डीजीपी से ही पूछेंगे कब खुलेगी डकैती
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शनिवार को रिटायर्ड सीएमओ डॉ. बालकिशन की पत्नी आशा खत्री ने बताया कि उनके केस की जांच एसटीएफ को दिए जाने की बात उन्होंने अखबारों में पढ़ी है। उन्हें भरोसा नहीं कि एसटीएफ केस का सही खुलासा कर पाएगी क्योंकि एसटीएफ भी पुलिस का ही अंग हैं। जो अधिकारी पुलिस को मानीटर करते हैं वही एसटीएफ को निर्देश देते हैं। उनके केस में शुरू में ही काफी लापरवाही की गई है। चौकी इंचार्ज रहे जेपी यादव और इंस्पेक्टर रामवीर यादव ने पूरे केस की तस्वीर बिगाड़ दी। अगर एसटीएफ वाकई स्पेशल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी है तो केस उसे पहले ही ट्रांसफर कर देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि डीजीपी से उनकी बात होती है। अब खुलासे के बारे में भी वह उन्हीं से पूछेंगी। उन्हें बाकी केसों की तरह फर्जी खुलासा नहीं चाहिए।
पूछताछ के बाद कर्मचारियों को छोड़ा
जांच टीमों ने बालकिशन हास्पिटल के कुछ कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया था। उनसे कुछ अहम बिंदुओं पर बात की गई, फिर उन्हें वापस भेज दिया गया। पड़ोसी गांव के कुछ ऐसे लोगों को भी टीम ने पकड़ा है जो पहले इस अस्पताल में नौकरी कर चुके हैं। ऐसे लोगों से पूछताछ जारी है, उन्हें अभी नहीं छोड़ा गया है। इन लोगों से खुलासे का क्लू मिलने की उम्मीद है।
सुराग कोई नहीं, शक के आधार पर चल रही है तफ्तीश
एसटीएफ
रामपुर बाग की डकैती में जेल गए राजू गैंग के लोगों और हाल ही में बिथरी चैनपुर के चारनगला में पंडित भूपराम के घर डाका डालने वाले बदमाशों की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। पंडित भूपराम के घर से राजीव यादव नाम का एक बदमाश मौके पर ही पकड़ा गया था। उसने अपने कई साथियों के नाम बताए थे लेकिन बिथरी पुलिस उनमें से किसी को पकड़ नहीं पाई थी। राजीव और उसके साथी बदायूं के दातागंज इलाके के रहने वाले हैं। दातागंज के अपराध और अपराधियों के लिए बदनाम है।
क्राइम ब्रांच
एसपी क्राइम डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम में पुलिस लाइंस के कुछ सिपाही और लगाए हैं। पुराने सिपाही स्थानीय बदमाशों पर काम कर रहे हैं। पीएसी के जवान के बेटे राजू के राइट हैंड कहे जाने वाले नासिर समेत कई बदमाशों को उठाकर पूछताछ की जा चुकी है। पंखिया गैंग के बदमाश भी क्राइम ब्रांच के पास हैं। इसके अलावा रिटायर्ड सीएमओ के घर काम करने वाले हर कर्मचारी को शक की नजर से देखा जा रहा है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।
इंस्पेक्टर कैंट
नए इंस्पेक्टर आरके धारीवाल ने चार्ज लेने के बाद अभी मौका भर देखा है। पीड़ित परिवार से बात करने के बाद उन्होंने देर रात अपने स्टाफ के लोगों से भी घटना पर विचार-विमर्श किया। बभिया के बदमाशों पर भी नजर रखने को कहा है। जमानत पर गांव में खुलेआम घूमने वाले एक शातिर क्रिमिनल के बारे में भी इंस्पेक्टर ने छानबीन शुरू कराई है। नकटिया में किराए पर रहने वालों की सूची भी बनाई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हाल ही में कोई नया किराएदार तो नहीं आया है।