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अंकुश लगा पर न पशु तस्करी रुकी न ही गो हत्या

Fri, 26 May 2017 01:03 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Fri, 26 May 2017 01:03 AM IST
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Do not stop the animal trafficking or kill the kill
Do not stop the animal trafficking or kill the kill - फोटो : बरेली, अमर उजाला
योगी सरकार बनने के बाद पशु तस्करी पर अंकुश तो लगा है लेकिन न तो पूरी तरह पशु तस्करी रुक पायी है और न गो हत्या। ये लक्ष्य तिना आसान भी नहीं है क्योंकि रसूखदार नेताओं और पुलिस के संरक्षण में चल रहे इस धंधे का बड़ा नेटवर्क तैयार हो चुका था और लोकल मार्केट में गोवंशीय मांस की विक्री आम थी। खपत भी काफी थी। यही वजह है कि बरेली में कुरैश समाज के सम्मेलन में गोवध पर पूर्ण पाबंदी की अपील का उतना असर नहीं हो पाया। अब पशु तस्कर हाईवे पर बड़े ट्रक और टैंकरों लाने से बच रहे हैं। पशुओं की जगह कटा मांस जा रहा है और पुलिस की धरपकड़से बचने को हाईवे की लिंक रोड का इस्तेमाल हो रहा है। छोटी लग्जरी कारों में तस्करी की जा रही है। पुलिस अब  लिंक रोड चिह्नित करके गश्त करवाने की तैयारी हो रही है। हाईवे की चौकियों के प्रभारियों को सख्त निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।  
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फरीदपुर दरोगा मनोज मिश्रा की हत्या कर चुके पशु तस्करों के हौसले मोटे मुनाफे की वजह से अभी पस्त नहीं हुए हैं। हाल में गिरफ्तार तस्करों ने पुलिस को जानकारी दी है कि अब हाईवे पर बड़े वाहनों के जरिये तस्करी से बचा जा रहा है। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए रूट बदलकर लग्जरी गाड़ियों को निकाला जा रहा है।  तेज रफ्तार गाड़ियों को पकड़ना मुश्किल होता है। तस्करी की गाड़ी के आगे चलने वाली टोही गाड़ी अगर पुलिस चेकिंग देख लेती है तो हाईवे के करीब लिंक रोड से इन गाड़ियों को गुजारा जाता है। आईजी कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले चार महीनों में सबसे ज्यादा गोवंशीय पशुओं की तस्करी बरेली और पीलीभीत में पकड़ी गई है। 
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गश्त नहीं होती 
हाईवे की लिंक रोड पर पुलिस की गश्त नहीं होती है। भागने में भी आसानी होती है। यही वजह है कि हाईवे की चेकिंग के अतिरिक्त अधिकारियों ने हाल में लिंक रोड चिह्नित करके  यहां भी गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 
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तीन नये गैंग नहीं हुए रजिस्टर 
फरीदपुर थाने में तैनात दरोगा मनोज मिश्रा की पशु तस्करों की गोली से हत्या के बाद पुलिस रिकार्ड में तीन नये गैंग रजिस्टर हुए थे। जिसके बाद मंडल में पशु तस्करों के रजिस्टर्ड गैंग की संख्या बढ़कर 11 हो गई थी। मुख्यमंत्री के  गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई के निर्देश के बाद मंडल में कोई नया गैंग रजिस्टर नहीं हुआ है। 

मंडल में पशु तस्करी के मामले  

जिला      2017  2016  2015
बरेली       51     83    58 
बदायूं       37     49    47
पीलीभीत    55     66    68
शाहजहांपुर  22     51    46    
(सभी आंकड़े आईजी रेंज कार्यालय के साल के पहले चार महीनों के  हैं) 


