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मुसीबत बना हॉस्टल का रूम नंबर 124
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Sat, 22 Oct 2016 12:51 AM IST
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए न्यू ब्वॉयज हॉस्टल का रूम नंबर 124 बड़ी मुश्किल बन गया है। यह वही कमरा है, जिसमें पिछले महीने बड़ा सुतली बम बरामद हुआ था।
हॉस्टल और उसके आसपास के इलाके में रात में कई दिनों से सुतली बम बजाए जा रहे थे। इसकी शिकायत पर प्राक्टोरियल टीम ने वार्डेन के नेतृत्व में अचानक छापा मारकर इस रूम से बड़ा सुतली बम बरामद किया था। इस रूम में रहने वाले दोनों छात्रों पर ही बम बजाने का शक गया और अनुशासन समिति ने दोनों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया। इस कार्रवाई पर प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह ने भी अनुमोदन की मुहर लगा दी, लेकिन दो बार नोटिस के बावजूद उन्होंने कमरा खाली नहीं किया।
शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक दोनों छात्रों से रूम खाली करने को कहा गया था। इसके लिए वार्डेन डॉ. विजय बहादुर यादव हॉस्टल पहुंच गए थे, लेकिन रूम फिर भी खाली नहीं हुआ। इस पर उन्होंने चीफ प्राक्टर प्रो. बीआर कुकरेती को रिपोर्ट की। आननफानन में अनुशासन समिति की मीटिंग बुलाई गई। इसमें फौरी तौर पर कोई कार्रवाई करने के बजाय रविवार 12 बजे तक रूम खाली करने का तीसरा और अंतिम मौका दोनों छात्रों को देने का निर्णय हुआ। वार्डेन डॉ. यादव ने बताया कि अगर रविवार को भी रूम नंबर 124 खाली नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय उसको सील करके अपना ताला डाल देगा। तय हुआ कि अनुशासनहीनता पर दोनों छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय की ओर से भी अलग से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार छात्रों को तीन बार मौका दिया गया है, अब और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।
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हॉस्टल और उसके आसपास के इलाके में रात में कई दिनों से सुतली बम बजाए जा रहे थे। इसकी शिकायत पर प्राक्टोरियल टीम ने वार्डेन के नेतृत्व में अचानक छापा मारकर इस रूम से बड़ा सुतली बम बरामद किया था। इस रूम में रहने वाले दोनों छात्रों पर ही बम बजाने का शक गया और अनुशासन समिति ने दोनों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया। इस कार्रवाई पर प्रतिकुलपति प्रो. वीपी सिंह ने भी अनुमोदन की मुहर लगा दी, लेकिन दो बार नोटिस के बावजूद उन्होंने कमरा खाली नहीं किया।
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शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक दोनों छात्रों से रूम खाली करने को कहा गया था। इसके लिए वार्डेन डॉ. विजय बहादुर यादव हॉस्टल पहुंच गए थे, लेकिन रूम फिर भी खाली नहीं हुआ। इस पर उन्होंने चीफ प्राक्टर प्रो. बीआर कुकरेती को रिपोर्ट की। आननफानन में अनुशासन समिति की मीटिंग बुलाई गई। इसमें फौरी तौर पर कोई कार्रवाई करने के बजाय रविवार 12 बजे तक रूम खाली करने का तीसरा और अंतिम मौका दोनों छात्रों को देने का निर्णय हुआ। वार्डेन डॉ. यादव ने बताया कि अगर रविवार को भी रूम नंबर 124 खाली नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय उसको सील करके अपना ताला डाल देगा। तय हुआ कि अनुशासनहीनता पर दोनों छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय की ओर से भी अलग से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि नियमानुसार छात्रों को तीन बार मौका दिया गया है, अब और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।
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