजीनियरिंग छात्र भी साइबर ठगी कर रहे हैं। उनके द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले नंबर फर्जी आईडी पर होने के कारण ट्रेस करना मुश्किल होता है। हरियाणा और जामतारा के ठग पहले से सक्रिय हैं।
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