{"_id":"57c73a564f1c1b376e2cb625","slug":"police-were-not-able-to-digest-the-story-of-sanjana","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैंजना पर हजम नहीं हो रही पुलिस की कहानी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सैंजना पर हजम नहीं हो रही पुलिस की कहानी
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Thu, 01 Sep 2016 01:43 AM IST
विज्ञापन
पुिललिस बल तैनात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैंजना गांव में चार लाशें मिलने के बाद पुलिस जो कहानी बना रही है वह बात किसी को हजम नहीं हो रही है। पुलिस ने सीधी सी कहानी बुन ली है। कहानी ये है कि राजू के घर में दो बार पकड़े जाने के बाद परिवार वालों ने शारदा को डांट दिया था। इसके बाद उसने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। उसे बचाने के चक्कर में उसकी दोनों बहनें भी डूबकर मर गई। इसके बाद राजू ने शायद पश्चाताप या पकड़े जाने के डर से आत्म हत्या कर ली। पुलिस की इस शार्टकट थ्योरी से अलग आम लोग यही मान रहे हैं कि अगर लड़कियों की मौत आनर किलिंग नहीं है तो कोई तीसरा पक्ष इसके पीछे है जिसे या तो इस विवाद से कोई फायदा है या फिर वह अपनी कोई कहानी छिपाना चाहता है।
हालात इन चारों की हत्या की ओर ही इशारा कर रहे हैं। इस सवाल का जवाब पुलिस को नहीं मिल रहा है कि शारदा की लाश एक जगह और बाकी दोनों की इतनी दूर कैसे मिली जबकि नही में ऐसा प्रवाह भी नहीं था। लड़कियों का शरीर इतनी जल्दी इतना खराब कैसे हुआ। कहीं ऐसा तो नहीं कि पहली रात ही उन्हें नदी में फेंक दिया गया हो। एक लड़की का हाथ बंधा हुआ क्यों था और दूसरी की आंखें और जीब बाहर को क्यों निकली हुई थी। परिवार वाले तो लड़की के कमर के नीचे चोट की बात भी कह रहे हैं।
मरने वाली लड़कियों का चेहरा, हाथ, पेट तेजाब से जले जैसे निशान कैसे थे। शारदा के मुंह-नाक-कानों से खून बह रहा था। पोस्टमार्टम में राजू की मौत की वजह तो साफ नहीं हो पाई, लेकिन पुलिस के आला अफसरों ने पहले ही मान लिया कि उसने भी आत्महत्या कर ली। इसके पीछे तर्क यह है कि राजू के शव से थोड़ी दूरी पर पेड़ के नीचे कीटनाशक की दो बोलतें और थैली में कुछ खुला पाउडर मिला है। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि राजू को जहर खाकर मरने के लिए दो बोतल कीटनाशक और पाउडर साथ में लाने की क्या जरूरत थी। एक पुड़िया ही उसकी जान लेने के लिए काफी थी।
विज्ञापन
एसओ मीरगंज का कहना है कि तीन लड़कियों और राजू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत का कारण स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की जांच में चारों का आत्महत्या का मामला भी प्रकाश में आ रहा है। लड़कियों के परिवार वाले जहां राजू की मौत से अपना कोई वास्ता होने से साफ इन्कार कर रहे हैं। वहीं राजू शर्मा के पिता महेश चंद्र शर्मा, उनकी पत्नी त्रिवेणी देवी और सास का कहना है कि उसे लड़कियों के परिवार वालों ने मार डाला है। गांव में तनाव की चलते दो एसआई और दो-दो पुरुष-महिला सिपाहियों के अलावा एक कंपनी पीएसी भी तैनात कर दी गई है।
अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार
