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महिला ने ही तलाशा दरिंदों का ठिकाना
बरेली
Updated Thu, 28 Jan 2016 02:20 AM IST
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बरेली। महिला अपराध को लेकर शासन के कड़े रुख के बावजूद भी पुलिस पीड़ित महिलाओं की गुहार सुनकर मुकदमा लिखने के बजाय मामला निपटाने लग जाती है। गैंगरेपके बाद नवाबगंज की महिला आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराने के लिए भटकती रही, लेकिन पुलिस उसकी बात पर यकीन करने को तैयार नहीं थी। महिला ने गणतंत्र दिवस के दिन खुद घटनास्थल तलाश करके बताया तो पुलिस हरकत में आई। चौकी इंचार्ज नरेंद्र सिंह ने भी शाम को मामला बिगड़ते देख इंस्पेक्टर कैंट को बताया तो उन्होंने गैंगरेप का मुकदमा लिखाकर कार्रवाई शुरू करा दी।
सोमवार की रात महिला नकटिया चौकी इंचार्ज ने महिला को नरियावल तक ले जाने के बाद एसओ बिथरी चैनपुर को बुला लिया था। रात का समय होने की वजह से महिला घटनास्थल बता नहीं पा रही थी। इसलिए चौकी इंचार्ज ने भी मौका का फायदा उठाकर घटना स्थल बिथरी चैनपुर का होने की संभावना जताई तो वहां से एसओ ने महिला को हड़काकर भगा दिया। कहने लगे महिला की दिमागी हालत सही नहीं है। पुलिस का रुख देकर महिला किसी तरह रेलवे स्टेशन पहुंच गई। उसने सर्दी में रात वहीं गुजारी और गणतंत्र दिवस के दिन सुबह ही वह घटना स्थल की तलाश में निकल पड़ी। कई घंटे मशक्कत करने के बाद उसने घटना स्थल तलाशा और फिर से चौकी पहुंच गई। महिला के घटना स्थल के बताने पर ही चौकी इंचार्ज ने अपने थाने के इंस्पेक्टर को बताया। इंस्पेक्टर ने चौकी पर पहुंचकर महिला से छानबीन की तो उसने सारी हकीकत बता दी।
इस तरह पकड़े गए दरिंदे
-गैंगरेप की पीड़ित महिला के साथ इंस्पेक्टर ने पुलिस फोर्स के साथ मुर्गी फार्म में छापा मारा तो अनीस उर्फ बंटी वहीं पर मिल गया। उसने ढाबा संचालक रिंकू सिंह को पकड़वा दिया। इसके बाद मुख्य आरोपी शरीफ अहमद उर्फ अजमेरी पकड़ा गया। अजमेरी ने फोन करके अपने साथी राजेंद्र उर्फ लल्ला को बुला लिया। चारों ने पुलिस के सामने गैंगरेप की बात भी कुबूल ली।
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अय्याशी का अड्डा मुर्गीफार्म सील होगा
-अनीस अहमद उर्फ बंटी के मुर्गी फार्म को शरीफ उर्फ अजमेरी और उसके साथियों ने अड्डा मुर्गीफार्म को पुलिस सील करेगी। पूछताछ के पुलिस को कुछ ऐसी जानकारी मिली है कि मुर्गीफार्म में पहले भी कई महिलाओं को लाकर हवस का शिकार बनाया गया है। गैंगरेप की पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसके साथ गलत काम करते वक्त भी इस तरह की चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि यहां तो आए दिन महिलाएं आती हैं और पैसा लेकर चली जाती हैं। शरीफ ने पीड़िता को भी गैंगरेप के बाद 250 रुपये दिए थे। हालांकि महिला ने भी यह स्वीकार की कि शरीफ ने उसे रुपये देने की कोशिश की थी, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया था।
चीखती रही मगर दरिंदों ने नहीं छोड़ा
