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छह साल की मासूम चरस बेचेगी तो इज्जतनगर की ‘इज्जत’ कैसे बचेगी
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बरेली। जिस उम्र में मासूम के हाथों में स्कूल की किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में नशे की धंधेबाज मां ने उसके हाथों में नशे की पुड़िया थमा दी। मिनी बाईपास की एक कॉलोनी में एक महिला इज्जतनगर पुलिस से सांठगांठ कर धड़ल्ले से नशे का धंधा कर रही है। खुद हिसाब किताब रखती है और बेटी से लेनदेन कराती है। लोग कहते हैं कि चीता पुलिस यहां लगातार चक्कर भी लगाती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। धंधे से परेशान होकर लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
इज्जतनगर पुलिस की इज्जत पर एक और सवाल खड़ा हो गया है। उसी के इलाके में मिनी बाईपास पर सैदपुर बीडीए कॉलोनी में ‘चच्ची’ के नाम से मशहूर एक महिला पुलिस की सांठगांठ कर नशे का धंधा कर रही है। चरस-गांजे की पुड़िया ग्राहकों को देने और उनसे पैसे लेने का काम उसकी छह वर्षीय बेटी करती है। ‘चच्ची’ ने खुद निगरानी का जिम्मा संभाल रखा है। ‘चच्ची’ पचास रुपये की पुड़िया में चरस, गांजा और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ बेचती है। पुड़िया में भरे माल की कोई गारंटी नहीं लेती। सुबह से शाम तक बिल्डिंग के बाहर लड़कों की भीड़ जमा रहती है। पहली मंजिल के जीने में बैठकर ‘चच्ची’ बाहर नजर रखती हैं और उसकी मासूम बेटी एक थैले में रखी पुड़िया निकाल-निकालकर ग्राहकों को देती है।
‘चच्ची’ का पति टेंपो चालक है। परिवार कुछ वक्त पहले ही मठकमलनैनपुर से यहां शिफ्ट हुआ है। बताया जाता है कि ‘चच्ची’ इससे पहले एक निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी थी। लेकिन प्रबंधन से झगड़ा होने के बाद काम छोड़ दिया। पास ही रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि कई बार इज्जतनगर पुलिस से महिला की शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। बताया जाता है कि करीब एक महीना पहले कर्मचारी नगर चौकी पुलिस ने उसे माल समेत पकड़ा था। लेकिन कुछ देर बैठाकर सांठगांठ की और वहीं से छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक ‘चच्ची’ दिन भर में करीब 70-80 पुड़िया बेचती है। अक्सर चीता पुलिस चक्कर लगाती है, लेकिन थोड़ी देर रुककर हंसी मजाक करके चली जाती है। सूत्रों के अनुसार इज्जतनगर पुलिस का भी हिस्सा बंधा होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती।
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इज्जतनगर थाना क्षेत्र में किसी महिला के नशे का धंधा करने की कोई सूचना नहीं है। अगर ऐसा है तो पुलिस मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
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इज्जतनगर पुलिस की इज्जत पर एक और सवाल खड़ा हो गया है। उसी के इलाके में मिनी बाईपास पर सैदपुर बीडीए कॉलोनी में ‘चच्ची’ के नाम से मशहूर एक महिला पुलिस की सांठगांठ कर नशे का धंधा कर रही है। चरस-गांजे की पुड़िया ग्राहकों को देने और उनसे पैसे लेने का काम उसकी छह वर्षीय बेटी करती है। ‘चच्ची’ ने खुद निगरानी का जिम्मा संभाल रखा है। ‘चच्ची’ पचास रुपये की पुड़िया में चरस, गांजा और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ बेचती है। पुड़िया में भरे माल की कोई गारंटी नहीं लेती। सुबह से शाम तक बिल्डिंग के बाहर लड़कों की भीड़ जमा रहती है। पहली मंजिल के जीने में बैठकर ‘चच्ची’ बाहर नजर रखती हैं और उसकी मासूम बेटी एक थैले में रखी पुड़िया निकाल-निकालकर ग्राहकों को देती है।
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‘चच्ची’ का पति टेंपो चालक है। परिवार कुछ वक्त पहले ही मठकमलनैनपुर से यहां शिफ्ट हुआ है। बताया जाता है कि ‘चच्ची’ इससे पहले एक निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी थी। लेकिन प्रबंधन से झगड़ा होने के बाद काम छोड़ दिया। पास ही रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि कई बार इज्जतनगर पुलिस से महिला की शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। बताया जाता है कि करीब एक महीना पहले कर्मचारी नगर चौकी पुलिस ने उसे माल समेत पकड़ा था। लेकिन कुछ देर बैठाकर सांठगांठ की और वहीं से छोड़ दिया। सूत्रों के मुताबिक ‘चच्ची’ दिन भर में करीब 70-80 पुड़िया बेचती है। अक्सर चीता पुलिस चक्कर लगाती है, लेकिन थोड़ी देर रुककर हंसी मजाक करके चली जाती है। सूत्रों के अनुसार इज्जतनगर पुलिस का भी हिस्सा बंधा होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती।
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इज्जतनगर थाना क्षेत्र में किसी महिला के नशे का धंधा करने की कोई सूचना नहीं है। अगर ऐसा है तो पुलिस मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी