फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   cultural

‘कुछ धर्मनीति कुछ राजनीति भी दिखलाते आना बलवीर’

Sat, 30 Nov 2019 02:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 30 Nov 2019 02:54 AM IST
विज्ञापन
cultural
बरेली। सांस्कृतिक समागम का गवाह बने संजय कम्युनिटी हाल में शुक्रवार को पं. राधेश्याम कथावाचक के लिखे नाटक अंगद रावण संवाद का मंचन हुआ। कलाकारोें की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रोमांच से सराबोर कर दिया।
विज्ञापन

दर्शाया कि सेतुबन्ध रामेश्वरम बनने के बाद श्रीराम युद्ध से पहले आखिरी बार अंगद को लंका भेजते हैं। लंका पहुंचने पर द्वार पर युद्ध में रावण के बेटे का वध हो जाता है। फिर रावण दरबार पहुंचने के बाद रावण अंगद को सेनापती बनाने का प्रलोभन देता है लेकिन अंगद मना कर देता है। अंगद रावण को समझाते हैं कि वह माता सीता को वापस कर दे, इसी में उसकी और राक्षस जाति की भलाई है। लेकिन हठधर्मी रावण नहीं मानता। इस पर अंगद अपना पैर जमीन पर पटककर कहते हैं कि अगर उसका पैर कोई उठा दे तो वह हार मान लेगा। लेकिन सभा में उसका पांव कोई हिला भी नहीं पाता। आखिर में रावण उठता है पांव पकड़ने तो अंगद पांव हटाकर श्रीराम के पांव पकड़ने का सुझाव देते हैं। मंचन के दौरान डीएन शर्मा, अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, सचिव कुलभूषण शर्मा, दानिश जमाल, आशीष गुप्ता, अंजू शर्मा व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed