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एसपी ट्रैफिक पर हमला करने वाले तीन सिपाही बर्खास्त
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:20 AM IST
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सितंबर, 2010 में तत्कालीन एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना पर हमला करने वाले ट्रैफिक के तीनों सिपाहियों को एसएसपी मुनिराज जी. ने फिर से बर्खास्त कर दिया है। पिछले दिनों हाईकोर्ट के आदेश पर इन बर्खास्त सिपाहियों को बहाल कर दिया गया था। इसके बाद अब नियमानुसार उन्हें बर्खास्त किया गया है।
सितंबर, 2010 में ट्रैफिक सिपाहियों के अवैध वसूली करने की सूचना पर तत्कालीन एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना नकटिया पहुंची थीं। वहां ट्रैफिक के सिपाही रविंद्र सिंह, रावेंद्र सिंह और मनोज कार में बैठकर ट्रकों से वसूली कर रहे थे। एसपी ट्रैफिक उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़ीं तो सिपाही कार लेकर भागने लगे। इस पर एसपी ट्रैफिक ने कार का गेट पकड़ लिया। उनके लटके होने के बावजूद आरोपी सिपाहियों ने कार नहीं रोकी। इससे वह काफी दूर तक घिसटती चली गईं। जब वह गिर गईं तो सिपाही कार लेकर भाग गए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एसएसपी ने तीनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया था, लेकिन वे हाईकोर्ट चले गए और अपनी बर्खास्तगी को नियमानुसार न बताकर बहाली का अनुरोध किया। इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि सिपाहियों को बहाल किया जाए फिर उन्हें नियमानुसार बर्खास्त किया जाए। करीब छह महीने पहले तीनों बहाल हो गए। इसके बाद एसपी क्राइम ने दोबारा मामले की विभागीय जांच की। इसके बाद मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई और फिर तीनों को बर्खास्त कर दिया गया।
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सितंबर, 2010 में ट्रैफिक सिपाहियों के अवैध वसूली करने की सूचना पर तत्कालीन एसपी ट्रैफिक कल्पना सक्सेना नकटिया पहुंची थीं। वहां ट्रैफिक के सिपाही रविंद्र सिंह, रावेंद्र सिंह और मनोज कार में बैठकर ट्रकों से वसूली कर रहे थे। एसपी ट्रैफिक उन्हें पकड़ने के लिए आगे बढ़ीं तो सिपाही कार लेकर भागने लगे। इस पर एसपी ट्रैफिक ने कार का गेट पकड़ लिया। उनके लटके होने के बावजूद आरोपी सिपाहियों ने कार नहीं रोकी। इससे वह काफी दूर तक घिसटती चली गईं। जब वह गिर गईं तो सिपाही कार लेकर भाग गए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एसएसपी ने तीनों सिपाहियों को बर्खास्त कर दिया था, लेकिन वे हाईकोर्ट चले गए और अपनी बर्खास्तगी को नियमानुसार न बताकर बहाली का अनुरोध किया। इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि सिपाहियों को बहाल किया जाए फिर उन्हें नियमानुसार बर्खास्त किया जाए। करीब छह महीने पहले तीनों बहाल हो गए। इसके बाद एसपी क्राइम ने दोबारा मामले की विभागीय जांच की। इसके बाद मामले की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी गई और फिर तीनों को बर्खास्त कर दिया गया।
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