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पुलिस ने चाचा को पकड़ा तो घरवालों ने किया हंगामा
बरेली।
Updated Tue, 19 Dec 2017 01:17 AM IST
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अयान के पिररिवार वालाो से पूछताछ करती पुिललिस
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पुलिस को फिरौती के लिए अपहरण की कहानी जंच नहीं रही है। अगर पेशेवर अपहरणकर्ता वारदात करते तो इतनी जल्दी हत्या नहीं करते। राजमिस्त्री रईस के परिवार की आर्थिक स्थिति भी पुलिस इतनी मजबूत नहीं मान रही कि वह दस लाख की फिरौती दे सके। पुलिस ने शक के आधार पर अयान के चाचा अनवर को उठा लिया है। हालांकि इसका परिवार के लोगों ने विरोध किया है। उन्होंने बारादरी थाने में हंगामा करके पुलिस पर जल्दबाजी करने का आरोप लगाया। पुलिस फिरौती के लेटर की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने की तैयारी में है। पुलिस ने रविवार को मो. अयान के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। अब लाश बरामदगी के बाद हत्या की धारा भी जोड़ दी गई है। अयान जगतपुर के ही निशात पब्लिक स्कूल में पांचवीं का छात्र था।
रात में ही ठिकाने लगाई गई होगी लाश
लाश की स्थिति देखकर पुलिस अंदाजा लगा रही कि हत्या अपहरण के कुछ घंटे बाद ही कर दी गई थी। पुलिस का मानना है कि रविवार रात में ही लाश पेड़ों के झुरमुट में फेंकी गई है। दरअसल, यहां पशुओं के अवशेष और हड्डियां फेंकी जाती हैं, सो हर समय भीषण दुर्गंध रहती है। हत्यारों ने सोचा होगा कि लोग बोरे में भी अवशेष ही होना मानेंगे और उस पर कोई ध्यान नहीं देंगे। बाकी काम वहां घूमने वाले आवारा खूंखार कुत्ते पूरा कर देंगे।
‘घर के बाहर दुपट्टा बंधा तो हम हां समझेंगे’
अयान के अपहरण के बाद रईस के घर पहुंचे फिरौती के लेटर में अयान के चाचा को संबोधित किया गया है। लिखा है- अनवर, तेरा भतीजा हमारे कब्जे में है। जिसकी जान की कीमत दस लाख है। तुझे शादी करने का बहुत शौक है। अगर तू अपने भतीजे को देखना चाहता है तो दरवाजे पर दुपट्टा बांध दे, हम हां समझेंगे। हमें पता चलेगा कि तू पैसे देने को तैयार है। यह खबर पुलिस को नहीं जानी चाहिए और न ही किसी दूसरे को पता चलनी चाहिए। रुपया कल चाहिए... आठ बजे नीम के पेड़ के पास रुपये रखने हैं। फिर वहां कोई दिखना नहीं चाहिए। अगर कोई चालाकी की तो बेटे को जिंदा नहीं पाओगे।
रात में ही ठिकाने लगाई गई होगी लाश
लाश की स्थिति देखकर पुलिस अंदाजा लगा रही कि हत्या अपहरण के कुछ घंटे बाद ही कर दी गई थी। पुलिस का मानना है कि रविवार रात में ही लाश पेड़ों के झुरमुट में फेंकी गई है। दरअसल, यहां पशुओं के अवशेष और हड्डियां फेंकी जाती हैं, सो हर समय भीषण दुर्गंध रहती है। हत्यारों ने सोचा होगा कि लोग बोरे में भी अवशेष ही होना मानेंगे और उस पर कोई ध्यान नहीं देंगे। बाकी काम वहां घूमने वाले आवारा खूंखार कुत्ते पूरा कर देंगे।
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‘घर के बाहर दुपट्टा बंधा तो हम हां समझेंगे’
अयान के अपहरण के बाद रईस के घर पहुंचे फिरौती के लेटर में अयान के चाचा को संबोधित किया गया है। लिखा है- अनवर, तेरा भतीजा हमारे कब्जे में है। जिसकी जान की कीमत दस लाख है। तुझे शादी करने का बहुत शौक है। अगर तू अपने भतीजे को देखना चाहता है तो दरवाजे पर दुपट्टा बांध दे, हम हां समझेंगे। हमें पता चलेगा कि तू पैसे देने को तैयार है। यह खबर पुलिस को नहीं जानी चाहिए और न ही किसी दूसरे को पता चलनी चाहिए। रुपया कल चाहिए... आठ बजे नीम के पेड़ के पास रुपये रखने हैं। फिर वहां कोई दिखना नहीं चाहिए। अगर कोई चालाकी की तो बेटे को जिंदा नहीं पाओगे।
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