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एसटीएफ ने दबोचा फीरोजाबाद का 50 हजार का इनामी
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 01 Oct 2016 01:35 AM IST
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एसटीएफ बरेली और आगरा ने संयुक्त ऑपरेशन में फीरोजाबाद के खैरगढ़ थाने के हुसैनपुर गांव के नेवी कैप्टन आलोक यादव की हत्यारोपी 50 हजार रुपये का इनामी प्रदीप यादव को दबोच लिया। उसे शाहजहांपुर जिले में बरेली मोड़ पर घेरकर पकड़ा गया। बरेली कोतवाली में आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट का मुकदमा लिखा गया है। पुलिस बी-वारंट से उसे फिरोजाबाद ले जाकर कोर्ट में पेश करेगी।
21 फ रवरी को थाना खैरगढ़ के हुसैनपुर गांव निवासी आलोक यादव नेवी में कैप्टन थे। शिकोहाबाद में वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे। आलोक की पत्नी बीडीसी का चुनाव लड़ रही थीं। पंचायत चुनाव के दौरान कार से घर आते वक्त आलोक की उन्हीं के गांव के बीएससी के छात्र प्रदीप यादव ने रंजिशन हत्या कर दी थी। चुनावी रंजिश में हुई इस हत्या के बाद सनसनी फैल गई थी। आलोक की ससुराल सैफई में है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दिलचस्पी दिखायी तो पुलिस पहले ही दिन से हत्यारोपियों को तलाश को सक्रिय थी, लेकिन प्रदीप हाथ नहीं लग पा रहा था। हालांकि इस मामले में नामजद विजयपाल सिंह, हजारी और ललईया को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। डीजीपी जावीद अहमद ने फरार चल रहे प्रदीप यादव पर 21 जून को 50 हजार का इनाम घोषित करके एसटीएफ को गिरफ्तारी के लिए लगा दिया था। सीओ एसटीएफ प्रशांत कुमार ने बताया कि आगरा एसटीएफ के दरोगा आनंद कुमार और दुष्यंत तिवारी के अलावा बरेली एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह यादव प्रदीप की तलाश में लगे थे। शुक्रवार की शाम को एसटीएफ की दोनों टीमों ने संयुक्त प्रयास करके प्रदीप यादव को बरेली मोड़ अजीजगंज, शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा भी मिला है। आरोपी के खिलाफ एसटीएफ ने बरेली कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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21 फ रवरी को थाना खैरगढ़ के हुसैनपुर गांव निवासी आलोक यादव नेवी में कैप्टन थे। शिकोहाबाद में वह अपनी पत्नी के साथ रहते थे। आलोक की पत्नी बीडीसी का चुनाव लड़ रही थीं। पंचायत चुनाव के दौरान कार से घर आते वक्त आलोक की उन्हीं के गांव के बीएससी के छात्र प्रदीप यादव ने रंजिशन हत्या कर दी थी। चुनावी रंजिश में हुई इस हत्या के बाद सनसनी फैल गई थी। आलोक की ससुराल सैफई में है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में दिलचस्पी दिखायी तो पुलिस पहले ही दिन से हत्यारोपियों को तलाश को सक्रिय थी, लेकिन प्रदीप हाथ नहीं लग पा रहा था। हालांकि इस मामले में नामजद विजयपाल सिंह, हजारी और ललईया को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। डीजीपी जावीद अहमद ने फरार चल रहे प्रदीप यादव पर 21 जून को 50 हजार का इनाम घोषित करके एसटीएफ को गिरफ्तारी के लिए लगा दिया था। सीओ एसटीएफ प्रशांत कुमार ने बताया कि आगरा एसटीएफ के दरोगा आनंद कुमार और दुष्यंत तिवारी के अलावा बरेली एसटीएफ के इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह यादव प्रदीप की तलाश में लगे थे। शुक्रवार की शाम को एसटीएफ की दोनों टीमों ने संयुक्त प्रयास करके प्रदीप यादव को बरेली मोड़ अजीजगंज, शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा भी मिला है। आरोपी के खिलाफ एसटीएफ ने बरेली कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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