सैंजना गांव की पिंकी, प्रीति, शारदा और राजू की मौत का राज विसरा की जांच रिपोर्ट ही खोल पाएगी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी विशेष वाहक को भेजकर विसरों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज रहे हैं। लड़कियों का विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। राजू का विसरा भी बृहस्पतिवार को भिजवा दिया जाएगा। विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद इन चारों मौतों का राज खुलने की उम्मीद है।
सोमपाल की लोकेशन बागपत में मिली
राजू के साथी सोमपाल गंगवार का बुधवार को चौथे दिन भी सुराग नहीं लगा है। हालांकि पुलिस सोमपाल की लोकेशन दिल्ली और बागपत में मिलने की बात कह रही है। परिवार वाले घर खुला छोड़कर कहीं चले गए हैं। सोमपाल राजू का जिगरी दोस्त था। सोमपाल, उसकी पत्नी संग राजू भी 24 अगस्त को दिल्ली में सोमपाल की ससुराल में राखी बांधने गया था। शनिवार को लड़कियों की लाशें मिलने वाले दिन और अगले रोज भी उसे राजू के साथ ही गांव में देखा गया था।
सियासी लोग पहुंच रहे सैजना
सियासी लोगों का सैंजना जाने और मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। भाजपा नेता तेजेश्वरी सिंह मीरगंज पहुंचीं और पार्टी कार्यकर्ताओं को सैजना में चार लाशें मिलने के घटनाक्रम को पूरी गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के लोगों से मिलकर उनकी बात सुनने को कहा है। सपा नेता सुरेश गंगवार, भाजपा नेता हुलासीराम राजपूत आदि भी सैजना पहुंचे।
इतनी जल्दी में क्यों है पुलिस, किसका दबाव है
बरेली। आमतौर पर बड़े -बड़े मामलों में क्लू न मिलने की बात कह कर उन्हें लटकाने वाली पुलिस का रवैया सैंजना प्रकरण में कुछ अलग ही है। कुछ वैसा ही जैसा बदायूं के कटरा सहादत कांड में था, जहां डीजीपी तक ने इसे आनर किलिंग कह कर विवाद छेड़ दिया था। मामला सीबीआई जांच तक पहुंचा तो अब तक अनसुलझा है। सैंजना प्रकरण को एसपी देहात से लेकर एसएसपी तक बिना सोचे इसे सीधे आत्महत्या बता दे रहे हैं जबकि मामले की ठीक से पड़ताल तक नहीं हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सवालों के घेरे में है। तीन के पोस्टमार्टम देर रात को किए गए और रिपोर्ट में कोई खास डिटेल नहीं है। राजू की रिपोर्ट में तो एंटीमार्टम इंजरी कतई नहीं दिखाई गई है जबकि उसके शरीर पर जख्म था। लड़कियों के आंखे और जीभ बाहर निकलने और उसकी वजह की भी जिक्र नहीं। राजू के मामले में तो एक और चौंकाने वाली बात है कि सिम मौके पर मिला और मोबाइल पोस्टमार्टम के दौरान। इसी तरह एक लड़की के अंडर गारमेंट में चिप या मेमोरी कार्ड भी पोस्टमार्टम के दौरान बरामद दिखाया गया। जबकि किसा लड़की के पास मोबाइल नहीं था। इन साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट आयी नहीं और अफसर इसे क्लोज केस की तरह बता रहे हैं।
सैंजना गांव प्रकरण में अब क्या बचा है। चारों ने आत्महत्या की है। लड़कियों की नदी में डूबने से मौत हुई है। राजू ने भी आत्महत्या की है। लड़कियों के परिवार वालों की तरफ से लिखाया गया अपहरण का मुकदमा बंद होगा
- यमुना प्रसाद, एसपी देहात
गांव में तनाव, पीएसी तैनात
