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बरेली में कबूतरबाजों का जाल
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:38 AM IST
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विदेश में नौकरी दिलाने के बहाने से ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। वह बेरोजगारी से तंग मध्यम वर्गीय परिवार के लड़कों विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये ठग लेते हैं। विदेश में जाने के बाद लड़कों को यातनाएं झेलनी पड़ती है। तमाम पढ़े-लिखे लड़के तो विदेशों में कैदी की तरह जीवन गुजार रहे हैं। उसने तपती धूप में गुलामों की तरह पत्थर तुड़वाए जाते हैं। बिल्डिंगों में मजदूरी कराई जाती है। उन लोगों को भरपेट खाने को भी नहीं मिल पा रहा है।
केस-एक
ओमान से जान बचाकर लौटा वसीम
बरेली। ओमान में कमाकर घर बनाने का सपना लेकर गए कुंवरपुर जसौली के वसीम को वहां से जान बचाकर देश लौटना पड़ा। वह मोहल्ले के लोगों के कर्जा लेकर विदेश गया था। बहन से जेवर भी वसीम को विदेश भेजने के लिए उसकी मां ने गिरवीं रखवा दिए थे।
किला के मोहल्ला कुंवरपुर जसौली की कमरुल निशां ने बताया कि सहवानी टोला, बारादरी के रहने वाले परवेज की उनके घर से सामने ननिहाल है। वह ननिहाल आता था, इस दौरान मुलाकात होने पर कहने लगा मैं एजेंट हूं। नौकरी के लिए विदेश भिजवाने का काम करता हूं। जगतपुर के वसीम उसे सऊदी अरब से वीजा मंगाकर देते हैं। मेरा ऑफिस दिल्ली में है। मोहल्ला जखीरा में रहने वाला इकरार उसका रिश्ते का साला है। वह भी हमारे साथ काम करता है। तुम्हारे लड़के को फर्नीचर का काम करने के लिए ओमान भिजवा दूंगा। वहां 150 रियाल मिलेंगे तो घर बन जाएगा। कमरुल निशां ने बताया कि वह टीन डालकर परिवार के साथ रहती है। बरसात के दिनों में रात को उसका परिवार सो नहीं पाता है। सोचा था बेटा कमाकर लाएगा तो स्थिति सुधर जाएगी। इसलिए उसने परवेज के कहने पर बेटे को ओमान भेजने के लिए एक लाख 35 हजार रुपये कर्जा करके दे दिए। बेटी का जेवर भी गिरवीं रखकर तीस हजार रुपये लिए। परवेज ने वसीम को वहां ऐसे व्यक्ति को सौंप दिया कि उसने कारपेंटर का काम कराने के बजाए एक बिल्डिंग में सरिए का जाल बनाने में लगा दिया। जुल्म करके उस व्यक्ति ने वसीम से तपती धूप में काम कराया तो वह बीमार हो गया। जंगल में पत्थर ढुलवाए। किसी तरह से वसीम वहां से जान बचाकर तो आ गया, लेकिन अब कर्जा देने वाले उसे परेशान कर रहे हैं। परवेज ने इस तरह ठगी का गैंग बना रखा है। उसकी पत्नी रानी और मुन्ने की मजार के पास गली में रहने वाली अफसाना भी गैंग में शामिल हैं। पीड़िता ने पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत करके परवेज से अपने रुपये वापस मंगाने को कहा है।
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केस-दो
सऊदी अरब में कैद है तौसीफ
बरेली। थाना कैंट के कस्बा ठिरिया निजावत खां के अच्छे खां ने प्रभारी निरीक्षक से शिकायत करके बताया है कि उसका बेटा सऊदी अरब में कैदियों की तरह जीवन गुजार रहा है। उस पर जुल्म किए जा रहे हैं।
