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बिजली पोल गिरने से स्कूली बच्चे की मौत, एक घायल
बरेली
Updated Thu, 09 Jul 2015 12:57 AM IST
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बरेली। बिजली विभाग के कर्मचारियों की जरा से लापरवाही ने आठ साल के स्कूली बच्चे की जान ले ली। लाइन खींचने के दौरान लोहे का नया पोल बगल में खड़े सीमेंट के खंभे से जा टकराया। खंभा जड़ से टूटकर साइकिल सवार दो मासूमों पर गिर गया। इसमें दबकर एक बच्चे की मौत हो गई जबकि दूसरा घायल हो गया। घटना से मोहल्ले में आक्रोश फैल गया। उन्होंने जाम लगाने की कोशिश भी की। इसे देखते हुए सीओ समेत भारी पुलिस फोर्स मोहल्ले में तैनात कर दिया गया है। बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है।
सुभाषनगर इलाके के तिलक नगर में सीमेंट के खंभों से बिजली लाइन हटाकर लोहे के खंभों में खींचने का काम चल रहा है। केईआई कंपनी काम कर रही है। बुधवार साढे़ छह बजे चार लेबर लोहे का खंभा लगा रहे थे। खंभा वजनदार और 19 फीट लंबा होने के कारण खड़ा करने के दौरान कर्मचारी संतुलन नहीं बना पाए। उसको रोकने के भी कोई इंतजाम नहीं थे। जिस कारण असंतुलित खंभा कुछ ही दूर खड़े सीमेंट के पोल पर जा गिरा। सीमेंट का खंभा जड़ से टूटकर सामने से साइकिल से आ रहे मोहल्ले के ही राम बाबू के आठ वर्षीय बेटे कक्षा चार के छात्र सचिन और मनोज का बेटा अमन पर गिर गया। सचिन की दबकर मौत हो गई। जबकि अमन जख्मी होकर बेहोश हो गया। दोनों को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सचिन को मृत घोषित कर दिया गया। सड़क पर जलभराव से पूरे इलाके में करंट फैल गया। इसकी चपेट में आकर एक राहगीर भी छटपटाकर कर गिर गया। मासूम सचिन की मौत के बाद मोहल्ले में आक्रोश फैल गया। लोग घरों से निकलकर सड़क पर आ गए और बिजली महकमे के खिलाफ हंगामा करने लगे। यही नहीं अस्पताल से शव घर ले जाते समय चौरासी घंटे मंदिर के पास बदायूं रोड पर शव रखकर जाम लगाने की भी कोशिश की। सीओ द्वितीय डीपी मार्छाल ने उन्हें समझाया और बिजली महकमे के खिलाफ जो भी लिखकर दें उस पर पर कार्रवाई करने की बात कही। तब लोग शांत हो गए। फिर भी एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया।
कम मजदूर देख मोहल्ले वालों ने किया था मना
19 फीट लंबे और वजनदार खम्भे को कम संख्या में मजदूर लगा रहे थे। ये देखकर मोहल्ले के विकास ने दोपहर में ही स्कूली बच्चों के निकलने पर खंभा न लगाने की बात कही थी, लेकिन मजदूर नहीं माने और खम्भा लगाने का काम करते रहे।
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लापरवाही ने बुझा दिया इकलौता चिराग
मेहनत मजदूरी कर परिवार को पालने वाले रामबाबू का सचिन इकलौता पुत्र था। उसकी मां अमरवती और बहन पल्लवी, गुड़िया और अर्पिता का रो-रोकर बुराहाल है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग वालों की लापरवाही ने गरीब राम बाबू के घर का इकलौता चिराग बुझा दिया।
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सुभाषनगर इलाके के तिलक नगर में सीमेंट के खंभों से बिजली लाइन हटाकर लोहे के खंभों में खींचने का काम चल रहा है। केईआई कंपनी काम कर रही है। बुधवार साढे़ छह बजे चार लेबर लोहे का खंभा लगा रहे थे। खंभा वजनदार और 19 फीट लंबा होने के कारण खड़ा करने के दौरान कर्मचारी संतुलन नहीं बना पाए। उसको रोकने के भी कोई इंतजाम नहीं थे। जिस कारण असंतुलित खंभा कुछ ही दूर खड़े सीमेंट के पोल पर जा गिरा। सीमेंट का खंभा जड़ से टूटकर सामने से साइकिल से आ रहे मोहल्ले के ही राम बाबू के आठ वर्षीय बेटे कक्षा चार के छात्र सचिन और मनोज का बेटा अमन पर गिर गया। सचिन की दबकर मौत हो गई। जबकि अमन जख्मी होकर बेहोश हो गया। दोनों को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सचिन को मृत घोषित कर दिया गया। सड़क पर जलभराव से पूरे इलाके में करंट फैल गया। इसकी चपेट में आकर एक राहगीर भी छटपटाकर कर गिर गया। मासूम सचिन की मौत के बाद मोहल्ले में आक्रोश फैल गया। लोग घरों से निकलकर सड़क पर आ गए और बिजली महकमे के खिलाफ हंगामा करने लगे। यही नहीं अस्पताल से शव घर ले जाते समय चौरासी घंटे मंदिर के पास बदायूं रोड पर शव रखकर जाम लगाने की भी कोशिश की। सीओ द्वितीय डीपी मार्छाल ने उन्हें समझाया और बिजली महकमे के खिलाफ जो भी लिखकर दें उस पर पर कार्रवाई करने की बात कही। तब लोग शांत हो गए। फिर भी एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया।
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कम मजदूर देख मोहल्ले वालों ने किया था मना
19 फीट लंबे और वजनदार खम्भे को कम संख्या में मजदूर लगा रहे थे। ये देखकर मोहल्ले के विकास ने दोपहर में ही स्कूली बच्चों के निकलने पर खंभा न लगाने की बात कही थी, लेकिन मजदूर नहीं माने और खम्भा लगाने का काम करते रहे।
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लापरवाही ने बुझा दिया इकलौता चिराग
मेहनत मजदूरी कर परिवार को पालने वाले रामबाबू का सचिन इकलौता पुत्र था। उसकी मां अमरवती और बहन पल्लवी, गुड़िया और अर्पिता का रो-रोकर बुराहाल है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग वालों की लापरवाही ने गरीब राम बाबू के घर का इकलौता चिराग बुझा दिया।