मीरगंज। पहले तीन लड़कियों और फिर उनकी हत्या में नामजद एक युवक के शव मिलने के बाद सैंजना गांव सदमे में है। गम के साथ अब दोनों पक्षों में तनाव भी बढ़ रहा है। एहतियातन गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। उधर, पुलिस चारों की मौत को आत्महत्या बताकर केस को बंद करने की बात कर रही है। जबकि दोनों के ही परिवार वाले हत्या होने की बात कहकर खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को देर रात पोस्टमार्टम के बाद होकर राजू शर्मा की लाश घर पहुंचते ही मुंह बोली नानी, मां-बाप, दोनों भाई सबके सब चीख-पुकार कर रोने लगे। बुधवार को कड़ी सुरक्षा में राजू की लाश का गांव की ही शमशान भूमि में अंतिम संस्कार कर दिया गया। लड़कियों के पिता गांव के मोअज्जिज लोगों संग आला अफसरों से मिलने बरेली दौड़ गए। उन्होंने डीएम समेत कई अफसरों से मिलकर जल्द घटना का खुलासा करने की मांग की। दोनों परिवारों में तनाव को देखते हुए आला अफसरों ने गांव में पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात कर दी है।
विज्ञापन
हालात इन चारों की हत्या की ओर ही इशारा कर रहे हैं। इस सवाल का जवाब पुलिस को नहीं मिल रहा है कि शारदा की लाश एक जगह और बाकी दोनों की इतनी दूर कैसे मिली जबकि नही में ऐसा प्रवाह भी नहीं था। लड़कियों का शरीर इतनी जल्दी इतना खराब कैसे हुआ। कहीं ऐसा तो नहीं कि पहली रात ही उन्हें नदी में फेंक दिया गया हो। एक लड़की का हाथ बंधा हुआ क्यों था और दूसरी की आंखें और जीब बाहर को क्यों निकली हुई थी। परिवार वाले तो लड़की के कमर के नीचे चोट की बात भी कह रहे हैं।
विज्ञापन
मरने वाली लड़कियों का चेहरा, हाथ, पेट तेजाब से जले जैसे निशान कैसे थे। शारदा के मुंह-नाक-कानों से खून बह रहा था। पोस्टमार्टम में राजू की मौत की वजह तो साफ नहीं हो पाई, लेकिन पुलिस के आला अफसरों ने पहले ही मान लिया कि उसने भी आत्महत्या कर ली। इसके पीछे तर्क यह है कि राजू के शव से थोड़ी दूरी पर पेड़ के नीचे कीटनाशक की दो बोलतें और थैली में कुछ खुला पाउडर मिला है। इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है कि राजू को जहर खाकर मरने के लिए दो बोतल कीटनाशक और पाउडर साथ में लाने की क्या जरूरत थी। एक पुड़िया ही उसकी जान लेने के लिए काफी थी।
विज्ञापन
एसओ मीरगंज का कहना है कि तीन लड़कियों और राजू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत का कारण स्पष्ट कर दिया है। अभी तक की जांच में चारों का आत्महत्या का मामला भी प्रकाश में आ रहा है। लड़कियों के परिवार वाले जहां राजू की मौत से अपना कोई वास्ता होने से साफ इन्कार कर रहे हैं। वहीं राजू शर्मा के पिता महेश चंद्र शर्मा, उनकी पत्नी त्रिवेणी देवी और सास का कहना है कि उसे लड़कियों के परिवार वालों ने मार डाला है। गांव में तनाव की चलते दो एसआई और दो-दो पुरुष-महिला सिपाहियों के अलावा एक कंपनी पीएसी भी तैनात कर दी गई है।
अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार
सैंजना गांव की पिंकी, प्रीति, शारदा और राजू की मौत का राज विसरा की जांच रिपोर्ट ही खोल पाएगी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी विशेष वाहक को भेजकर विसरों को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज रहे हैं। लड़कियों का विसरा जांच के लिए भेज दिया गया है। राजू का विसरा भी बृहस्पतिवार को भिजवा दिया जाएगा। विसरा की जांच रिपोर्ट आने के बाद इन चारों मौतों का राज खुलने की उम्मीद है।
सोमपाल की लोकेशन बागपत में मिली
