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बहेड़ी में अवैध स्लाटरिंग के खिलाफ अभियान चलाएगा प्रशासन

Tue, 28 Feb 2017 01:39 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Tue, 28 Feb 2017 01:39 AM IST
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Bahedi will run the administration in the campaign against illegal Slatring
Bahedi will run the administration in the campaign against illegal Slatring - फोटो : बरेली, अमर उजाला
मासूमों पर खूंखार कुत्तों के लगातार हमले से हरकत में आए प्रशासन ने एक बार फिर अभियान चलाने का निर्णय लिया है। सोमवार को एसडीएम कुंवर पंकज ने बैठक कर मांस की अवैध दुकानों और घरों में चल रहे स्लाटर हाउसों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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तहसील परिसर में हुई बैठक में एसडीएम ने कहा कि जिनके पास मांस बेचने का लाइसेंस है वे नियमों के तहत मोहर लगा मांस ही बेचेंगे। दुकानों पर चिक होगी और मांस पर लाल रंग का कपड़ा रखना अनिवार्य होगा। घरों में चल रहे अवैध स्लाटर हाउसों को बंद करने के लिए नगर पालिका की टीम के साथ पुलिस की टीम भी रहेगी। घरों में पशु कटान करने वालों के खिलाफ मुकदमे कायम किए जाएंगे। गांवों में मुनादी कराई जाएगी कि मृत मासूमों के शवों को निचली सतह में दफन करेंगे ताकि आवारा कुत्ते उन तक न पहुंच पाएं।  
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पशु चिकित्साधिकारी एके मित्तल ने कहा कि मांस के अपशिष्ट को इधर-उधर ने फेंका जाए। इन्हें खाने से कुत्ते हिंसक हो रहे हैं। वन विभाग के एसडीओ एके श्रीवास्तव ने कहा कि जहां भी कुत्तों के हमले की घटनाएं हुई हैं वन विभाग की टीम वहां जाएगी। टीम गांव-गांव जाकर मुनादी कराएगी कि लोग आवारा कुत्तों से अपने मासूमों को बचाकर रखें। बैठक में तहसीलदार जलाउद्दीन, सीओ कुलदीप सिंह, इंस्पेक्टर बृजराज सिंह, गजेंद्र त्यागी, शिव शंकर गौड़, राजेश यादव समेत टाउन एरिया और नगर पालिका के अफसर भी मौजूद रहे। 
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कुत्ते पकड़ने का काम जिला पंचायत का, हमसे क्या मतलब
खूंखार कुत्तों के हमले से दो मासूमों की मौत के बाद भी वन विभाग की टीम संजीदगी नहीं दिखा रही है। डीएम के निर्देश के बाद सोमवार को टीम यहां पहुंची तो जरूर मगर खानापूरी कर लौट गई। अफसरों ने यह कहकर ग्रामीणों को निराश कर दिया कि कुत्तों को पकड़ने का काम जिला पंचायत का है और वन विभाग का इससे कोई लेना देना नहीं है। 

वन रक्षक राजेंद्र प्रसाद सक्सेना की अगुवाई में पहुंची टीम ने जनक जागीर, जाफरपुर, खतोला हुलास कुंवर गांवों में जाकर उन स्थानों को देखा जहां कुत्तों ने बच्चों पर हमले किए। उन्होंने ग्रामीणों से कह दिया कि तीनों गांव जिला पंचायत के क्षेत्र में आते हैं इसलिए कुत्तों को पकड़ने का काम भी उसी का है। बहेड़ी में नगर पालिका कुत्तों को पकड़ने का काम कर रही है। हालांकि टीम ने छोटे बच्चों को जंगल में अकेले न भेजने की भी हिदायत भी दी। सदस्यों ने कहा कि कुत्ते मांस खाकर हिंसक बन गए हैं इसलिए अवैध स्लाटर हाउसों पर पाबंदी लर्गाई जानी चाहिए। उधर, ग्रामीणों ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि प्रशासन आदमखोर कुत्तों को पकड़ने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। जनक जागीर के प्यारे लाल राजपूत ने कहा कि वन विभाग की टीम खानापूरी कर लौट गई। खतोला के मुस्ताब अली खां ने कहा कि बहेड़ी में चार साल से कुत्ते नहीं पकड़े जा सके हैं। भोजीपुरा मे ये काम कैसे संभव है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने तो उन्हें अपने हाल पर छोड़ ही दिया है, जनप्रतिनिधियों की आंखें भी नहीं खुल रही हैं। वन विभाग की टीम में वन रक्षक भूदेव मिश्रा, चौकीदार पुत्तन लाल और रामपाल भी मौजूद रहे।
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