बरेली में दो महीनों में तस्करी की वारदातें ---
- शीशगढ़ में गोवंशीय पशु को अवैध कटान के लिए ले जाते हुए गुलाम सैन, नन्हे निवासी कल्याणपुर को गिरफ्तार किया। 
- कैंट थाने में चार कुंतल अवैध मांस बरामद करके साजिद अली निवासी बिथरी चैनपुर, वसीम शाह निवासी बाकरगंज को गिरफ्तार किया गया। 
कैंट थाने के कांधरपुर में दो बैलों के साथ प्रेमा निवासी मीरगंज और पूजा को पकड़कर जेल भेजा गया। 
- मीरगंज में भूरा निवासी रामपुर को गिरफ्तार करके गोवंशीय पशु बरामद किये गए थे। 
- बहेड़ी में पांच कुंतल गोवंशीय मांस के साथ इरशाद निवासी देवरनिया को गिरफ्तार किया गया था। 
- भोजीपुरा में अताउर्रहमान, अफराज, शेखू निवासीगण धोराटांडा को 30 किलो गोवंशीय के साथ पकड़ा गया था। 
- नवाबगंज में पांच अप्रैल को गोवंशीय पशुओं की अवैध कटान करके सिर और खाल नदी में डाली गई थी। 
- सिरौली में राम मोहन शर्मा निवासी चदुपुरा को दो गोवंशीय पशुओं के साथ पकड़ा गया था। 
- बहेड़ी में इबाहीम और अब्दुल निवासी इस्लाम नगर को 40 किग्रा अवैध मांस के साथ पकड़ा गया था। 
- भोजीपुरा में गोवंशीय पशुओं की खाल और मांस के साथ इकबाल, शराफत निवासी अंबरपुर को पकड़ा गया था। 
- क्योलड़िया में सुराज, छोटा और रहीसुद्दीन निवासी करुआ साहबगंज को गोवंशीय मांस के साथ गिरफ्तार गया था। 
 

पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए रणनीति बनाकर काम किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले साल की तुलना में वारदातों में कमी आई है। सभी जिलों के कप्तान को अवैध मांस की कटान और तस्करों की धरपकड़ के निर्देश दिए जा चुके हैं। 
-एसके भगत, आईजी रेंज 

आईजी की स्पेशल टीम गठित

बरेली। पशु तस्करी पर आईजी एसके भगत ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि वह पशु तस्करी का डाटा इकट्ठा कर रहे हैं। पब्लिक से मिलने वाली सूचना पर अब स्पेशल टीम छापामार कार्रवाई करेगी। पशुओं की अवैध कटान में अगर थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि आईजी और कप्तान के स्तर पर खास टीमों का गठन हो चुका है। अगले दस दिनों में अवैध कटान के अड्डों पर छापामार कार्रवाईयां शुरू हो जाएंगी। वहीं प्रतिबंधित मांस के साथ गिरफ्तार बदमाशों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। 

बहेड़ी और कैंट में घर बन गए बूचड़खाने
बरेली/बहेड़ी। पुलिस की सख्ती के बावजूद गोवंशीय पशुओं के मांस की कटान और तस्करी थमती नहीं दिख रही है। बहेड़ी और कैंट थाने के घरों को ही बूचड़खाने में तब्दील कर देने का मामला सामने आया। वहीं अहलादपुर चौकी में पशु तस्करों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। हालांकि तस्कर गाड़ी समेत भागने में कामयाब हो गए।
गुरुवार सुबह बहेड़ी पुलिस ने  मोहल्ला इस्लाम नगर में लईक अहमद के घर छापा मारकर एक मकान में बूचड़खाना पकडा और डेढ़ क्विंटल मांस बरामद किया। यहां पुलिस तीन बार पहले भी दबिश दे चुकी थी। बृहस्पतिवार तड़के पुलिस ने मोहल्ले में  छापा मारा। मौके पर उसके बेटे खतीक और अतीक अहमद  को गिरफ्तार कर  पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया। पुलिस ने शाम चार बजे इस मामले में जो मुकदमा कायम किया उसमें 25 किलो मांस दिखाकर केस को हल्का कर दिया गया। देर शाम दोनों को जमानत भी मिल गई।
घर को बना दिया बूचड़खाना
कैंट के ठिरिया में पुलिस ने दबिश देकर हसीन को गिरफ्तार करके 50 किलो गोवंशीय मांस बरामद किया है। अहलादपुर चौकी में संदिग्ध बोलेरो का पीछा करते हुए पुलिस और तस्करों की मुठभेड़ हो गई। हाईवे की लिंक रोड पर तस्करों ने गाड़ी उतार दी, लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर भाग निकले।


घरों में बूचड़खाने चलने की लोग मेरे मोबाइल पर फोन करके सटीक जानकारी दें। स्पेशल फोर्स भेजकर दोषियों को पकड़ा जायेगा। अगर स्थानीय पुलिस किसी तरह उनका सहयोग कर रही है तो संबंधित स्टाफ के बारे में भी जानकारी दे सकते हैं।
- जोगेंद्र सिंह एसएसपी
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