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बरेली कॉलेज : यहां तो कई बार तीन महीने में ही बदल गए प्राचार्य
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बरेली। बरेली कॉलेज में इन दिनों प्राचार्य पद को लेकर घमासान छिड़ा हुआ है। 15 अक्तूबर को मौजूदा प्राचार्य डॉ. अजय कुमार शर्मा रिटायर हो रहे हैं। उनके बाद वरिष्ठता के हिसाब से डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. मंजू सिंह और डॉ. अनुराग मोहन दावेदार हैं। ऐसे में यह भी कहा जाने लगा है कि कॉलेज में कई बार तीन महीने के लिए भी प्राचार्य बने हैं। ऐसे में अगर प्रबंधन किसी को प्राचार्य की कुर्सी पर बैठा भी दे तो तीन महीने बीतने के बाद ही उनकी कुर्सी पक्की मानी जाए।
शिक्षकों की राजनीति में घिरे बरेली कॉलेज में इन दिनों नए कार्यवाहक प्राचार्य को लेकर शिक्षकों में लामबंदी चल रही है। कॉलेज की वरिष्ठता सूची भी विवादित है। चर्चा है कि मौजूदा प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा अपना कार्यकाल पूरा होने से दो-तीन पहले ही दूसरे कार्यवाहक प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंप देंगे। वरिष्ठता क्रम में डॉ. अजय शर्मा के बाद डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. मंजू सिंह और डॉ. अनुराग मोहन आते हैं। मगर कॉलेज की एक लॉबी डॉ. अनुराग मोहन की पैरवी में लगी है। कहा जा रहा है कि प्रबंधन उन्हें प्राचार्य की कुर्सी सौंपने की पूरी तैयारी कर चुका है। ऐसे में कुछ लोग कोर्ट जाने की तैयारी में भी हैं और इस स्थिति में फैसले में बदलाव की संभावनाएं भी हैं।
तीन महीने के लिए जूनियर भी बन सकता है प्राचार्य
कहा जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन तीन महीने के लिए कॉलेज के जूनियर शिक्षक को भी प्राचार्य बना सकती है। मगर यह व्यवस्था सिर्फ तीन महीने के लिए ही लागू होती है। बता दें कि बरेली कॉलेज में इससे पहले डॉ. पीसी कंबोज, डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. एनएल शर्मा का भी कार्यकाल कुछ महीने के लिए ही रहा है।
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शिक्षिका को मनाने का प्रयास
बताया जाता है कि अपने गुट का प्राचार्य बनवाने की जुगत में लगे शिक्षक मामले को सुलझाने के लिए हर तरह से प्रयास कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को इसको लेकर कुछ शिक्षक प्राचार्य पद की दावेदार शिक्षिका के पास पहुंचे और उन्हें विरोध न करने के लिए मनाने का प्रयास किया।
विश्वविद्यालय ने तलब की विभागवार वरिष्ठता सूची
बरेली। बरेली कॉलेज में शिक्षकों की वरिष्ठता पर मचा घमासान थम नहीं रहा है। प्राचार्य पद को लेकर चल रही कवायद के बीच रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने बरेली कॉलेज से शिक्षकों की विभागवार वरिष्ठता सूची तलब की है। इसे लेकर कॉलेज में हड़कंप मचा है।
बता दें कि बरेली कॉलेज में जुलाई 2017 और जुलाई 2018 में तैयार की गई शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में बड़ा अंतर है। जुलाई 2017 की सूची में जो शिक्षक ऊपरी पायदान पर हैं, वे जुलाई 2018 की सूची में नीचे खिसक गए हैं। ऐसे में जब जुलाई 2018 की वरिष्ठता सूची लागू की जाएगी तो तीन-चार विभागाध्यक्षों को हटना पड़ेगा। इसके चलते ही जुलाई 2018 वाली वरिष्ठता सूची को कॉलेज में लागू नहीं होने दिया गया है जबकि यह सूची विश्वविद्यालय को सौंपी जा चुकी है। इसे लागू करने की कवायद शुरू करते हुए विश्वविद्यालय ने अब बरेली कॉलेज को फिर से एक पत्र भेजकर शिक्षकों की विभागवार वरिष्ठता सूची तलब की है। इसे लेकर कॉलेज के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है और सब इस सूची को विश्वविद्यालय भेजने से रुकवाने में लगे हैं।
