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महिला की हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Tue, 20 Mar 2018 12:47 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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आंवला थाना अंतर्गत गांव मुतलकपुर के धन्नावली गौंटिया में पांच महीने पहले दबिश के दौरान बुजुर्ग महिला की मौत के मामले में आरोपी दो दरोगा और चार सिपाहियों को क्लीन चिट दे दी गई है। मजिस्ट्रेटी जांच पुलिस कर्मियों के दोषमुक्त होने के बाद पुलिस ने भी अपनी विवेचना में आरोप साबित न होने की बात कहकर अंतिम रिपोर्ट लगा दी है।
दहेज के लिए ज्ञानवती की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी को 17 सितंबर, 2017 को आंवला थाने के दरोगा दिलशाद, अवधेश, कांस्टेबल ताहिर, आबिद, गौरव और भारत सिंह ने दबिश दी थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दबिश के दौरान घर में घुसकर जबरन मारपीट की और बुजुर्ग महिला कलावती रायफल की बट मार दी थी, जिससे कलावती की मौत हो गई थी। घटना के बाद गांव वालों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। बाद में सभी पुलिस कर्मियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया था और उनके खिलाफ कलावती की हत्या के मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
मजिस्ट्रेटी जांच में नहीं मिले बल प्रयोग के साक्ष्य
एसडीएम ममता मालवीय द्वारा की गई मजिस्ट्रेटी जांच में सामने आया कि चूंकि बुजुर्ग महिला की मौत के वक्त पुलिसकर्मी गांव में मौजूद थे, सो कलावती के घरवालों ने उन पर हत्या का आरोप लगा दिया। गांव वालों के बयानों में सामने आया कि बुजुर्ग महिला की अपने घर से निकलकर यादराम के घर पहुंचने के बाद मौत हुई। यह भी सामने आया कि बुजुर्ग महिला पुलिसकर्मियों के पीछे दरवाजे तक आई थी। वहां गिरने से उनके आगे के दांत टूट गए और जीभ कट गई थी। गांव के लोगों ने पुलिस वालों के बल प्रयोग करने से भी इंकार किया।
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भूमिका संदिग्ध नहीं मिली
आंवला थानाध्यक्ष पंकज वर्मा के मुताबिक केस की विवेचना एसएसआई संजय सिंह ने की है। इसमें आरोपों की गहनता से जांच के बाद पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध नहीं मिली है। यही वजह है कि केस में अंतिम रिपोर्ट लगाई गई है।
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दहेज के लिए ज्ञानवती की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी को 17 सितंबर, 2017 को आंवला थाने के दरोगा दिलशाद, अवधेश, कांस्टेबल ताहिर, आबिद, गौरव और भारत सिंह ने दबिश दी थी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दबिश के दौरान घर में घुसकर जबरन मारपीट की और बुजुर्ग महिला कलावती रायफल की बट मार दी थी, जिससे कलावती की मौत हो गई थी। घटना के बाद गांव वालों ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। बाद में सभी पुलिस कर्मियों को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया था और उनके खिलाफ कलावती की हत्या के मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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मजिस्ट्रेटी जांच में नहीं मिले बल प्रयोग के साक्ष्य
एसडीएम ममता मालवीय द्वारा की गई मजिस्ट्रेटी जांच में सामने आया कि चूंकि बुजुर्ग महिला की मौत के वक्त पुलिसकर्मी गांव में मौजूद थे, सो कलावती के घरवालों ने उन पर हत्या का आरोप लगा दिया। गांव वालों के बयानों में सामने आया कि बुजुर्ग महिला की अपने घर से निकलकर यादराम के घर पहुंचने के बाद मौत हुई। यह भी सामने आया कि बुजुर्ग महिला पुलिसकर्मियों के पीछे दरवाजे तक आई थी। वहां गिरने से उनके आगे के दांत टूट गए और जीभ कट गई थी। गांव के लोगों ने पुलिस वालों के बल प्रयोग करने से भी इंकार किया।
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भूमिका संदिग्ध नहीं मिली
आंवला थानाध्यक्ष पंकज वर्मा के मुताबिक केस की विवेचना एसएसआई संजय सिंह ने की है। इसमें आरोपों की गहनता से जांच के बाद पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध नहीं मिली है। यही वजह है कि केस में अंतिम रिपोर्ट लगाई गई है।