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नगर निगम में घूस के मुद्दे पर फिर विवाद

Fri, 16 Jan 2015 01:38 AM IST
बरेली
बरेली Updated Fri, 16 Jan 2015 01:38 AM IST
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी और मुख्य सफाई निरीक्षक के बीच एक बार फिर तनातनी शुरू हो गई है। घूस मांगने की एक पुरानी शिकायत पर आरोप पत्र दिए जाने के बाद मुख्य सफाई निरीक्षक ने अपर नगर आयुक्त के माध्यम से नगर स्वास्थ्य अधिकारी को कड़ा पत्र लिखा है जिसमें आरोप पत्र देने को उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर का मामला बताया है। दोनों के बीच यह विवाद एक बार फिर मेयर हाउस पहुंच गया है। मेयर ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के आरोप पत्र को गलत बताया है।
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मुख्य सफाई निरीक्षक और सफाई निरीक्षकों ने कुछ ही दिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसपीएस सिंधू पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में घूसखोरी के आरोप लगाते हुए उनके आदेश मानने से इन्कार कर दिया था। बाद में नगर आयुक्त ने ट्रांसफर कमेटी में सफाई निरीक्षकों को भी नामित कर समझौता करा दिया था। कुछ दिनों शांति रहने के बाद सात जनवरी को नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने मुख्य सफाई निरीक्षक विमल मिश्रा के विरुद्ध दो मामलों में आरोप पत्र जारी कर स्पष्टकरण मांग लिया। आरोप पत्र में नामित बैकलॉग सफाई कर्मचारी प्रेमपाल, धर्मेंद्र, शिवदयाल, ओमकार, दयागिरी, कमलेश, सुनील, जावेद, तसलीम की ओर से 16 जून 2014 को डीएम से की गई शिकायत का जिक्र है जिसमें 70 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया था। मुख्य सफाई निरीक्षक विमल मिश्रा ने आरोप पत्र का जवाब में कहा है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर उन्हें आरोप पत्र दिया है। उन्हें आरोप पत्र देने का अधिकार उनके नियुक्ति अधिकारी डायरेक्टर स्थानीय निकाय को है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को आरोप पत्र दे सकते हैं, वह भी नगर आयुक्त की अनुमति लेकर। मुख्य सफाई निरीक्षक ने आरोप पत्र की कॉपी मेयर को देकर उनसे हस्तक्षेप करने को कहा है। मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है कि मुख्य सफाई निरीक्षक पर लगे आरोपों का निस्तारण हो चुका है। सफाई कर्मचारी शपथ पत्र दे चुके हैं कि उन्होंने डीएम से शिकायत नहीं की थी।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी खुद अनाधिकृत तरीके से कार्यवाहक सफाई नायक बनाते हैं। मेरे विरुद्ध उन्होंने फर्जी नाम से शिकायत कराई थी जो झूठी पाई गई थी। वह पुराने मामले उखाड़कर मेरी छवि धूमिल करने में लगे हैं। -विमल मिश्रा, मुख्य सफाई निरीक्षक
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मुख्य सफाई निरीक्षक को नगर आयुक्त की अनुमति से चार्जशीट दी गई थी। आरोप पत्र का जवाब मिलने के बाद ही कोई टिप्पणी करूंगा। -डॉ. एसपीएस सिंधू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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