-गैंगरेप की पीड़िता का कहना है कि वह चीखकर कहती रही मुझे छोड़ दो, लेकिन किसी दरिंदे को रहम नहीं आया। घटना के वक्त वह जरा भी विरोध कर देती को जालिम मुझे मार डालते। इसलिए मै उनसे मुंह न खोलने का वादा करके किसी तरह से मुर्गीफार्म से निकल आई और जान बच गई। शरीफ ने उसके साथ धोखा किया। आरोपियों को फांसी की सजा दिलाकर ही चैन मिलेगा।
आरोपियों के कपड़े सील
-पुलिस ने आरोपियों के कपड़ों को सील कर लिया है। विवेचक इंस्पेक्टर सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि कपड़ों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। उधर, महिला की मेडिकल के दौरान स्लाइड बनाई गई है। उसे भी रेप की पुष्टि के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाना है। सप्लीमेंट्री रिपोर्ट मिलने के बाद महिला के कोर्ट में बयान होंगे।
तीन महीने पहले ही हुआ था रिश्ता
मुर्गी फार्म के संचालक अनीस उर्फ बंटी को तो मोहल्ले के लोग बड़ा शरीफ लड़का समझते थे। उसकी दाड़ी की वजह से भी मोहल्ले के लोगों में बड़ा सम्मान था, लेकिन रात को पुलिस ने उसे पकड़ा तो किसी को यकीन नहीं हुआ कि वह गैंगरेप में शामिल हो सकता है। हालांकि उसने पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। तीन महीने पहले ही उसका उझानी के शेखूपुर गांव से रिश्ता हुआ है। गिरफ्तारी के बाद से उसका रिश्ता भी टूटने के कगार पर है।
महिला की कहानी पर भी उठे सवाल
-महिला जिस तरह चौपुला चौराहे से एसआएमएस जाने के लिए ऑटो रिक्शा में सवार होकर नकटिया और नरियावल तक चली गई। यह बात किसी की समझ में नहीं आ रही है। वह चाहती तो शरीफ के ऑटो रिक्शा से उतरकर किसी दूसरे से भी एसआएमएस जा सकती थी, लेकिन उसने शरीफ की बात पर इतनी आसानी से यकीन क्यों किया। शरीफ की नियत खराब देखकर वह रास्ते में भी तो कहीं शोर मचा सकती थीं। महिला की यह बातें कई सवाल खड़े कर रही हैं।
-महिला से गैंगरेप करने के चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। इस दौरान जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी-आरके भारद्वाज
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सोमवार की रात महिला नकटिया चौकी इंचार्ज ने महिला को नरियावल तक ले जाने के बाद एसओ बिथरी चैनपुर को बुला लिया था। रात का समय होने की वजह से महिला घटनास्थल बता नहीं पा रही थी। इसलिए चौकी इंचार्ज ने भी मौका का फायदा उठाकर घटना स्थल बिथरी चैनपुर का होने की संभावना जताई तो वहां से एसओ ने महिला को हड़काकर भगा दिया। कहने लगे महिला की दिमागी हालत सही नहीं है। पुलिस का रुख देकर महिला किसी तरह रेलवे स्टेशन पहुंच गई। उसने सर्दी में रात वहीं गुजारी और गणतंत्र दिवस के दिन सुबह ही वह घटना स्थल की तलाश में निकल पड़ी। कई घंटे मशक्कत करने के बाद उसने घटना स्थल तलाशा और फिर से चौकी पहुंच गई। महिला के घटना स्थल के बताने पर ही चौकी इंचार्ज ने अपने थाने के इंस्पेक्टर को बताया। इंस्पेक्टर ने चौकी पर पहुंचकर महिला से छानबीन की तो उसने सारी हकीकत बता दी।
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इस तरह पकड़े गए दरिंदे
