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एक माह बाद मां को गोद में मिला बेटा तो छलके आंसू
बरेली।
Updated Sun, 11 Jun 2017 01:17 AM IST
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A month later, Mother got her son in bed
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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दहेज को लेकर पति से अलगाव होने के बाद एक महीने तक बेटे से अलग रही मां को जब में ढाई महीने का बेटा मिला तो तृप्ति गर्ग की आंखों से आंसू निकल पकड़े। तृप्ति का कहना है कि शनिवार को बेटे को पाकर वह बहुत खुश है। रात को नींद नहीं आती थी। मोहल्ले वालों को भी जवाब नहीं दे पा रही थी। अब बेटा मेरे पास है, आगे ईश्वर जो चाहेगा वही होगा।
मोहल्ला इंद्रा नगर (बरेली) के रहने वाले अनिल गुप्ता ने 27 फरवरी को अपने साढू के कहने पर बेटी तृप्ति गर्ग की शादी मुजफ्फर नगर के मोहल्ला 106, कृष्णापुरी में रहने वाले अर्पित गर्ग के साथ हुई थी। अर्पित गर्ग दवा कंपनी में नौकरी करते हैं। आरोप है कि शादी के बाद ही ससुर मदनमोहन गर्ग, सास सुधा गर्ग ने तृप्ति को दहेज को परेशान करना शुरू कर दिया। बेटी की शादी तय होने को हुई तो सुधा ने तृप्ति के परिवार वालों से पांच लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी। बमुश्किल 50 हजार रुपये लेकर शांत हुए, लेकिन जुल्म करने फिर भी बाज नहीं आए। दहेज का विरोध करने पर तृप्ति को ससुराल वालों ने सर्दी के दिनों में घर के बाहर खड़ा कर दिया। रिश्तेदार के घर उसने रात बिताई। इसके बावजूद भी तृप्ति की ननद का रिश्ता टूट गया। तृप्ति ने बताया कि ननद का रिश्ता टूटने के बाद ससुराल वाले उग्र हो गए। चौदह मई को पति तृप्ति को बस से पुराने रोडवेज अड्डे उतारने के बाद उसके ढाई माह के बेटे रियांश को लेकर मुजफ्फर नगर चला गया। एसएसपी से शिकायत किए जाने पर मामला पुलिस परामर्श केंद्र पहुंचा। शनिवार को परामर्श केंद्र में बातचीत के बाद तृप्ति को बेटा दिला दिया गया। लिखा-पढ़ी के बाद बेटे को गोद में लेते ही मां का चेहरा खिल गया। उसने काफी देर तक उसे वहीं दुलारकर सीने से चिपका लिया।
वीडियो कालिंग के जरिए बेटे को देख सकता है पति
तृप्ति ने पति को दो महीने में एक बार बेटे को देखने आने की इजाजत दी है। परामर्श केंद्र में हुए फैसले के मुताबिक अर्पित बेटे से मिलने आ सकते हैं। वीडियो कॉलिंग के जरिए भी वह अपने बेटे को देख सकते हैं।
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मोहल्ला इंद्रा नगर (बरेली) के रहने वाले अनिल गुप्ता ने 27 फरवरी को अपने साढू के कहने पर बेटी तृप्ति गर्ग की शादी मुजफ्फर नगर के मोहल्ला 106, कृष्णापुरी में रहने वाले अर्पित गर्ग के साथ हुई थी। अर्पित गर्ग दवा कंपनी में नौकरी करते हैं। आरोप है कि शादी के बाद ही ससुर मदनमोहन गर्ग, सास सुधा गर्ग ने तृप्ति को दहेज को परेशान करना शुरू कर दिया। बेटी की शादी तय होने को हुई तो सुधा ने तृप्ति के परिवार वालों से पांच लाख रुपये की मांग करनी शुरू कर दी। बमुश्किल 50 हजार रुपये लेकर शांत हुए, लेकिन जुल्म करने फिर भी बाज नहीं आए। दहेज का विरोध करने पर तृप्ति को ससुराल वालों ने सर्दी के दिनों में घर के बाहर खड़ा कर दिया। रिश्तेदार के घर उसने रात बिताई। इसके बावजूद भी तृप्ति की ननद का रिश्ता टूट गया। तृप्ति ने बताया कि ननद का रिश्ता टूटने के बाद ससुराल वाले उग्र हो गए। चौदह मई को पति तृप्ति को बस से पुराने रोडवेज अड्डे उतारने के बाद उसके ढाई माह के बेटे रियांश को लेकर मुजफ्फर नगर चला गया। एसएसपी से शिकायत किए जाने पर मामला पुलिस परामर्श केंद्र पहुंचा। शनिवार को परामर्श केंद्र में बातचीत के बाद तृप्ति को बेटा दिला दिया गया। लिखा-पढ़ी के बाद बेटे को गोद में लेते ही मां का चेहरा खिल गया। उसने काफी देर तक उसे वहीं दुलारकर सीने से चिपका लिया।
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वीडियो कालिंग के जरिए बेटे को देख सकता है पति
तृप्ति ने पति को दो महीने में एक बार बेटे को देखने आने की इजाजत दी है। परामर्श केंद्र में हुए फैसले के मुताबिक अर्पित बेटे से मिलने आ सकते हैं। वीडियो कॉलिंग के जरिए भी वह अपने बेटे को देख सकते हैं।
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