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बहुजन महापंचायत : पुलिस अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कर हो कार्रवाई, कार्यकर्ताओं पर दर्ज केस रद किया जाए
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- कमिश्नरी पार्क में किया गया विरोध प्रदर्शन्र युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम ने कहा- कार्रवाई होने तक जारी रहेगा धरना
- एडीएम और एसपी सिटी को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, कार्रवाई न होने पर तीन सितंबर को करेंगे भूख हड़ताल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम के आह्वान पर रविवार को कमिश्नरी पार्क में बहुजन समाज की महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें अनुसूचित जाति की छात्रा की अपहरण कर हत्या के मामले में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं पर पिटाई के मामले में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय समेत अन्य अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। इसके अलावा इस दौरान कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई प्राथमिकी भी रद करने की मांग उठाई गई। दोपहर लगभग तीन बजे 13 सूत्रीय ज्ञापन एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को सौंपने के बाद महापंचायत संपन्न हो गई लेकिन घोषणा की गई कि कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।
रविवार को सुबह लगभग साढ़े दस बजे महापंचायत शुरू हुई और वक्ताओं ने रवि गौतम का समर्थन करते हुए पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। रवि गौतम ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाले अधिकारियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी देहात अभिजीत कुमार, तत्कालीन ब्रह्मपुरी सीओ सौम्या अस्थाना और तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी सौरभ शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, इसके साथ ही अनुसूचित जाति की छात्रा को न्याय दिलाने के लिए किए गए प्रदर्शन के दौरान जेल भेजे गए 8 लोगों, प्राथमिकी में नामजद 14 लोगों तथा नोटिस पाने वाले सभी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामले रद किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुई तो तीन सितंबर को आंदोलन को अनशन व भूख हड़ताल में बदलकर अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने महापंचायत में शामिल होने आ रहे कार्यकर्ताओं को जिले की सीमाओं और टोल पर रोकने व घर में नजरबंद करने की भी निंदा की।
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पार्क से बाहर आए कार्यकर्ता, एसपी ने कहा-ग्लैमर ऑफ एनार्की पढ़ें
दोपहर लगभग 12:45 बजे कुछ कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क से बाहर निकल आए और नारे लगाने लगे। तभी पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी उन्हेें समझाने लगे। एसपी सिटी ने कहा कि कार्यकर्ता बाबा साहेब की ग्लैमर ऑफ एनार्की पुस्तक पढ़ें। उन्हाेंने मार्ग जाम न करने की अपील की और कहा कि आप विरोध दर्ज कराइए लेकिन कानून व्यवस्था न बिगाड़ेें। इसके बाद कार्यकर्ता पार्क में लौट गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और ड्रोन के जरिये भी निगरानी की गई।
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ज्ञापन में मुख्य मांगें...
दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित अथवा बर्खास्त कर उनके खिलाफ बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए। निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। पूरी घटना और डिजिटल साक्ष्यों की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। आंदोलनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी को निरस्त किया जाए। रवि गौतम को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस ज्ञापन की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी प्रेषित की गई हैं।
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इन अधिकारियों की भी भूमिका की जांच की मांग
ज्ञापन में डीएम वीके सिंह, मेरठ जेल अधीक्षक, अरुण मिश्रा थाना प्रभारी, टीपीनगर, उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह थाना सिविल लाइन, उपनिरीक्षक विकास कौशिक थाना लिसाड़ी गेट, एसएसपी के पीआरओ रमाकांत पचौरी, उपनिरीक्षक कमल सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव (एसपी यातायात), अजय शुक्ला (थाना प्रभारी परतापुर), उप निरीक्षक ऋषभ चौधरी (थाना परतापुर), हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार (थाना परतापुर, चौकी मोहिउद्दीनपुर), कांस्टेबल सचिन (पुलिस लाइन) और लगभग 55 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई।
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यह है मामला...