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शिक्षकों की राजनीति में घिरे बरेली कॉलेज में इन दिनों नए कार्यवाहक प्राचार्य को लेकर शिक्षकों में लामबंदी चल रही है। कॉलेज की वरिष्ठता सूची भी विवादित है। चर्चा है कि मौजूदा प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा अपना कार्यकाल पूरा होने से दो-तीन पहले ही दूसरे कार्यवाहक प्राचार्य को जिम्मेदारी सौंप देंगे। वरिष्ठता क्रम में डॉ. अजय शर्मा के बाद डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. मंजू सिंह और डॉ. अनुराग मोहन आते हैं। मगर कॉलेज की एक लॉबी डॉ. अनुराग मोहन की पैरवी में लगी है। कहा जा रहा है कि प्रबंधन उन्हें प्राचार्य की कुर्सी सौंपने की पूरी तैयारी कर चुका है। ऐसे में कुछ लोग कोर्ट जाने की तैयारी में भी हैं और इस स्थिति में फैसले में बदलाव की संभावनाएं भी हैं।
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तीन महीने के लिए जूनियर भी बन सकता है प्राचार्य
कहा जा रहा है कि कॉलेज प्रबंधन तीन महीने के लिए कॉलेज के जूनियर शिक्षक को भी प्राचार्य बना सकती है। मगर यह व्यवस्था सिर्फ तीन महीने के लिए ही लागू होती है। बता दें कि बरेली कॉलेज में इससे पहले डॉ. पीसी कंबोज, डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. एनएल शर्मा का भी कार्यकाल कुछ महीने के लिए ही रहा है।
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शिक्षिका को मनाने का प्रयास
बताया जाता है कि अपने गुट का प्राचार्य बनवाने की जुगत में लगे शिक्षक मामले को सुलझाने के लिए हर तरह से प्रयास कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को इसको लेकर कुछ शिक्षक प्राचार्य पद की दावेदार शिक्षिका के पास पहुंचे और उन्हें विरोध न करने के लिए मनाने का प्रयास किया।
विश्वविद्यालय ने तलब की विभागवार वरिष्ठता सूची
बरेली। बरेली कॉलेज में शिक्षकों की वरिष्ठता पर मचा घमासान थम नहीं रहा है। प्राचार्य पद को लेकर चल रही कवायद के बीच रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने बरेली कॉलेज से शिक्षकों की विभागवार वरिष्ठता सूची तलब की है। इसे लेकर कॉलेज में हड़कंप मचा है।
बता दें कि बरेली कॉलेज में जुलाई 2017 और जुलाई 2018 में तैयार की गई शिक्षकों की वरिष्ठता सूची में बड़ा अंतर है। जुलाई 2017 की सूची में जो शिक्षक ऊपरी पायदान पर हैं, वे जुलाई 2018 की सूची में नीचे खिसक गए हैं। ऐसे में जब जुलाई 2018 की वरिष्ठता सूची लागू की जाएगी तो तीन-चार विभागाध्यक्षों को हटना पड़ेगा। इसके चलते ही जुलाई 2018 वाली वरिष्ठता सूची को कॉलेज में लागू नहीं होने दिया गया है जबकि यह सूची विश्वविद्यालय को सौंपी जा चुकी है। इसे लागू करने की कवायद शुरू करते हुए विश्वविद्यालय ने अब बरेली कॉलेज को फिर से एक पत्र भेजकर शिक्षकों की विभागवार वरिष्ठता सूची तलब की है। इसे लेकर कॉलेज के शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है और सब इस सूची को विश्वविद्यालय भेजने से रुकवाने में लगे हैं।