सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुलरेज के परिवार में जश्न
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शहर के मलूकपुर जुग्गन वाली गली निवासी ग्यारहवीं के छात्र गुलरेज खां उर्फ विक्की ने फेसबुक एकाउंट पर आजम खां के नाम से फर्जी भड़काऊ पोस्ट कर दिया था। इसको लेकर थाना गंज (रामपुर) में गुलरेज के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा लिखा गया। चूंकि मामला सरकार के मंत्री से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने आनन-फानन में गुलरेज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो दिन जेल में रहने के बाद 19 मार्च को रामपुर अदालत से उसको जमानत पर रिहा कर दिया गया। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट की धारा 66-ए को असंवैधानिक करार दे दिया। इसकी जानकारी मिलने पर गुलरेज और उसके परिवार की खुशी का ठिकाना न रहा। गुलरेज और उनका परिवार खुशियां बांटने शहर के एक होटल में पहुंच गया। यहां मीडिया कर्मियों का भी जमावड़ा लग गया। गुलरेज और उनके परिवार से इस केस के बारे में तमाम तरह के सवाल किए गए। उन्होंने तफसील से सबका जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से न सिर्फ गुलरेज बल्कि न जाने कितने और ऐसे बच्चे जिन्होंने धोखे से गलती की होगी, उन्हें राहत मिली है। इस फैसले से आईटी एक्ट में संभावित सजा के डर से तनाव में आए गुलरेज और उसके परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
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नादानी हो गई थी अब सबक मिल गया
जेल जाने पर सबक मिला कि अब सोशल मीडिया पर दोस्तों को कोई भी पोस्ट शेयर करने से पहले भविष्य के बारे में सोचूंगा। आईटी एक्ट में सजा होने का डर हमेशा सताता रहता था और मैं डिप्रेशन में आ गया। पढ़ाई चौपट होने से भविष्य अंधेरा नजर आ रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने भविष्य बचा लिया। मैं सुप्रीम कोर्ट का शुक्रगुजार हूं। नादानी में किए गए इस कृत्य के लिए मेरे ऊपर सरकार के दबाव में और भी जो धाराएं लगी हैं, उनमें भी राहत मिलनी चाहिए।
- गुलरेज खां उर्फ विक्की, आरोपी छात्र
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कभी न भुला पाएंगे वो दो रातें
मेरे बेटे से अगर अनजाने में गलती हो गई थी तो मंत्री जी उसे अपने पास बुलाकर दो थप्पड़ मारकर उसे माफ कर देते। इससे मुझे कतई अफसोस नहीं होता, लेकिन मासूम को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने वाले कृत्य से एक मां के दिल को ठेस पहुंचाई गई। बेटे ने जेल में जो दो रातें गुजारी वो हम पर कहर बनकर गुजरीं। इन रातों को कभी नहीं भुला पाएंगे और बच्चों को इनको सबक के रूप में लेकर बेवजह की बातों में पड़ने की बजाए पढ़ाई लिखाई में दिमाग लगाने के लिए कहूंगी।
- शबनम, छात्र की मां
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घर में जश्न, मोहल्ले में मिठाइयां बंटी
आईटी एक्ट की धारा से राहत मिलने पर गुलरेज के घर में ही नहीं बल्कि पूरे मोहल्ले में खुशी का माहौल था। दिन भर मीडिया वालों का घर में जमावड़ा लगा रहा। छोटा भाई अदनान भी भाई को राहत मिलने पर उछल कूद रहा था। बहन अलसा ने सबसे पहले भाई गुलरेज को मिठाई खिलाई और फिर दूसरे लोगों का मुंह मीठा कराया। उनके घर दिन भर लोगों का तांता लगा रहा। गुलरेज की मां ने कहा कि उनके बेटे से अनजाने में हुई गलती के बाद उन्होंने तमाम दुआएँ मांगी कि उनके बेटे को राहत मिले, उनकी दुआएं कबूल हुईं। अदालत से इंसाफ मिल गया है।