फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Dwivedi was shocked at the death of Muukul Bareilly

मुुकुल द्विवेदी की मौत पर सन्न रह गया बरेली

Fri, 03 Jun 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Fri, 03 Jun 2016 01:36 AM IST
विज्ञापन
Dwivedi was shocked at the death of Muukul Bareilly
एसपी ‌स‌िटी मथुरा की हत्या
मथुरा के एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी का बरेली से गहरा नाता रहा है। पल भर में अपना बनाने का उनके पास हुनर था। हंसमुख और व्यवहारिक  होने की वजह से बरेली में उनकी अलग ही पहचान थी। मुकुल द्विवेदी की मौत की खबर सुनकर बरेली के लोग सन्न रह गए। शुरू में लोगों को उनके सिर में गोली लगने से गंभीर घायल होने की जानकारी मिली तो उनकी स्वस्थ होने की दुआएं की गईं। करीब डेढ़ साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विवादों को अपनी सूझबूझ से सुलझाया। 15 जुलाई 2014 को बरेली में पहले सीओ द्वितीय की जिम्मेदारी निभाई। उनकी कार्य क्षमता को देखक र उच्च अधिकारियों ने उनको सीओ सिटी की जिम्मेदारी सौंपी। यह जिम्मेदारी भी बेहतर निभाई और  4 फरवरी 2016 को पदोन्नत होकर मथुरा में एसपी (सिटी) के पद पर तैनात हुए, तभी से वह इस जिम्मेदारी को मथुरा निभा रहे थे। हालांकि उनका मन मथुरा जाने का नहीं था, वह चाहते थे कि बरेली में परिवार शिफ्ट होने के कारण पीलभीत या फिर आसपास के किसी जिले में तैनाती हो जाएगी। वह पूर्व डीजीपी एमसी द्विवेदी के भतीजे थे।
विज्ञापन

आईजी विजय सिंह मीना मुकुल द्विवेदी की मौत से बेहद दुखी है। डीआईजी आशुतोष कुमार ने कहा है कि एसपी सिटी की मौत दुखद है। एसएसपी आर के भारद्वाज ने कहा कि एसपी सिटी और एसओ की मौत से मन आहत है। एसपी सिटी समीर सौरभ ने कहा कि पुलिस विभाग ने एक अच्छा अफसर खो दिया। बरेली के सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा का कहना है कि आगरा में वह मुकुल द्विवेदी से परेशानी होने पर सलाह मशविरा लेते थे। प्रशासनिक अधिकारी भी इस घटना को सुनकर स्तब्ध रह गए। कमिश्नर प्रमांशु कुमार, डीएम गौरव दयाल और अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रभात शर्मा ने मथुरा एसपी सिटी की मौत पर दुख व्यक्त किया है।
विज्ञापन


रामवृक्ष यादव ने बरेली में भी किया था बवाल 
मथुरा में कथित सत्याग्रहियों को उकसाने वाले रामवृक्ष यादव और उसके समर्थकों ने करीब तीन साल पहले बरेली में भी बवाल किया था। बाबा जय गुरुदेव को जिंदा घोषित करने की मांग करने को लेकर रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में उसके समर्थकों ने प्रशासन से अनुमति लिए बिना रामलीला मैदान में आमसभा करने की कोशिश की थी। जब पुलिस ने सभा करने की अनुमति नहीं दी तो भीड़ लाठी डंडे लेकर बारादरी थाने में घुस गई और पुलिस पर हमला कर दिया था। अचानक हमले का जवाब देने के लिए पुलिस तैयार नहीं थी। इस मामले में गाजीपुर के रामवृक्ष, गोरखपुर के प्रेमचंद, झांसी के महिपाल सिंह, बदायूं के सूबेदार समेत कई लोगों के खिलाफ बारादरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जय गुरुदेव समर्थकों के दो गुटों ने 21 सितंबर 2013 को प्रशासन की अनुमति लिए बगैर जोगी नवादा के बनखंडीनाथ मंदिर स्थित रामलीला मैदान में सभा करने की कोशिश की थी। दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक सभा आयोजन का समय रखा गया था। दूसरा गुट सभा का विरोध कर रहा था। पुलिस ने जब इनको रोका तो रामवृक्ष यादव के नेतृत्व में भीड़ ने बारादरी कोतवाली में घुसकर पुलिस पर हमला कर दिया। भीड़ ने तत्कालीन इंस्पेक्टर बारादरी को कॉलर पकड़कर खींच लिया था और चौकी प्रभारियों पर डंडे चलाने शुरू कर दिए। इसमें कई दरोगा और चौकी इंचार्ज घायल हुए थे। जगतपुर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार चतुर्वेदी का बिल्ला नोच लिया था। 
जय गुरुदेव समर्थक सभा में सरकार से बाबा जय गुरुदेव का जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र मांग रहे थे। बाद में पुलिस ने भी जय गुरुदेव समर्थकों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। थाने में घुसे 23 समर्थकों को हवालात की हवा भी खानी पड़ी थी। बारादरी थाने में एसआई सुनील कुमार ने रामवृक्ष यादव समेत कई जय गुरुदेव समर्थकों पर एफआईआर दर्ज कराई थी।  


इन पर दर्ज हुआ था मुकदमा
गोरखपुर के अखा गांव निवासी प्रेमचंद, गाजीपुर के रायपुर बागपुर निवासी रामवृक्ष यादव, झांसी टोडी फतेहपुर के महिपाल सिंह अहीर, बदायूं बिनावर के सूबेदार, हजरतपुर के रामवीर, दातागंज के गांव सिमरी बौरा के चरन सिंह, सेहरामऊ उत्तरी पीलीभीत के विजयपाल प्रजापति, प्रेमनारायण, बरेली के रामौतार शाही और भागीरथ, बारादरी गुसाई गौंटिया के महेश भदौरिया और दीनानाथ गंगवार, इज्जतनगर के विजय कुमार, पहाड़पुर लखीमपुर  खीरी के छोटेलाल, बेलपुरवा के छंगालाल और धरौरा के लालता प्रसाद, बिसवां सीतापुर के रामलखन वर्मा, नई मंडी बुलंदशहर के रमेशचंद्र सैनी, खुर्जा देहात का रामवीर सिंह, कन्नौज के जडियन निवासी अखिलेश और कादीपुर बहराइच निवासी राकेश कुमार पर पुलिस ने धारा 147, 149, 307, 323, 332, 353, 186, 188 और सात क्रिमिनल लॉ एक्ट में मुकदमा पंजीकृत किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed