{"_id":"5c1bf56fbdec2256b61c1af6","slug":"91545336175-bareilly-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेता की हत्या में दो को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भाजपा नेता की हत्या में दो को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। रंगदारी के विवाद में की गई भाजपा नेता की हत्या में दो लोगों को जिला जज अजय त्यागी ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साढ़े चार साल से ज्यादा समय चली सुनवाई के बाद परिवार को न्याय मिल सका।
घटना दस मार्च 2014 को हुई थी। बारादरी थाने में राजीव अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह रामवाटिका कॉलोनी के गेट नंबर दो पर रात साढ़े आठ बजे अपनी स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर छोटे भाई विवेक अग्रवाल के साथ बैठे थे। कांकरटोला निवासी दानिश उर्फ टिंकू अपने एक साथी के साथ आया और उनसे रंगदारी मांगने लगा। वह काफी समय से उनसे रुपये मांग रहा था। मना किया तो जान से मारने की धमकी दी। इसे सुनकर चौकीदार रामदास भी वहां आ गया। तब टिंकू ने कमर से तमंचा निकालकर भाई विवेक को गोली मार दी और भाग गए। दिल्ली के मेदांता अस्पताल में सत्रहवें दिन मौत हो गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील धीरेंद्र वर्मा और अनिल भटनागर ने पक्ष रखा और बारह गवाह पेश किए। पुलिस ने विवेचना में टिंकू के साथी के रूप में कांकरटोला के ही निवासी सफदर को चिह्नित कर गिरफ्तार किया। अदालत ने टिंकू और सफदर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। राजीव ने बताया कि विवेक उस वक्त भाजपा सुभाष नगर मंडल के उपाध्यक्ष थे। उन्होंने फैसले पर संतोष जताया। कहा कि उनके परिवार ने सत्तापक्ष की पार्टी से जुड़े होने के बाद भी कभी मुआवजा या कोई अन्य लाभ नहीं मांगा। हत्यारों को सजा हुई यही काफी है।
विज्ञापन
घटना दस मार्च 2014 को हुई थी। बारादरी थाने में राजीव अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह रामवाटिका कॉलोनी के गेट नंबर दो पर रात साढ़े आठ बजे अपनी स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर छोटे भाई विवेक अग्रवाल के साथ बैठे थे। कांकरटोला निवासी दानिश उर्फ टिंकू अपने एक साथी के साथ आया और उनसे रंगदारी मांगने लगा। वह काफी समय से उनसे रुपये मांग रहा था। मना किया तो जान से मारने की धमकी दी। इसे सुनकर चौकीदार रामदास भी वहां आ गया। तब टिंकू ने कमर से तमंचा निकालकर भाई विवेक को गोली मार दी और भाग गए। दिल्ली के मेदांता अस्पताल में सत्रहवें दिन मौत हो गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील धीरेंद्र वर्मा और अनिल भटनागर ने पक्ष रखा और बारह गवाह पेश किए। पुलिस ने विवेचना में टिंकू के साथी के रूप में कांकरटोला के ही निवासी सफदर को चिह्नित कर गिरफ्तार किया। अदालत ने टिंकू और सफदर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। राजीव ने बताया कि विवेक उस वक्त भाजपा सुभाष नगर मंडल के उपाध्यक्ष थे। उन्होंने फैसले पर संतोष जताया। कहा कि उनके परिवार ने सत्तापक्ष की पार्टी से जुड़े होने के बाद भी कभी मुआवजा या कोई अन्य लाभ नहीं मांगा। हत्यारों को सजा हुई यही काफी है।
विज्ञापन