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प्रापर्टी एजेंट की गला रेत कर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 10 Sep 2016 01:38 AM IST
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नवाबगंज। नगर के प्रमुख प्रापर्टी डीलर के कमीशन एजेंट की गुरुवार रात गला रेत कर हत्या कर दी गई। सुबह बिस्तर पर रक्तरंजित शव पड़ा मिला तो इलाके में सनसनी फैल गई। हत्या को लेकर वजह साफ नहीं हो सकी। मृतक के भाई ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना क्योलड़िया के गांव धिमरा निवासी 50 वर्षीय कल्यान राय छह साल से नगर की यासीन नगर बस्ती में मकान बनाकर अपनी मां गेंदा देवी के साथ रह रहे थे। उन्होंने शादी नहीं की थी। वह प्रापर्टी डीलर सुहेल इरशाद खां के कमीशन एजेंट के तौर पर काम करते थे। कल्यान के घर से करीब तीन सौ मीटर दूर उनके ज्योतजागीर निवासी रिश्तेदार नरेंद्र ने प्लाट खरीदा था। यहां नरेंद्र मकान बना रहे थे। बस्ती के ही मिस्त्री पूरनलाल मकान बना रहे थे तो निर्माण और नए मकान की देखभाल कल्यान राय के हवाले थी। गुरुवार रात भी कल्यान इस मकान की रखवाली कर रहे थे। निर्माणाधीन मकान के पास वह रोज की तरह खुले में मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे। सुबह स्थानीय लोगों ने देखा कि मच्छरदानी लगे बिस्तर पर कल्यान का शव पड़ा है। गले को निर्ममता से रेता गया था। सूचना पर पुलिस और कल्यान के घरवाले पहुंचे। कोतवाल राजीव कुमार शर्मा ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया। कल्यान के भाई ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पोस्टमार्टम में गला काटने की वजह से ही मौत की पुष्टि हुई। निर्ममता से गले की हड्डी तक काट दी गई थी। हाथ पर भी धारदार हथियार से प्रहार किया गया था। कोतवाल का कहना है कि परिवार के लोग भी हत्या की कोई ठोस वजह नहीं बता पा रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर सही खुलासा करेगी।
रात में हुई थी मछली और शराब की दावत
नवाबगंज। गुरुवार की रात में हुए हत्याकांड का राज भले ही न खुला हो पर देर रात तक की गतिविधियों की जानकारी तो सार्वजनिक हो चुकी है। सोने से पहले कल्यान राय ने मछली और शराब का सेवन किया था। इससे आगे क्या हुआ, यह तफ्तीश कर पुलिस खुलासे के क्लू खोज सकती है। शाम को कल्यान राय मछली लेकर आए थे जिन्हें मकान का निर्माण कर रहे मिस्त्री पूरनलाल के घर बनाया गया था। इसी मकान के पास कल्यान, उनके भाई खेमकरन और पूरनलाल ने मछलियां खाईं। बाद में बाकी दोनों लोग चले गए। घटनास्थल के पास ही पुलिस ने कच्ची शराब की पांच खाली थैली और इतने ही गिलास बरामद किए। चूंकि कल्यान खानेपीने के शौकीन थे। इसलिए माना जा रहा है कि मछली के साथ ही उन्होंने शराब भी पी होगी। आसपास के इलाके में कच्ची शराब बनाने और बेचने का धंधा भी होता है। शराब किसने किससे खरीदी? यह जानकारी जुटाने में भी पुलिस लगी है।
मोबाइल डायरी कौन ले गया
कल्यान राय प्लाटों का सौदा कराने के बाद रुपये के लेनदेन का हिसाब अपनी डायरी में नोट करते थे। पुलिस को उनकी जेब से न तो वह डायरी मिली और न मोबाइल, माना जा रहा है कि हत्यारे इन्हें साथ ले गए। ऐसे में प्लाटों के लेनदेन में विवाद की संभावना भी जांच का बिंदु है, काल डिटेल से भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
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गांव में है 18 बीघा जमीन