अच्छे खां ने बताया कि उसका बेटा चार साल पहले सऊदी अरब गया था। उसके बेेचे को मोहल्ले के ही नौशाद, फरियाद ने फर्जी वीजा देकर विदेश भेजा था। तौसीफ को विदेश भिजवाने के लिए दो लाख रुपये लिए थे। विदेश में नौकरी के नाम पर तौसीफ पर जुल्म किए जा रहे हैं। जिस काम के लिए उसे भेजा गया था। उससे वह काम कराने के बजाए मजदूरी कराई जा रही है।
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केस-एक
ओमान से जान बचाकर लौटा वसीम
बरेली। ओमान में कमाकर घर बनाने का सपना लेकर गए कुंवरपुर जसौली के वसीम को वहां से जान बचाकर देश लौटना पड़ा। वह मोहल्ले के लोगों के कर्जा लेकर विदेश गया था। बहन से जेवर भी वसीम को विदेश भेजने के लिए उसकी मां ने गिरवीं रखवा दिए थे।
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किला के मोहल्ला कुंवरपुर जसौली की कमरुल निशां ने बताया कि सहवानी टोला, बारादरी के रहने वाले परवेज की उनके घर से सामने ननिहाल है। वह ननिहाल आता था, इस दौरान मुलाकात होने पर कहने लगा मैं एजेंट हूं। नौकरी के लिए विदेश भिजवाने का काम करता हूं। जगतपुर के वसीम उसे सऊदी अरब से वीजा मंगाकर देते हैं। मेरा ऑफिस दिल्ली में है। मोहल्ला जखीरा में रहने वाला इकरार उसका रिश्ते का साला है। वह भी हमारे साथ काम करता है। तुम्हारे लड़के को फर्नीचर का काम करने के लिए ओमान भिजवा दूंगा। वहां 150 रियाल मिलेंगे तो घर बन जाएगा। कमरुल निशां ने बताया कि वह टीन डालकर परिवार के साथ रहती है। बरसात के दिनों में रात को उसका परिवार सो नहीं पाता है। सोचा था बेटा कमाकर लाएगा तो स्थिति सुधर जाएगी। इसलिए उसने परवेज के कहने पर बेटे को ओमान भेजने के लिए एक लाख 35 हजार रुपये कर्जा करके दे दिए। बेटी का जेवर भी गिरवीं रखकर तीस हजार रुपये लिए। परवेज ने वसीम को वहां ऐसे व्यक्ति को सौंप दिया कि उसने कारपेंटर का काम कराने के बजाए एक बिल्डिंग में सरिए का जाल बनाने में लगा दिया। जुल्म करके उस व्यक्ति ने वसीम से तपती धूप में काम कराया तो वह बीमार हो गया। जंगल में पत्थर ढुलवाए। किसी तरह से वसीम वहां से जान बचाकर तो आ गया, लेकिन अब कर्जा देने वाले उसे परेशान कर रहे हैं। परवेज ने इस तरह ठगी का गैंग बना रखा है। उसकी पत्नी रानी और मुन्ने की मजार के पास गली में रहने वाली अफसाना भी गैंग में शामिल हैं। पीड़िता ने पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत करके परवेज से अपने रुपये वापस मंगाने को कहा है।
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केस-दो
सऊदी अरब में कैद है तौसीफ
बरेली। थाना कैंट के कस्बा ठिरिया निजावत खां के अच्छे खां ने प्रभारी निरीक्षक से शिकायत करके बताया है कि उसका बेटा सऊदी अरब में कैदियों की तरह जीवन गुजार रहा है। उस पर जुल्म किए जा रहे हैं।
अच्छे खां ने बताया कि उसका बेटा चार साल पहले सऊदी अरब गया था। उसके बेेचे को मोहल्ले के ही नौशाद, फरियाद ने फर्जी वीजा देकर विदेश भेजा था। तौसीफ को विदेश भिजवाने के लिए दो लाख रुपये लिए थे। विदेश में नौकरी के नाम पर तौसीफ पर जुल्म किए जा रहे हैं। जिस काम के लिए उसे भेजा गया था। उससे वह काम कराने के बजाए मजदूरी कराई जा रही है।