-गैंगरेप की पीड़ित महिला के साथ इंस्पेक्टर ने पुलिस फोर्स के साथ मुर्गी फार्म में छापा मारा तो अनीस उर्फ बंटी वहीं पर मिल गया। उसने ढाबा संचालक रिंकू सिंह को पकड़वा दिया। इसके बाद मुख्य आरोपी शरीफ अहमद उर्फ अजमेरी पकड़ा गया। अजमेरी ने फोन करके अपने साथी राजेंद्र उर्फ लल्ला को बुला लिया। चारों ने पुलिस के सामने गैंगरेप की बात भी कुबूल ली।
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अय्याशी का अड्डा मुर्गीफार्म सील होगा
-अनीस अहमद उर्फ बंटी के मुर्गी फार्म को शरीफ उर्फ अजमेरी और उसके साथियों ने अड्डा मुर्गीफार्म को पुलिस सील करेगी। पूछताछ के पुलिस को कुछ ऐसी जानकारी मिली है कि मुर्गीफार्म में पहले भी कई महिलाओं को लाकर हवस का शिकार बनाया गया है। गैंगरेप की पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसके साथ गलत काम करते वक्त भी इस तरह की चर्चा कर रहे थे। उनका कहना था कि यहां तो आए दिन महिलाएं आती हैं और पैसा लेकर चली जाती हैं। शरीफ ने पीड़िता को भी गैंगरेप के बाद 250 रुपये दिए थे। हालांकि महिला ने भी यह स्वीकार की कि शरीफ ने उसे रुपये देने की कोशिश की थी, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया था।
चीखती रही मगर दरिंदों ने नहीं छोड़ा
-गैंगरेप की पीड़िता का कहना है कि वह चीखकर कहती रही मुझे छोड़ दो, लेकिन किसी दरिंदे को रहम नहीं आया। घटना के वक्त वह जरा भी विरोध कर देती को जालिम मुझे मार डालते। इसलिए मै उनसे मुंह न खोलने का वादा करके किसी तरह से मुर्गीफार्म से निकल आई और जान बच गई। शरीफ ने उसके साथ धोखा किया। आरोपियों को फांसी की सजा दिलाकर ही चैन मिलेगा।
आरोपियों के कपड़े सील
-पुलिस ने आरोपियों के कपड़ों को सील कर लिया है। विवेचक इंस्पेक्टर सूर्यनाथ सिंह ने बताया कि कपड़ों को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। उधर, महिला की मेडिकल के दौरान स्लाइड बनाई गई है। उसे भी रेप की पुष्टि के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाना है। सप्लीमेंट्री रिपोर्ट मिलने के बाद महिला के कोर्ट में बयान होंगे।
तीन महीने पहले ही हुआ था रिश्ता
मुर्गी फार्म के संचालक अनीस उर्फ बंटी को तो मोहल्ले के लोग बड़ा शरीफ लड़का समझते थे। उसकी दाड़ी की वजह से भी मोहल्ले के लोगों में बड़ा सम्मान था, लेकिन रात को पुलिस ने उसे पकड़ा तो किसी को यकीन नहीं हुआ कि वह गैंगरेप में शामिल हो सकता है। हालांकि उसने पुलिस के सामने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है। तीन महीने पहले ही उसका उझानी के शेखूपुर गांव से रिश्ता हुआ है। गिरफ्तारी के बाद से उसका रिश्ता भी टूटने के कगार पर है।
महिला की कहानी पर भी उठे सवाल
-महिला जिस तरह चौपुला चौराहे से एसआएमएस जाने के लिए ऑटो रिक्शा में सवार होकर नकटिया और नरियावल तक चली गई। यह बात किसी की समझ में नहीं आ रही है। वह चाहती तो शरीफ के ऑटो रिक्शा से उतरकर किसी दूसरे से भी एसआएमएस जा सकती थी, लेकिन उसने शरीफ की बात पर इतनी आसानी से यकीन क्यों किया। शरीफ की नियत खराब देखकर वह रास्ते में भी तो कहीं शोर मचा सकती थीं। महिला की यह बातें कई सवाल खड़े कर रही हैं।
-महिला से गैंगरेप करने के चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी। इस दौरान जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी-आरके भारद्वाज