कल्यान पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई खेमकरन इसी बस्ती में परिवार समेत रहते हैं। जबकि दो भाई रोशनलाल और भगवानदास दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। एक भाई हरिप्रसाद भी बाहर रहकर काम करता था। वह गुरुवार को कल्यान के घर आया था और मिलकर चला गया। पिता पातीराम के निधन के बाद करीब 18 बीघा जमीन पांचों भाइयों के साथ ही मां के नाम दर्ज हो गई, कल्यान मां को साथ रखते थे। परिवार में जमीन के किसी विवाद की संभावना को भी लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
पुरानी रंजिश तो वजह नहीं
जिस क्रूरता से कल्यान को मारा गया, उससे लगता है कि इसके पीछे बड़ा कारण हो सकता है। वर्ष 1998 में उनके गांव धिमरा में हुई दो भाइयों वीरेंद्र और भरतवीर सिंह की हत्या में उनके भाई खेमकरन को भी नामजद किया गया था। हालांकि 19 नवंबर 1999 को समझौते के बाद सभी नामजदों को दोषमुक्त कर दिया गया।
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रात में हुई थी मछली और शराब की दावत
नवाबगंज। गुरुवार की रात में हुए हत्याकांड का राज भले ही न खुला हो पर देर रात तक की गतिविधियों की जानकारी तो सार्वजनिक हो चुकी है। सोने से पहले कल्यान राय ने मछली और शराब का सेवन किया था। इससे आगे क्या हुआ, यह तफ्तीश कर पुलिस खुलासे के क्लू खोज सकती है। शाम को कल्यान राय मछली लेकर आए थे जिन्हें मकान का निर्माण कर रहे मिस्त्री पूरनलाल के घर बनाया गया था। इसी मकान के पास कल्यान, उनके भाई खेमकरन और पूरनलाल ने मछलियां खाईं। बाद में बाकी दोनों लोग चले गए। घटनास्थल के पास ही पुलिस ने कच्ची शराब की पांच खाली थैली और इतने ही गिलास बरामद किए। चूंकि कल्यान खानेपीने के शौकीन थे। इसलिए माना जा रहा है कि मछली के साथ ही उन्होंने शराब भी पी होगी। आसपास के इलाके में कच्ची शराब बनाने और बेचने का धंधा भी होता है। शराब किसने किससे खरीदी? यह जानकारी जुटाने में भी पुलिस लगी है।
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मोबाइल डायरी कौन ले गया
कल्यान राय प्लाटों का सौदा कराने के बाद रुपये के लेनदेन का हिसाब अपनी डायरी में नोट करते थे। पुलिस को उनकी जेब से न तो वह डायरी मिली और न मोबाइल, माना जा रहा है कि हत्यारे इन्हें साथ ले गए। ऐसे में प्लाटों के लेनदेन में विवाद की संभावना भी जांच का बिंदु है, काल डिटेल से भी महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
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गांव में है 18 बीघा जमीन
कल्यान पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके छोटे भाई खेमकरन इसी बस्ती में परिवार समेत रहते हैं। जबकि दो भाई रोशनलाल और भगवानदास दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। एक भाई हरिप्रसाद भी बाहर रहकर काम करता था। वह गुरुवार को कल्यान के घर आया था और मिलकर चला गया। पिता पातीराम के निधन के बाद करीब 18 बीघा जमीन पांचों भाइयों के साथ ही मां के नाम दर्ज हो गई, कल्यान मां को साथ रखते थे। परिवार में जमीन के किसी विवाद की संभावना को भी लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।
पुरानी रंजिश तो वजह नहीं
जिस क्रूरता से कल्यान को मारा गया, उससे लगता है कि इसके पीछे बड़ा कारण हो सकता है। वर्ष 1998 में उनके गांव धिमरा में हुई दो भाइयों वीरेंद्र और भरतवीर सिंह की हत्या में उनके भाई खेमकरन को भी नामजद किया गया था। हालांकि 19 नवंबर 1999 को समझौते के बाद सभी नामजदों को दोषमुक्त कर दिया गया।