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सिस्टम लैक.. युवाओं का भविष्य ब्लैक
बरेली।
Updated Fri, 13 Oct 2017 02:08 AM IST
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हमारे सिस्टम की लापरवाही और जिम्मेदारों के आंखें मूंद लेने की वजह से युवा विदेशी सिगरेट ब्लैक और गरम गोदाम के लती होते जा रहे हैं। गली-गली बिक रही इन विदेशी सिगरेट में निकोटीन का लेबल बहुत ज्यादा है। मेंथॉल बेस्ड होने से इसे पीने के बाद ठंडक तो मिलती ही है, मुंह से बदबू भी नहीं आती। इसी वजह से लगातार इन सिगरेट की डिमांड बढ़ रही है, लेकिन इसकी परवाह किसी को नहीं है। अमर उजाला की टीम ने ज्यादा नशे वाली इन सिगरेटों को बेचने और पीने वालों से बात करके पूरी पड़ताल की। नतीजा यही निकला की दोस्त ही दोस्तों को इस सिगरेट का लती बना रहे हैं। पहले शौक में मस्ती के लिए वह इसे पीने लगते हैं। बाद में इसके लती होने पर अपना पैसा खर्च करके सिरगेट पीते हैं।
विदेशी सिगरेटों की पड़ताल के दौरान हमारी पहली मुलाकात सेटेलाइट बस अड्डे पर बीड़ी-सिगरेट बेचने वाले वीरपाल सिंह से हुई। मांगने पर दुकानदार ने झट से सिगरेट निकालकर हमें थमा दी। कहने लगा, इस सिगरेट को ज्यादातर युवा ही खरीदते हैं। छोटी सिगरेट 15 रुपये तक बिक जाती है। दिनभर में उनकी दुकान से तीन-चार डिब्बी सिगरेट बिक रही हैं। हम अकेले नहीं बेच रहे, पूरे शहर में यह सिगरेट बिक रही है। सर्दी के दिनों में इसकी डिमांड ज्यादा रहती है।
यहां से आगे बढ़े तो हमने पीलीभीत रोड पर सड़क किनारे खोखा लगाए बैठे संजीव कुमार से बात की। उसका कहना था कि ब्लैैक और गरम गोदाम सिगरेट काफी समय से बेच रहे हैं। इसमें कमाई भी ठीक हो जाती है। एजेंट नौ रुपये में सिगरेट हमारी दुकान पर पहुंचा जाते हैैं। शाहजहांपुर रोड पर घोड़ा बटालियन के सामने पान बीड़ी के खोखे पर बैठे दुकानदार ने अपना नाम तो नहीं बताया लेकिन यह बता दिया कि उसके पास भी ब्लैैक और गरम गोदाम सिगरेट है। अयूब खां चौराहे पर फौजी पान भंडार वाले किशन के पास हम पहुंचे तो उन्होंने गरम गोदाम और ब्लैक दोनों ही सिगरेट होने से मना कर दिया। इतना जरूर बताया कि बाजार में यह दोनों सिगरेट खूब बिक रही हैं। सैयद पान भंडार पर भी ब्लैक और गरम गोदाम सिरगेट नहीं मिल पाई। हालांकि पुराने रोडवेज बस अड्डे पर दो खोखों पर दोनों सिगरेट बिक रही हैं।
विदेशी सिगरेटों की पड़ताल के दौरान हमारी पहली मुलाकात सेटेलाइट बस अड्डे पर बीड़ी-सिगरेट बेचने वाले वीरपाल सिंह से हुई। मांगने पर दुकानदार ने झट से सिगरेट निकालकर हमें थमा दी। कहने लगा, इस सिगरेट को ज्यादातर युवा ही खरीदते हैं। छोटी सिगरेट 15 रुपये तक बिक जाती है। दिनभर में उनकी दुकान से तीन-चार डिब्बी सिगरेट बिक रही हैं। हम अकेले नहीं बेच रहे, पूरे शहर में यह सिगरेट बिक रही है। सर्दी के दिनों में इसकी डिमांड ज्यादा रहती है।
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यहां से आगे बढ़े तो हमने पीलीभीत रोड पर सड़क किनारे खोखा लगाए बैठे संजीव कुमार से बात की। उसका कहना था कि ब्लैैक और गरम गोदाम सिगरेट काफी समय से बेच रहे हैं। इसमें कमाई भी ठीक हो जाती है। एजेंट नौ रुपये में सिगरेट हमारी दुकान पर पहुंचा जाते हैैं। शाहजहांपुर रोड पर घोड़ा बटालियन के सामने पान बीड़ी के खोखे पर बैठे दुकानदार ने अपना नाम तो नहीं बताया लेकिन यह बता दिया कि उसके पास भी ब्लैैक और गरम गोदाम सिगरेट है। अयूब खां चौराहे पर फौजी पान भंडार वाले किशन के पास हम पहुंचे तो उन्होंने गरम गोदाम और ब्लैक दोनों ही सिगरेट होने से मना कर दिया। इतना जरूर बताया कि बाजार में यह दोनों सिगरेट खूब बिक रही हैं। सैयद पान भंडार पर भी ब्लैक और गरम गोदाम सिरगेट नहीं मिल पाई। हालांकि पुराने रोडवेज बस अड्डे पर दो खोखों पर दोनों सिगरेट बिक रही हैं।
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