राजू के साथी सोमपाल गंगवार का बुधवार को चौथे दिन भी सुराग नहीं लगा है। हालांकि पुलिस सोमपाल की लोकेशन दिल्ली और बागपत में मिलने की बात कह रही है। परिवार वाले घर खुला छोड़कर कहीं चले गए हैं। सोमपाल राजू का जिगरी दोस्त था। सोमपाल, उसकी पत्नी संग राजू भी 24 अगस्त को दिल्ली में सोमपाल की ससुराल में राखी बांधने गया था। शनिवार को लड़कियों की लाशें मिलने वाले दिन और अगले रोज भी उसे राजू के साथ ही गांव में देखा गया था।
सियासी लोग पहुंच रहे सैजना
सियासी लोगों का सैंजना जाने और मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। भाजपा नेता तेजेश्वरी सिंह मीरगंज पहुंचीं और पार्टी कार्यकर्ताओं को सैजना में चार लाशें मिलने के घटनाक्रम को पूरी गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों के लोगों से मिलकर उनकी बात सुनने को कहा है। सपा नेता सुरेश गंगवार, भाजपा नेता हुलासीराम राजपूत आदि भी सैजना पहुंचे।
इतनी जल्दी में क्यों है पुलिस, किसका दबाव है
बरेली। आमतौर पर बड़े -बड़े मामलों में क्लू न मिलने की बात कह कर उन्हें लटकाने वाली पुलिस का रवैया सैंजना प्रकरण में कुछ अलग ही है। कुछ वैसा ही जैसा बदायूं के कटरा सहादत कांड में था, जहां डीजीपी तक ने इसे आनर किलिंग कह कर विवाद छेड़ दिया था। मामला सीबीआई जांच तक पहुंचा तो अब तक अनसुलझा है। सैंजना प्रकरण को एसपी देहात से लेकर एसएसपी तक बिना सोचे इसे सीधे आत्महत्या बता दे रहे हैं जबकि मामले की ठीक से पड़ताल तक नहीं हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सवालों के घेरे में है। तीन के पोस्टमार्टम देर रात को किए गए और रिपोर्ट में कोई खास डिटेल नहीं है। राजू की रिपोर्ट में तो एंटीमार्टम इंजरी कतई नहीं दिखाई गई है जबकि उसके शरीर पर जख्म था। लड़कियों के आंखे और जीभ बाहर निकलने और उसकी वजह की भी जिक्र नहीं। राजू के मामले में तो एक और चौंकाने वाली बात है कि सिम मौके पर मिला और मोबाइल पोस्टमार्टम के दौरान। इसी तरह एक लड़की के अंडर गारमेंट में चिप या मेमोरी कार्ड भी पोस्टमार्टम के दौरान बरामद दिखाया गया। जबकि किसा लड़की के पास मोबाइल नहीं था। इन साक्ष्यों की जांच रिपोर्ट आयी नहीं और अफसर इसे क्लोज केस की तरह बता रहे हैं।
सैंजना गांव प्रकरण में अब क्या बचा है। चारों ने आत्महत्या की है। लड़कियों की नदी में डूबने से मौत हुई है। राजू ने भी आत्महत्या की है। लड़कियों के परिवार वालों की तरफ से लिखाया गया अपहरण का मुकदमा बंद होगा
- यमुना प्रसाद, एसपी देहात
गांव में तनाव, पीएसी तैनात
मीरगंज। पहले तीन लड़कियों और फिर उनकी हत्या में नामजद एक युवक के शव मिलने के बाद सैंजना गांव सदमे में है। गम के साथ अब दोनों पक्षों में तनाव भी बढ़ रहा है। एहतियातन गांव में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। उधर, पुलिस चारों की मौत को आत्महत्या बताकर केस को बंद करने की बात कर रही है। जबकि दोनों के ही परिवार वाले हत्या होने की बात कहकर खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को देर रात पोस्टमार्टम के बाद होकर राजू शर्मा की लाश घर पहुंचते ही मुंह बोली नानी, मां-बाप, दोनों भाई सबके सब चीख-पुकार कर रोने लगे। बुधवार को कड़ी सुरक्षा में राजू की लाश का गांव की ही शमशान भूमि में अंतिम संस्कार कर दिया गया। लड़कियों के पिता गांव के मोअज्जिज लोगों संग आला अफसरों से मिलने बरेली दौड़ गए। उन्होंने डीएम समेत कई अफसरों से मिलकर जल्द घटना का खुलासा करने की मांग की। दोनों परिवारों में तनाव को देखते हुए आला अफसरों ने गांव में पुलिस के साथ पीएसी भी तैनात कर दी है।