छात्रा की हत्या के बाद जाम लगाने पर पुलिस ने की थी सख्ती
15 मई को अनुसूचित जाति की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा की टीपीनगर थाना क्षेत्र से अपहरण कर रोहटा थाना क्षेत्र में ले जाकर हत्या कर दी गई थी। छात्रा का शव ईख के खेत में मिला था। पुलिस ने अपहरण व हत्या के मामले में मुख्यारोपी अंकुश समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। परिजन व कार्यकर्ता छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप और अन्य हल्की धारा में प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगा रहे थे। आठ जुलाई को कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जाम लगा दिया था। इस दौरान पुलिस ने लाठी फटकार कर जाम खुलवाया। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने बंदी वैन में घुसकर रवि गौतम को थप्पड़ जड़े थे। रवि गौतम 19 अगस्त से कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे हैं। इस मामले में जाम लगाने आदि संगीन धाराओं में कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की थी।
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- एडीएम और एसपी सिटी को 13 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा, कार्रवाई न होने पर तीन सितंबर को करेंगे भूख हड़ताल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। युवा शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि गौतम के आह्वान पर रविवार को कमिश्नरी पार्क में बहुजन समाज की महापंचायत का आयोजन हुआ। इसमें अनुसूचित जाति की छात्रा की अपहरण कर हत्या के मामले में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं पर पिटाई के मामले में तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय समेत अन्य अधिकारियों व पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। इसके अलावा इस दौरान कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई प्राथमिकी भी रद करने की मांग उठाई गई। दोपहर लगभग तीन बजे 13 सूत्रीय ज्ञापन एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले को सौंपने के बाद महापंचायत संपन्न हो गई लेकिन घोषणा की गई कि कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा।
रविवार को सुबह लगभग साढ़े दस बजे महापंचायत शुरू हुई और वक्ताओं ने रवि गौतम का समर्थन करते हुए पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। रवि गौतम ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों का हनन करने वाले अधिकारियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, एसपी देहात अभिजीत कुमार, तत्कालीन ब्रह्मपुरी सीओ सौम्या अस्थाना और तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी सौरभ शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।
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उन्होंने कहा, इसके साथ ही अनुसूचित जाति की छात्रा को न्याय दिलाने के लिए किए गए प्रदर्शन के दौरान जेल भेजे गए 8 लोगों, प्राथमिकी में नामजद 14 लोगों तथा नोटिस पाने वाले सभी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामले रद किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुई तो तीन सितंबर को आंदोलन को अनशन व भूख हड़ताल में बदलकर अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। उन्होंने महापंचायत में शामिल होने आ रहे कार्यकर्ताओं को जिले की सीमाओं और टोल पर रोकने व घर में नजरबंद करने की भी निंदा की।
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पार्क से बाहर आए कार्यकर्ता, एसपी ने कहा-ग्लैमर ऑफ एनार्की पढ़ें
दोपहर लगभग 12:45 बजे कुछ कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क से बाहर निकल आए और नारे लगाने लगे। तभी पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी उन्हेें समझाने लगे। एसपी सिटी ने कहा कि कार्यकर्ता बाबा साहेब की ग्लैमर ऑफ एनार्की पुस्तक पढ़ें। उन्हाेंने मार्ग जाम न करने की अपील की और कहा कि आप विरोध दर्ज कराइए लेकिन कानून व्यवस्था न बिगाड़ेें। इसके बाद कार्यकर्ता पार्क में लौट गए। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और ड्रोन के जरिये भी निगरानी की गई।
ज्ञापन में मुख्य मांगें...
दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित अथवा बर्खास्त कर उनके खिलाफ बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए। निष्पक्ष जांच प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए। पूरी घटना और डिजिटल साक्ष्यों की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। आंदोलनकारियों पर दर्ज प्राथमिकी को निरस्त किया जाए। रवि गौतम को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस ज्ञापन की प्रतियां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी प्रेषित की गई हैं।
इन अधिकारियों की भी भूमिका की जांच की मांग
ज्ञापन में डीएम वीके सिंह, मेरठ जेल अधीक्षक, अरुण मिश्रा थाना प्रभारी, टीपीनगर, उपनिरीक्षक उदय प्रताप सिंह थाना सिविल लाइन, उपनिरीक्षक विकास कौशिक थाना लिसाड़ी गेट, एसएसपी के पीआरओ रमाकांत पचौरी, उपनिरीक्षक कमल सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव (एसपी यातायात), अजय शुक्ला (थाना प्रभारी परतापुर), उप निरीक्षक ऋषभ चौधरी (थाना परतापुर), हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार (थाना परतापुर, चौकी मोहिउद्दीनपुर), कांस्टेबल सचिन (पुलिस लाइन) और लगभग 55 अन्य अज्ञात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की गई।
यह है मामला...
छात्रा की हत्या के बाद जाम लगाने पर पुलिस ने की थी सख्ती
15 मई को अनुसूचित जाति की बीए अंतिम वर्ष की छात्रा की टीपीनगर थाना क्षेत्र से अपहरण कर रोहटा थाना क्षेत्र में ले जाकर हत्या कर दी गई थी। छात्रा का शव ईख के खेत में मिला था। पुलिस ने अपहरण व हत्या के मामले में मुख्यारोपी अंकुश समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की थी। परिजन व कार्यकर्ता छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप और अन्य हल्की धारा में प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगा रहे थे। आठ जुलाई को कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जाम लगा दिया था। इस दौरान पुलिस ने लाठी फटकार कर जाम खुलवाया। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय ने बंदी वैन में घुसकर रवि गौतम को थप्पड़ जड़े थे। रवि गौतम 19 अगस्त से कमिश्नरी पार्क में धरने पर बैठे हैं। इस मामले में जाम लगाने आदि संगीन धाराओं में कार्यकर्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की थी।