{"_id":"590a052e4f1c1ba874441be9","slug":"colonel-s-name-removed-from-agency-after-a-message","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक मैसेज के बाद एजेंसी से हटा कर्नल का नाम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक मैसेज के बाद एजेंसी से हटा कर्नल का नाम
Colonel's name removed from agency after a message
Updated Thu, 04 May 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
Colonel's name removed from agency after a message
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेशी हथियार और वन्य जीवों के मांस की तस्करी के आरोपी प्रशांत विश्नोई के पिता रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार के एक मैसेज के आते ही ग्रीन पार्क की सिक्योरिटी सोल्यूशन सर्विसेज से उनका नाम हटवा दिया गया। बुधवार को एजेंसी के स्टाफ की सरगर्मी से चर्चा है कि कहीं सिक्योरिटी एजेंसी के कार्यालय को शिफ्ट करने की तैयारी तो नहीं चल रही है। हालांकि स्टाफ ने इस बाबत साफ इंकार किया। एक स्टाफ ने बताया कि रिटायर्ड कर्नल का मैसेज आया था कि एजेंसी से उनका नाम हटवा दिया जाए। सिर्फ एजेंसी का नाम लिखा जाए। साफ संकेत है कि प्रशांत विश्नोई की तलाश में जुटी जांच एजेंसियों की सक्रियता के बाद रिटायर्ड कर्नल सिक्योरिटी एजेंसी से अपना नाम अलग कर रहे हैं।
बता दें कि एजेंसी के बाहर लगे बोर्ड पर सहभागी के रूप में रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार का नाम लिखा हुआ था। इसके अतिरिक्त प्रबंधक अब्दुल जाहिर खान, उप प्रबधंक आशुतोष चतुर्वेदी, प्रबंधक ऑपरेशन भगवान दास, निजी सहायक जयवीर सिंह यादव के नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस लिखा हुआ था। पूछताछ के लिए पूर्व हवलदार बाबू राम का परिचय दिया गया था। इतना ही नहीं, सिक्योरिटी एजेंसी ने कार्यालय के बाहर सड़क पर स्टॉपर लगवा दिए थे। जिनपर सिक्योरिटी एजेंसी के विज्ञापन लगे होते थे। इनपर भी रिटायर्ड कर्नल के नाम दर्शाया गया था। इन्हें भी बुधवार को पेंट से रंगवा दिया गया। बताया जा रहा है कि डीआरआई के छापामारी करके वन्य जीवों की खाल और मांस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों रिटायर्ड कर्नल का नेटवर्क भी खंगाल रही है।
विज्ञापन
बता दें कि एजेंसी के बाहर लगे बोर्ड पर सहभागी के रूप में रिटायर्ड कर्नल देवेंद्र कुमार का नाम लिखा हुआ था। इसके अतिरिक्त प्रबंधक अब्दुल जाहिर खान, उप प्रबधंक आशुतोष चतुर्वेदी, प्रबंधक ऑपरेशन भगवान दास, निजी सहायक जयवीर सिंह यादव के नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल एड्रेस लिखा हुआ था। पूछताछ के लिए पूर्व हवलदार बाबू राम का परिचय दिया गया था। इतना ही नहीं, सिक्योरिटी एजेंसी ने कार्यालय के बाहर सड़क पर स्टॉपर लगवा दिए थे। जिनपर सिक्योरिटी एजेंसी के विज्ञापन लगे होते थे। इनपर भी रिटायर्ड कर्नल के नाम दर्शाया गया था। इन्हें भी बुधवार को पेंट से रंगवा दिया गया। बताया जा रहा है कि डीआरआई के छापामारी करके वन्य जीवों की खाल और मांस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों रिटायर्ड कर्नल का नेटवर्क भी खंगाल रही है।
विज्ञापन