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स्वालेनगर में जुलूस रोकने को लेकर हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 13 Dec 2016 01:05 AM IST
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Swalenagr prevent the procession uproar
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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स्वालेनगर में नवदिया रोड पर जुलूस-ए-मोहम्मदी को रोकने की कोशिश की गई। पुलिस से भी धक्का-मुक्की भी हुई, लेकिन विरोध और तनाव के बीच पुलिस ने जुलूस निकलवा दिया।
सोमवार को दोपहर करीब ढाई बजे स्वालेनगर में हाजी एजाज मियां के घर से जुलूस-ए-मोहम्मदी नवदिया रोड पर चला था। मोहल्ले के ही बंटू, छोटा, मदन, चुनमुन बंटा आदि ने सराय चौकी जाने के लिए नवदिया मोड़ पर पहुंचते ही जुलूस को रोकने की कोशिश की। उनका कहना था कि इस रास्ते से कभी जुलूस नहीं निकलता था। जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि जुलूस हर साल इसी मार्ग से होकर एक मीनार की मस्जिद से होकर मैन रोड पर पहुंचकर दरगाह पर जाता है। पुलिस ने विरोध करने वालों को रास्ते से हटाने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की होने लगे। इसी बीच एक पत्थर भी कहीं से आ गया। पुलिस ने मोर्चा संभालकर किसी तरह जुलूस निकलवाने के बाद किसी तरह से माहौल बिगड़ने से बचा लिया।
हाफिजगंज में सजावट ने करा दिया विवाद
हाफिजगंज। खोह गांव में जुलूस-ए-मोहम्मदी की सजावट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस दोनों पक्षों के तीन लोगों को पकड़कर थाने ले आई। गांव के भानू ने यूपी 100 को सूचना दी कि अफसर अली और अनवार अली समेत कई लोग गांव के रास्ते पर झालर की सजावट कर रहे हैं और जुलूस निकालकर नई परंपरा शुरू कर सकते हैं। पुलिस भानू, अफसर और अनवर को पकड़कर थाने ले आई। इसके बाद गांव के लोग भी थाने पहुंच गए। एक पक्ष के लोगों का कहना था कि नई परंपरा की शुरुआत की जा रही है जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि वे जुलूस नहीं बल्कि सिर्फ सजावट कर रहे थे। बढ़ेपुरा गांव के संजीव ने खोह के आसीन एराजू, रहीस अहमद, बुंदन, सोनू, इदरीस, मुन्ने, इरशाद आदि पर दबंगई के बल पर जुलूस निकालने की शिकायत डीएम से की है। हालांकि प्रधान अख्तयार अहमद का कहना है कि कोई जुलूस नहीं निकाला गया हैं। सिर्फ सजावट की गई है।
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बुझिया जागीर में नहीं निकलने दिया जुलूस
दुनका। शाही के बुझिया जागीर गांव में प्रशासन ने जुलूस-ए-मोहम्मदी की नई परंपरा नहीं पड़ने दी। कुछ लोग पहली बार गांव में जुलूस निकालना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। अफसरों का अंदेशा था कि कुछ लोग नई परंपरा शुरू कर सकते हैं इसलिए एसओ शाही कमल सिंह यादव फोर्स लेकर सुबह ही गांव पहुंच गए। महिला सिपाहियों समेत अन्य थानों की भी फोर्स बुला ली गई। बाद में एसडीएम अर्चना द्विवेदी, सीओ गिरीश कुमार सिंह भी तहसीलदार राजेश कुमार, नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश, लेखपाल और कानूनगो को लेकर गांव पहुंचे। जुलूस निकालने का एलान करने वाले मस्जिद में ही जमे रहे।
ट्यूलिया में भी तनाव, छह हिरासत में
फतेहगंज पश्चिमी। ट्यूलिया में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने की कोशिश का विरोध करने पर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस दोनों पक्षों के छह लोगों को पकड़कर थाने ले गई। ट्यूलिया में हर साल मुस्लिम समुदाय के लोग मथुरापुर जाकर जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होते हैं। एक पक्ष का आरोप है कि इस बार कुछ लोग पुरानी परंपरा तोड़कर गांव में जुलूस निकालने की कोशिशों में जुटे थे। मस्जिद और आसपास रास्तों में सजावट भी की गई थी। उधर, दूसरे पक्ष का कहना था कि सिर्फ मस्जिद और रास्तों की सजावट की गई थी।
जयनगर में पूर्व विधायक ने निकाल दिया जुलूस, ग्रामीण नाराज
नवाबगंज। जयनगर में नई परंपरा डालकर जुलूस निकालने पर एक पक्ष के लोग नाराज हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व विधायक मास्टर छोटेलाल गंगवार और उनके समर्थकों ने पाबंदी के बाद भी जुलूस निकाला। हेमप्रकाश, परमानंद, योगेंद्र, प्रेमपाल आदि का कहना है कि डॉ. मुख्तयार मंसूरी के साथ गांव पहुंचे पूर्व विधायक मास्टर छोटे लाल गंगवार ने जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलवा दिया। इसकी सूचना एसडीएम और सीओ के देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। इस बारे में पूर्व विधायक ने कहा कि सभी लोगों को त्योहार मनाने का हक है। पूरा जुलूस शांति के साथ निकला है। मैं पूरे समय मौजूद रहा। किसी ग्रामीण को इस पर ऐतराज नहीं था। कोतवाल प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो प्रशासन की अनुमति के बिना नई परंपरा नहीं डाल सकता। