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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Former Corps Jagatpal and Gunner's six murderers to life imprisonment

पूर्व पार्षद जगतपाल और गनर के छह हत्यारों को उम्रकैद

Tue, 18 Apr 2017 01:28 AM IST
बरेली।
बरेली। Updated Tue, 18 Apr 2017 01:28 AM IST
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हरुनगला में कार रोककर ताबड़तोड़ गोलियां मारकर पूर्व पार्षद जगतपाल सिंह व उनके गनर रविन्द्र कुमार को मौत के घाट उतार देने का आरोप सिद्ध होने पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजाराम सरोज ने छह हत्यारों को आजीवन कारावास व प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाकर जेल भिजवा दिया। साजिश साबित न होने पर नरेश को कोर्ट ने बरी कर दिया। जबकि इस मामले में फरार चल रहे एक आरोपी के खिलाफ वारंट जारी हो गए। 
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यह हुई थी घटना
24 सितंबर 2013 को शाम करीब 5.30 बजे पूर्व पार्षद जगतपाल सिंह रोजाना की तरह फोर्ड फिएस्टा कार से अपने गनर रविन्द्र कुमार व ड्राइवर वीरपाल के साथ बीसलपुर रोड से अपने घर हरुनगला आ रहे थे। तहरीर के मुताबिक उनके भाई जंग बहादुर सिंह भतीजे भानुप्रताप के साथ मोटर साइकिल से पीछे पीछे आ रहे थे। जगतपाल सिंह की कार जैसे ही भगवान दास की चक्की के पास पहुंची तो सामने से हरुनगला के ही राजीव कुमार पुत्र भगवान दास ने आल्टो कार जगतपाल सिंह की कार के आगे लगाकर रास्ता रोक लिया। वीरपाल ने गाड़ी रोक दी तो पहले से ही घात लगाये बैठे संजीव कुमार राइफल लिए, राजीव कुमार के दो साले विपिन उर्फ विशन व गुड्डा उर्फ अतुल निवासी कीरतपुर थाना भुता अपने हाथों में तमंचा लिए, संजीव का साला ध्रुव पुत्र नरेश निवासी भगवानपुर धीमरी हाथ में तमंचा लिए आ गए। राजीव कुमार कार से उतर कर तमंचा लेकर जगतपाल सिंह की कार के पास आए और इन सबने गालियां देते हुए फायरिंग शुरू कर दी। 
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फायरिंग से जगतपाल सिंह व रविन्द्र घायल हो गए और दोनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। ड्राइवर वीरपाल ने स्टेयरिंग के नीचे छिपकर किसी प्रकार अपनी जान बचायी। अंकुश पुत्र ओमप्रकाश ने भी तमंचा से फायर किए थे। जंगबहादुर ने डर की वजह से अपनी मोटरसाइकिल पहले ही रोक दी जंग बहादुर सिंह ने घटना का कारण संजीव व राजीव से जगतपाल सिंह की फौजदारी मुकदमों की रंजिश बताते हुए राजीव कुमार, संजीव कुमार, अंकुश, ध्रुव पटेल, विपिन, गुड्डा को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज करायी। विवेचना में संजीव के ससुर नरेश निवासी भगवानपुर धीमरी को षड़यंत्र रचने का दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। 
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18  गवाह पेश किए गए
दोहरे हत्याकांड का विचारण जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजाराम सरोज के न्यायालय मेें हुआ। जिसमें जिला शासकीय अधिवक्ता फिरासत उल्ला खां व वादी जंग बहादुर सिंह के अधिवक्ता अनिल कुमार भटनागर ने 18 गवाह पेश कर आरोप को संदेह से परे सिद्ध कर दिया लेकिन नरेश के खिलाफ षड़यंत्र रचने का आरोप सिद्ध नहीं किया जा सका। सजा सुनाये जाते समय अंकुश न्यायालय में मौजूद नहीं था। न्यायाधीश ने अंकुश के गिरफ्तारी को वारंट जारी कर दिया। सत्र न्यायाधीश ने धारा 148 में दो-दो वर्ष की, धारा 341 में एक -एक माह, धारा 427 में एक-एक वर्ष और 504 में एक-एक वर्ष की सजा सुनायी। इसके अलावा ध्रुव पटेल, विपिन व गुड्डा को तमंचा रखने का आरोप सिद्ध होने पर एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनायी। 
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