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बस चालान काटकर छोड़ दिया

Tue, 14 Apr 2015 01:45 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 14 Apr 2015 01:45 AM IST
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कहने को नामचीन स्कूल हैं। अभिभावकों से जो मोटी फीस ली जाती है, वह भी उनके बड़ा स्कूल होने के दावे पर मोहर लगाती है लेकिन इनके स्कूल वाहनों को देख लीजिए तो उनका भी हाल आम स्कूलों जैसा ही है। सोमवार को ट्रैफिक पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया तो शहर के ज्यादातर स्कूलों के वाहनों में कहीं कोई फर्क नहीं मिला। पुराने वाहनों में ठूस-ठूसकर बच्चों को ले जाते पकड़ा गया तो 55 वाहनों के चालान काटे गए।
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दोपहर एक से तीन बजे तक चौकी चौराहा, चौपुला और डीडीपुरम चौराहे पर यह अभियान चलाया गया। स्कूलों की छुट्टी के वक्त चले इस अभियान में कार्रवाई का शिकार ज्यादातर टेंपो ही हुए। चौकी चौराहे के टीम लीडर टीएसआई मनोज पटेल ने बेदी इंटरनेशनल स्कूल की वैन पकड़ी जिसमें पीछे सिलेंडर और किट लगी थी। ड्राइवर गैस किट के कागजात नहीं दिखा पाया तो चालान कर दिया गया। डीडीपुरम चौराहे पर टीएसआई कांतिप्रसाद शर्मा ने बिना कागजात स्कूलों में चल रहे कई टेंपो पकड़े। चौपुला चौराहे पर एसआई अब्दुल सत्तार की टीम ने जीपीएम मेमोरियल कालेज के कई टेंपो पकड़े। इनमें 12 से 15 तक बच्चों को भरा गया था। बिशप कोनराड के टेंपो में भी इतने ही बच्चे लदे मिले। इसमें सुरक्षा जाली भी नहीं लगी थी। सेंट मारिया स्कूल की वैन में गैस किट और सिलेंडर लगा मिला तो उसका भी चालान किया गया। हालांकि चेकिंग के दौरान पुलिस ने यह कहते हुए वाहनों की हालत पर गौर नहीं किया कि आरटीओ के फिटनेस सर्टिफिकेट को वे चुनौती नहीं दे सकते। जीपीएम कालेज के बच्चों को ले जा रहे टेंपो को पकड़ा गया तो उसका ड्राइवर संजय रोने लगा। उसने दो चालान पुलिस को दिखाए। इनमें एक 11 फरवरी तो दूसरी 19 मार्च को कटा हुआ था। बोला, इन्हीं को नहीं भुगत पाया हूं, अब तो छोड़ दो। लेकिन उसका चालान कर दिया गया।

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बसों की चेकिंग करने पर सीओ ने हड़काया
बगैर फिटनेस चल रही छह स्कूल बसों का चालान

एक-दो नहीं बल्कि स्कूलों में चल रही छह ऐसी बसें भी चेकिंग के दौरान पकड़ी गईं, जिनका फिटनेस रिन्यूवल का टाइम निकल चुका था। यह इस बात का साफ प्रमाण था कि अगर पीलीभीत जैसा कोई हादसा यहां नहीं हो रहा तो यह सिर्फ इत्तफाक है। वर्ना स्कूल वाहनों की हालत यहां भी वैसे ही दर्दनाक हादसे को दावत दे रही है। हालांकि फिर भी इन बसों को सीज करने के बजाय ट्रैफिक पुलिस ने सिर्फ चालान किया। बस ड्राइवरों को यह चेतावनी जरूर दी कि बगैर फिटनेस को ओके कराए अब वे सड़क पर बस न उतारें। डीडीपुरम चौराहे पर अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। यहां चेकिंग कर रहे स्टाफ ने जब एक स्कूल बस रोककर पूछताछ शुरू की तो थोड़ी ही देर में वहां सीओ ट्रैफिक एमआर दुग्ताल पहुंच गए। उन्होंने स्टाफ को हड़काया कि सिर्फ टेंपो और आटो की ही चेकिंग करो। इस बीच मौका देखकर बस का ड्राइवर उसे लेकर खिसक गया।
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वर्जन
अभियान लगातार चलाया जाएगा। फिलहाल बच्चों की परेशानी को देखते हुए वाहन सीज नहीं किए गए, आगे से यह सीज होंगे। - ओपी यादव, एसपी ट्रैफिक
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