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि एक दिन पहले ग्रामीणों ने कहा था कि कुछ लोग जुलूस निकालने की तैयारी में हैं लेकिन आज इस बारे में किसी ने नहीं बताया। ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को दोपहर करीब ढाई बजे स्वालेनगर में हाजी एजाज मियां के घर से जुलूस-ए-मोहम्मदी नवदिया रोड पर चला था। मोहल्ले के ही बंटू, छोटा, मदन, चुनमुन बंटा आदि ने सराय चौकी जाने के लिए नवदिया मोड़ पर पहुंचते ही जुलूस को रोकने की कोशिश की। उनका कहना था कि इस रास्ते से कभी जुलूस नहीं निकलता था। जुलूस में शामिल लोगों का कहना था कि जुलूस हर साल इसी मार्ग से होकर एक मीनार की मस्जिद से होकर मैन रोड पर पहुंचकर दरगाह पर जाता है। पुलिस ने विरोध करने वालों को रास्ते से हटाने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की होने लगे। इसी बीच एक पत्थर भी कहीं से आ गया। पुलिस ने मोर्चा संभालकर किसी तरह जुलूस निकलवाने के बाद किसी तरह से माहौल बिगड़ने से बचा लिया।
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हाफिजगंज में सजावट ने करा दिया विवाद
हाफिजगंज। खोह गांव में जुलूस-ए-मोहम्मदी की सजावट को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस दोनों पक्षों के तीन लोगों को पकड़कर थाने ले आई। गांव के भानू ने यूपी 100 को सूचना दी कि अफसर अली और अनवार अली समेत कई लोग गांव के रास्ते पर झालर की सजावट कर रहे हैं और जुलूस निकालकर नई परंपरा शुरू कर सकते हैं। पुलिस भानू, अफसर और अनवर को पकड़कर थाने ले आई। इसके बाद गांव के लोग भी थाने पहुंच गए। एक पक्ष के लोगों का कहना था कि नई परंपरा की शुरुआत की जा रही है जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि वे जुलूस नहीं बल्कि सिर्फ सजावट कर रहे थे। बढ़ेपुरा गांव के संजीव ने खोह के आसीन एराजू, रहीस अहमद, बुंदन, सोनू, इदरीस, मुन्ने, इरशाद आदि पर दबंगई के बल पर जुलूस निकालने की शिकायत डीएम से की है। हालांकि प्रधान अख्तयार अहमद का कहना है कि कोई जुलूस नहीं निकाला गया हैं। सिर्फ सजावट की गई है।
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बुझिया जागीर में नहीं निकलने दिया जुलूस
दुनका। शाही के बुझिया जागीर गांव में प्रशासन ने जुलूस-ए-मोहम्मदी की नई परंपरा नहीं पड़ने दी। कुछ लोग पहली बार गांव में जुलूस निकालना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। अफसरों का अंदेशा था कि कुछ लोग नई परंपरा शुरू कर सकते हैं इसलिए एसओ शाही कमल सिंह यादव फोर्स लेकर सुबह ही गांव पहुंच गए। महिला सिपाहियों समेत अन्य थानों की भी फोर्स बुला ली गई। बाद में एसडीएम अर्चना द्विवेदी, सीओ गिरीश कुमार सिंह भी तहसीलदार राजेश कुमार, नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश, लेखपाल और कानूनगो को लेकर गांव पहुंचे। जुलूस निकालने का एलान करने वाले मस्जिद में ही जमे रहे।
ट्यूलिया में भी तनाव, छह हिरासत में
फतेहगंज पश्चिमी। ट्यूलिया में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकालने की कोशिश का विरोध करने पर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस दोनों पक्षों के छह लोगों को पकड़कर थाने ले गई। ट्यूलिया में हर साल मुस्लिम समुदाय के लोग मथुरापुर जाकर जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होते हैं। एक पक्ष का आरोप है कि इस बार कुछ लोग पुरानी परंपरा तोड़कर गांव में जुलूस निकालने की कोशिशों में जुटे थे। मस्जिद और आसपास रास्तों में सजावट भी की गई थी। उधर, दूसरे पक्ष का कहना था कि सिर्फ मस्जिद और रास्तों की सजावट की गई थी।
जयनगर में पूर्व विधायक ने निकाल दिया जुलूस, ग्रामीण नाराज
नवाबगंज। जयनगर में नई परंपरा डालकर जुलूस निकालने पर एक पक्ष के लोग नाराज हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व विधायक मास्टर छोटेलाल गंगवार और उनके समर्थकों ने पाबंदी के बाद भी जुलूस निकाला। हेमप्रकाश, परमानंद, योगेंद्र, प्रेमपाल आदि का कहना है कि डॉ. मुख्तयार मंसूरी के साथ गांव पहुंचे पूर्व विधायक मास्टर छोटे लाल गंगवार ने जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलवा दिया। इसकी सूचना एसडीएम और सीओ के देने के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। इस बारे में पूर्व विधायक ने कहा कि सभी लोगों को त्योहार मनाने का हक है। पूरा जुलूस शांति के साथ निकला है। मैं पूरे समय मौजूद रहा। किसी ग्रामीण को इस पर ऐतराज नहीं था। कोतवाल प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि कोई कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो प्रशासन की अनुमति के बिना नई परंपरा नहीं डाल सकता। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि एक दिन पहले ग्रामीणों ने कहा था कि कुछ लोग जुलूस निकालने की तैयारी में हैं लेकिन आज इस बारे में किसी ने नहीं बताया। ऐसा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।