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बांग्लादेश की महिला से जबरन करा रहा था शादी, पकड़ा गया

Fri, 30 Sep 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Fri, 30 Sep 2016 01:46 AM IST
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बरेली/आंवला। बांग्लादेशी महिला को मेहमानदारी में आंवला बुलाकर जबरन शादी की कोशिश विफल हो गई। शादी कराने वालों के चंगुल से भागी महिला को गुरुवार शाम जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने की कोशिश की तो वह बाइक से कूद पड़ी। ग्रामीणों ने महिला को बचाया और आरोपी को पकड़ लिया। मोतीपुरा में बृहस्पतिवार शाम बाइक पर दो लोग एक महिला को लेकर जा रहे थे। चौराहे पर ग्रामीमों की भीड़ देखकर महिला बाइक से कूद गई और चीखने लगी। ग्रामीणों ने बाइक सवार लोगों को भी पकड़ लिया। यह लोग कुछ बता नहीं रहे थे और महिला की भाषा किसी को समझ नहीं आ रही थी। ग्रामीणों ने हलका दरोगा बृजभान सिंह को बुला लिया। सेंधा से बंगाली चिकित्सक को बुलाया गया तो उन्होंने महिला से बात की। पता लगा कि महिला का नाम जयंती है और वह बांग्लादेश के जिला सपाकिरन के थाना बसरा के गांव खुसकरी की निवासी है। बाइक चला रहा व्यक्ति किटौना गांव का राकेश और पीछे बैठा युवक उसका भतीजा धर्मेंद्र निकला। जयंती ने राकेश पर उसे बहाने से लाकर जबरन शादी की कोशिश का आरोप लगाया और धर्मेंद्र को क्लीनचिट दे दी। कहा कि तीन दिन से भूखी थी। धर्मेंद्र ही छिपकर कुछ खिला देता था। बृहस्पतिवार तड़के वह अपनी दुधमुंही बेटी को लेकर भाग आई। यहां गांवों में मदद को भटक रही थी कि शाम के वक्त राकेश ने उसे फिर खोज लिया और जबरन घर ले जा रहा था। 
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दरोगा ने महिला को गांव की महिलाओं की सुपुर्दगी में दे दिया तो धर्मेंद्र को बुलाने पर हाजिर होने की बात कहकर घर जाने दिया। देर रात वह राकेश को लेकर कोतवाली आए। यहां बंद कमरे में कोतवाल बृजराज सिंह ने उससे बात की।
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सूत्रों के मुताबिक राकेश ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी बीस साल पहले बिसौली के पृथ्वीपुर निवासी सूरजमुखी से हुई थी। उसके कोई संतान नहीं थी। इसे लेकर वह परेशान रहता था। बताया कि कंधरपुर निवासी उसके परिचित पप्पू उसका परिचित है। पप्पू की पत्नी नीतू बांग्लादेश की है। नीतू ने उसे सलाह दी कि उसकी चचेरी बहन जयंती से वह उसकी शादी करा सकती है। राकेश नीतू के साथ दो महीने भर पहले बांग्लादेश गया तो पता लगा कि जयंती की शादी हो चुकी है, उसके दो माह की एक बेटी भी है। राकेश की मानें तो नीतू ने जयंती को कुछ दिन अपने यहां रहने की दावत दी और बहाने से उसे साथ ले आई। यहां उसे राकेश के हवाले कर दिया। राकेश जयंती को अपने घर में बंधक बनाकर रखे था और शादी का दबाव डाल रहा था। वहीं जयंती कह रही थी कि वह शादीशुदा और एक बेटी की मां है, इसलिए शादी नहीं कर सकती।
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23 हजार देकर किया बार्डर पार
राकेश ने पुलिस को बताया कि बांग्लादेश तक आने जाने में उसकी करीब साठ हजार रुपये खर्च हो गए। इसमें से 23 हजार की रकम एक दलाल ने ली और जयंती समेत उन्हें बार्डर पार कराने में मदद की। पप्पू भी उसके रुपये पर मौज उड़ा रहा था। हालांकि उसने सफाई दी कि जयंती के साथ कोई जोर जबर्दस्ती नहीं कर रहा था।

अभी इस मामले में तस्वीर साफ नहीं है। महिला से जानकारी करने के साथ राकेश से भी पूछताछ की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 
- बृजराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक आंवला
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