{"_id":"570ea9024f1c1bc2634a6c79","slug":"father-for-a-job-well-executed","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी के लिए पिता को ही मरवा दिया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नौकरी के लिए पिता को ही मरवा दिया
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:46 AM IST
विज्ञापन
हत्या के अारोपी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोजीपुरा में नौकरी हासिल करने के लालच में बेटे ने भाड़े के हत्यारों से ही पिता की हत्या करा दी। हत्यारों से एक लाख रुपये तय हुए थे, लेकिन एडवांस में उन्हें बीस हजार रुपये ही दिए गए थे। हत्यारों तक पुलिस कॉल डिटेल के जरिये पहुंची। पुलिस ने मृतक के बेटे और भाड़े के हत्यारों समेत तीनों लोगों को पकड़कर हत्या का खुलासा कर दिया है। हत्यारोपियों के पास से तमंचा बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक भोजीपुरा इलाके के गांव बुझिया जनूवी निवासी आईओ डब्ल्यू कार्यालय इज्जतनगर कुदेशिया इलाके पर तैनात 50 वर्षीय श्यामलाल के बड़े बेटे हरीश कुमार की शादी 19 अप्रैल को होना थी। नौकरी के लालच में हरीश ही पिता की जान का दुश्मन बन गया। हरीश नौ अप्रैल को अपने पिता के साथ बहेड़ी गया। नौ बजकर बीस मिनट पर साइकिल सवार दोनों पिता पुत्र गांव से पहले बम्बा पुलिया के पास पहुंचे। वहां हरीश ने भाड़े के हत्यारों को पहले ही फोन करके बुला लिया था। दो बाइकों से पुष्पेंद्र निवासी सैदपुर सरौरा, छेंदालाल निवासी रहपुरा करीम बख्श, दुरवेश निवासी खितौसा थाना भोजीपुरा व धर्मेन्द्र निवासी खिलचीपुर, थाना फतेहगंज पश्चिमी बम्बा पुलिया के पास पहुंच गए। छेंदालाल ने हंसा गांव का रास्ता पूंछा और 12 बोर के देशी तमंचे से श्याम लाल के पेट मे गोली मार दी। गोली लगते ही श्यामलाल ढेर हो गए। हरीश ने फोन करके परिवार वालों को बुला लिया। परिजनों की मदद से हरीश श्यामलाल को एसआरएमएस ले गए। पुलिस को पहले ही शक था। इसी वजह से हरीश के दोनों नम्बरों की कॉल डिटेल निकलवाई गई। एसओ भोजीपुरा ने बताया कि कॉल डिटेल के आधार पर सैदपुर सरौरा निवासी हरीश के दोस्त पुष्पेंद्र को उठाकर पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। पुलिस ने हरीश व पुष्पेंद्र को थाने पूछताछ के बहाने बुला कर छेंदालाल को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त छेंदालाल से हत्या में प्रयुक्त एक 12 बोर का देशी तमंचा दो जिंदा कारतूस के अलावा सुपारी में दिए 20 हजार रुपये में से 18 हजार रुपये एक मोबाइल और हरीश से घटना मे प्रयुक्त मोबाइल बरामद कर लिया है।
रेलकर्मी की पत्नी ने की आत्महत्या की कोशिश
हवालात मेें बंद हरीश को देखने उसकी मां फूलवती थाने पहुंची तो उसे यकीन ही नहीं हुआ कि वह उसका सुराग उजाड़ सकता है। कहने लगी बेटा तू पुलिस के डर के मारे तो अपने पिता के मरवाने की बात नहीं कह रहा है। घबराना मत तुझे पैसे से तौल दूंगी। मृतक के छोटे बेटे ओमप्रकाश ने बताया कि बाद मां को पता चला कि उसके लाडले हरीश ने ही एक लाख रुपया देकर उनके सुहाग को उजाड़ दिया। तो वह हसिया लेकर आत्महत्या करने पर उतारू हो गई। घर के लोगों ने बड़ी मुश्किल से समझाकर शांत किया। हरीश का भाई ओमप्रकाश बोला बाप के हत्यारे की अब कोई जमानत नहीं करवाएगा।
पिता के ही दिए रुपयों से मरवा दिया
ओमप्रकाश ने बताया कि 19 अप्रैल को उसके पिता के हत्यारे हरीश की रुद्रपुर से शादी होने वाली थी। पिता श्यामलाल ने जेवर बनवाने के लिए एक लाख रुपये आठ दिन पहले दिये थे। हरीश ने वही रुपये हत्यारों को देकर पिता की हत्या करवा दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेलकर्मी की पत्नी ने की आत्महत्या की कोशिश
हवालात मेें बंद हरीश को देखने उसकी मां फूलवती थाने पहुंची तो उसे यकीन ही नहीं हुआ कि वह उसका सुराग उजाड़ सकता है। कहने लगी बेटा तू पुलिस के डर के मारे तो अपने पिता के मरवाने की बात नहीं कह रहा है। घबराना मत तुझे पैसे से तौल दूंगी। मृतक के छोटे बेटे ओमप्रकाश ने बताया कि बाद मां को पता चला कि उसके लाडले हरीश ने ही एक लाख रुपया देकर उनके सुहाग को उजाड़ दिया। तो वह हसिया लेकर आत्महत्या करने पर उतारू हो गई। घर के लोगों ने बड़ी मुश्किल से समझाकर शांत किया। हरीश का भाई ओमप्रकाश बोला बाप के हत्यारे की अब कोई जमानत नहीं करवाएगा।
विज्ञापन
पिता के ही दिए रुपयों से मरवा दिया
ओमप्रकाश ने बताया कि 19 अप्रैल को उसके पिता के हत्यारे हरीश की रुद्रपुर से शादी होने वाली थी। पिता श्यामलाल ने जेवर बनवाने के लिए एक लाख रुपये आठ दिन पहले दिये थे। हरीश ने वही रुपये हत्यारों को देकर पिता की हत्या करवा दी।
विज्ञापन