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बीना भारद्वाज के दबाव में पलट गई कहानी
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 11 Jun 2016 01:04 AM IST
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मिलक(रामपुर) में सपा नेताओं की दबंगई के आगे थाने में रोडवेज बस के कंडेक्टर सर्वेश कुमार को माफीनामा लिखकर देना भारी पड़ रहा है। पुलिस कंडेक्टर के माफीनामा को सुबूत के तौर पर पेश करके उसे गुनहगार साबित कर रही है। इसी आधार पर आईजी विजय सिंह मीना ने इस मामले में किया एफआईआर का आदेश वापस लेकर कंडेक्टर के खिलाफ ही एआरएम को जांच करने कराने को पत्र लिखा है। जबकि सच्चाई यह है कि कंडेक्टर के साथ मारपीट करने वाला होमगार्ड विभाग की सलाहकार बीना भारद्वाज के बेटा जिस एसी बस में सवार होकर आ रहा था, उसका स्टापेज ही मिलक में नहीं था।
बुधवार को दिल्ली से बरेली आ रही रोडवेज की एसी बस नंबर यूपी 25 बीटी-6912 में कौशांबी से बीना भारद्वाज के बेटे सवार थे। मिलक बाईपास पर उनको उतरने को कहा लेकिन वह गाड़ी को शहर के अंदर ले जाने की जिद करने लगे। कंडक्टर सर्वेश कुमार ने साफ कहा कि एसी बस को मिलक के अंदर लेने के आदेश नहीं है। इसी दौरान मोबाइल पर फोन करके बीना भारद्वाज के बेटे ने सपा का झंडा लगी स्कॉर्पियो में सवार अपने साथी बुला लिए। जिन्होंने लात घूंसों से जमकर पीटकर घायल कर दिया। घटना की सूचना पर बीना भारद्वाज भी थाने पहुंच गईं। सपाईयों ने थाने में ही कंडेक्टर से माफीनामा लिखा लिया। बृहस्पतिवार को कंडेक्टर ने आईजी विजय सिंह मीना से मिलकर अपना दर्द सुनाया तो उन्होंने एसपी रामपुर को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया है। तहरीर में बीना भारद्वाज पर भी गंभीर आरोप थे। शुक्रवार को सपाईयों के दबाव में कंडेक्टर की पिटाई की कहानी ही पलट गई। आईजी ने बताया कि कंडेक्टर ने उन्हें गुमराह किया। वह तो थाने में माफीनामा लिखकर दे आया था। 24 जनवरी 2016 को एआरएम का आदेश है कि बस को अंदर से लेकर आया है। जबकि एआरएम का आदेश एसी बसों पर लागू नहीं होता। बीना भारद्वाज का बेटा जिस बस में बैठा था। उसका चालक बस मिलक से होकर बरेली लाने के लिए बाध्य नहीं था। बीना भारद्वाज का बेटा गलत ढंग से बस में बैठकर दबंगई कर रहा था।
आरएम बोले, हमारे पास नहीं आया कंडेक्टर
-उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभाकर मिश्रा भी कंडेक्टर की ही गलती बता रहे हैं। उन्होंने यह तो कहा कि एसी बसों को रामपुर से होकर तो लाया जा सकता है, लेकिन मिलक से निकालने की बाध्यता नहीं है, लेकिन कंडेक्टर की इस बात से बेहद खफा थे कि वह इतना सब कुछ होने के बाद उनके पास क्यों नहीं आया। जब उसने यह सवाल किया गया कि पिटने के बाद वह थाने गया था। वहां उससे माफीनामा लिखवा लिया गया। जबकि वह अपनी जगह सही था। इसमें आपने क्या किया। इस पर भड़क गए, कहने लगे हमारे पास तो उसे आना ही चाहिए था।
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बुधवार को दिल्ली से बरेली आ रही रोडवेज की एसी बस नंबर यूपी 25 बीटी-6912 में कौशांबी से बीना भारद्वाज के बेटे सवार थे। मिलक बाईपास पर उनको उतरने को कहा लेकिन वह गाड़ी को शहर के अंदर ले जाने की जिद करने लगे। कंडक्टर सर्वेश कुमार ने साफ कहा कि एसी बस को मिलक के अंदर लेने के आदेश नहीं है। इसी दौरान मोबाइल पर फोन करके बीना भारद्वाज के बेटे ने सपा का झंडा लगी स्कॉर्पियो में सवार अपने साथी बुला लिए। जिन्होंने लात घूंसों से जमकर पीटकर घायल कर दिया। घटना की सूचना पर बीना भारद्वाज भी थाने पहुंच गईं। सपाईयों ने थाने में ही कंडेक्टर से माफीनामा लिखा लिया। बृहस्पतिवार को कंडेक्टर ने आईजी विजय सिंह मीना से मिलकर अपना दर्द सुनाया तो उन्होंने एसपी रामपुर को रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया है। तहरीर में बीना भारद्वाज पर भी गंभीर आरोप थे। शुक्रवार को सपाईयों के दबाव में कंडेक्टर की पिटाई की कहानी ही पलट गई। आईजी ने बताया कि कंडेक्टर ने उन्हें गुमराह किया। वह तो थाने में माफीनामा लिखकर दे आया था। 24 जनवरी 2016 को एआरएम का आदेश है कि बस को अंदर से लेकर आया है। जबकि एआरएम का आदेश एसी बसों पर लागू नहीं होता। बीना भारद्वाज का बेटा जिस बस में बैठा था। उसका चालक बस मिलक से होकर बरेली लाने के लिए बाध्य नहीं था। बीना भारद्वाज का बेटा गलत ढंग से बस में बैठकर दबंगई कर रहा था।
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आरएम बोले, हमारे पास नहीं आया कंडेक्टर
-उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभाकर मिश्रा भी कंडेक्टर की ही गलती बता रहे हैं। उन्होंने यह तो कहा कि एसी बसों को रामपुर से होकर तो लाया जा सकता है, लेकिन मिलक से निकालने की बाध्यता नहीं है, लेकिन कंडेक्टर की इस बात से बेहद खफा थे कि वह इतना सब कुछ होने के बाद उनके पास क्यों नहीं आया। जब उसने यह सवाल किया गया कि पिटने के बाद वह थाने गया था। वहां उससे माफीनामा लिखवा लिया गया। जबकि वह अपनी जगह सही था। इसमें आपने क्या किया। इस पर भड़क गए, कहने लगे हमारे पास तो उसे आना ही चाहिए था।
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