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निदा की मुखालफत में उतरीं महिलाएं
बरेली
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:42 AM IST
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nida
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आला हजरत खानदान के शीरान रजा खां की पत्नी निदा खान के खिलाफ मंगलवार को शहर की कुछ महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि निदा की ओर से शीरान और उनके परिवार पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। उनकी किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराई जाए। इन महिलाओं का आरोप था कि निदा आला हजरत खानदान के लोगों को ब्लैक मेल कर रही हैं।
कुछ महिलाएं मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचीं, जहां डीएम नहीं मिले तो डीएम के नाम संबोधित यह ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दिया। आईजी के नाम संबोधित ज्ञापन उनके कार्यालय में दिया। एक ज्ञापन एसपी सिटी कोे सौंपा। इन महिलाओं में शामिल परवीन, ताहिरा, शाहीन, मेराज, महरुन निशा आदि का आरोप है कि निदा समाज में अच्छी पहचान रखने वाले परिवार पर झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्होंने पढ़ाई से रोकने और भ्रूण हत्या के आरोप को गलत बताया। उल्टे निदा ने पत्नी धर्म का निर्वाह नहीं किया है।
इन महिलाओं ने दहेज का सामान वापस न करने का आरोप भी गलत बताया। उनका कहना है कि हम सब जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि निदा और उनके परिवार वाले किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में पूरे हिसाब के साथ सामान वापस ले सकती हैं। शहर काजी के यहां अर्जी लगा कर बुलावे पर यह कह कर न जाना कि उनको जानकारी नहीं, यह भी बात गलत है। इन महिलाओं ने खुद को आला हजरत की मानने वाली बताया है।
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निदा बोली ये खानदान की नहीं किराए की औरतें थी
बरेली। निदा खान ने कहा है कि उनके ससुराल के लोग अपनी बात साबित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मंगलवार को जिन महिलाओं को ससुराल पक्ष के लोगों ने अधिकारियों के पास भेजा है उनमें से एक भी खानदान की महिला नहीं है बल्कि सभी किराए की महिलाएं हैं। निदा ने यह भी कहा कि इस तरह महिलाओं को अधिकारियों के पास भेज कर वे लोग पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं। इस हरकत से हमारा हौसला और बढ़ा है अब और डट कर न्याय के लिए संघर्ष कर सकेंगे।
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कुछ महिलाएं मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचीं, जहां डीएम नहीं मिले तो डीएम के नाम संबोधित यह ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंप दिया। आईजी के नाम संबोधित ज्ञापन उनके कार्यालय में दिया। एक ज्ञापन एसपी सिटी कोे सौंपा। इन महिलाओं में शामिल परवीन, ताहिरा, शाहीन, मेराज, महरुन निशा आदि का आरोप है कि निदा समाज में अच्छी पहचान रखने वाले परिवार पर झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्होंने पढ़ाई से रोकने और भ्रूण हत्या के आरोप को गलत बताया। उल्टे निदा ने पत्नी धर्म का निर्वाह नहीं किया है।
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इन महिलाओं ने दहेज का सामान वापस न करने का आरोप भी गलत बताया। उनका कहना है कि हम सब जिम्मेदारी के साथ कह सकते हैं कि निदा और उनके परिवार वाले किसी वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में पूरे हिसाब के साथ सामान वापस ले सकती हैं। शहर काजी के यहां अर्जी लगा कर बुलावे पर यह कह कर न जाना कि उनको जानकारी नहीं, यह भी बात गलत है। इन महिलाओं ने खुद को आला हजरत की मानने वाली बताया है।
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निदा बोली ये खानदान की नहीं किराए की औरतें थी
बरेली। निदा खान ने कहा है कि उनके ससुराल के लोग अपनी बात साबित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। मंगलवार को जिन महिलाओं को ससुराल पक्ष के लोगों ने अधिकारियों के पास भेजा है उनमें से एक भी खानदान की महिला नहीं है बल्कि सभी किराए की महिलाएं हैं। निदा ने यह भी कहा कि इस तरह महिलाओं को अधिकारियों के पास भेज कर वे लोग पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं। इस हरकत से हमारा हौसला और बढ़ा है अब और डट कर न्याय के लिए संघर्ष कर सकेंगे।